भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की रोमांचक वनडे श्रृंखला का आगाज 27 सितंबर से होने जा रहा है। श्रृंखला का पहला मुकाबला तिरुवनंतपुरम में रविवार को खेला जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित दौरे से पहले वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने खुलकर बात की है और इस चुनौती को अपनी टीम के लिए एक बड़ा पैमाना बताया है। उन्होंने कहा कि यह श्रृंखला इस बात का सटीक आकलन करेगी कि उनकी टीम इस समय वनडे प्रारूप में किस पायदान पर खड़ी है और उसमें अभी कितना सुधार किए जाने की गुंजाइश बाकी है। वेस्टइंडीज की टीम लंबे समय से भारतीय जमीन पर वनडे श्रृंखला जीतने में कामयाब नहीं हो पाई है, ऐसे में मेहमान टीम के पास इस सूखे को समाप्त करने का यह एक स्वर्णिम अवसर है।
भारत में दो दशकों से अधिक समय से श्रृंखला जीतने का इंतजार
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डैरेन सैमी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वेस्टइंडीज ने भारत की धरती पर पिछले 24 वर्षों से कोई भी वनडे श्रृंखला अपने नाम नहीं की है। यह लंबा अंतराल मेहमान टीम के इतिहास में एक बड़ी चुनौती की तरह है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार खिलाड़ियों के पास एक बेहतरीन मौका है कि वे भारतीय परिस्थितियों में अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करें और इस 24 साल के लंबे इंतजार को हमेशा के लिए खत्म कर दें। कोच का मानना है कि इस तरह के कड़े मुकाबले ही किसी भी टीम के वास्तविक स्तर और उसकी तैयारियों की सही तस्वीर सामने लाते हैं।
बड़े आईसीसी टूर्नामेंट जीतने के लिए भारत को हराना जरूरी
वेस्टइंडीज की टीम आगामी 2027 के वर्ल्ड कप के लिए सीधे तौर पर क्वालीफाई करने में असफल रही है, जिसके चलते उन्हें अगले साल की शुरुआत में होने वाले क्वालीफायर मुकाबलों का कठिन रास्ता तय करना होगा। इसी संदर्भ में डैरेन सैमी ने माना कि भारत के खिलाफ यह तीन मैचों की श्रृंखला उनकी आगामी तैयारियों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर किसी भी टीम को सीमित ओवरों के क्रिकेट में कोई बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट जीतना है, तो उसे हर हाल में भारत को मात देनी ही होगी। भारत को उसी के घरेलू मैदान और परिस्थितियों में हराना किसी भी टीम के लिए अपने कौशल को परखने का सबसे बड़ा पैमाना होता है।
क्वालीफायर मुकाबलों से पहले टीम को मजबूत करना है मुख्य लक्ष्य
डैरेन सैमी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बताया कि यदि उनकी टीम भारतीय सरजमीं पर शानदार खेल दिखाने में सफल रहती है और मुकाबला जीतती है, तो इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी ताकत का सटीक अंदाजा लग जाएगा। उन्होंने दोहराया कि फरवरी में खेले जाने वाले महत्वपूर्ण क्वालीफायर मुकाबलों से पहले उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता टीम के प्रदर्शन में निरंतरता लाना और कमियों को दूर करना है। मेहमान टीम का पूरा फोकस इन मुकाबलों को जीतकर 2027 के वर्ल्ड कप के मुख्य दौर में अपनी जगह सुरक्षित करने पर टिका हुआ है।



















