महिला टेनिस के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट बिली जीन किंग कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में चेकिया ने स्पेन के खिलाफ शानदार शुरुआत करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। चेकिया के खिलाड़ियों ने कोर्ट पर जबरदस्त खेल का मुजाहिरा पेश किया और शुरुआती दोनों सिंगल्स मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करके स्पेन को मुकाबले से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इन दो शुरुआती जीतों के साथ ही चेकिया ने 2-0 की निर्णायक और अजेय बढ़त बनाकर खिताबी मुकाबले का टिकट पक्का किया। टेनिस प्रेमियों ने इस कड़े सेमीफाइनल मुकाबले का रोमांच वीटो ओटीटी पर देखा।
मारी बौजकोवा ने चेकिया को दिलाई पहली जीत
सेमीफाइनल मुकाबले की शुरुआत में पहले सिंगल्स मैच में चेकिया की तरफ से मारी बौजकोवा कोर्ट पर उतरीं, जहां उनके सामने स्पेन की जेसिका बाउजस मनेइरो की चुनौती थी। इस पहले मुकाबले में मारी बौजकोवा ने शुरू से ही खेल की रफ्तार पर नियंत्रण बनाए रखा। उन्होंने अपनी सधी हुई और सटीक सर्विस के साथ-साथ बेसलाइन से लगातार मजबूत शॉट खेलकर स्पेन की खिलाड़ी को दबाव में रखा। जेसिका बाउजस मनेइरो ने कई मौकों पर वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन बौजकोवा ने अहम मौकों पर अंक नहीं गंवाए। कड़े मुकाबले के बाद मारी बौजकोवा ने सीधे सेटों में 6-4, 7-5 से जीत दर्ज कर चेकिया को 1-0 से आगे कर दिया।
लिंडा नोस्कोवा के आक्रामक खेल से पक्की हुई निर्णायक बढ़त
टाई के दूसरे सिंगल्स मैच में चेकिया की स्टार खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा का मुकाबला स्पेन की क्रिस्टिना बुक्सा से हुआ। नोस्कोवा ने पहले गेम से ही बेहद आक्रामक शैली अपनाई और कोर्ट के हर कोने से बेहतरीन शॉट लगाते हुए मैच पर अपना पूरा दबदबा कायम कर लिया। पहले सेट में उन्होंने क्रिस्टिना बुक्सा को बिल्कुल भी संभलने का मौका नहीं दिया और बेहद एकतरफा अंदाज में सेट अपने पक्ष में कर लिया। दूसरे सेट में क्रिस्टिना बुक्सा ने जोरदार वापसी की कोशिश की और खेल को टाईब्रेकर तक खींच ले गईं। हालांकि, नोस्कोवा ने दबाव के पलों में अपनी मानसिक मजबूती का परिचय दिया और 6-2, 7-6 से मुकाबला जीतकर चेकिया को अजेय बढ़त दिला दी।
18 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंचे स्पेन का सफर समाप्त
लगातार दोनों सिंगल्स मुकाबले अपने नाम करने के बाद चेकिया ने स्पेन पर 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली, जिससे बाकी मैचों की औपचारिकता से पहले ही टीम का फाइनल में पहुंचना तय हो गया। स्पेन की टीम ने 18 साल के लंबे इंतजार के बाद इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल का सफर तय किया था, लेकिन इस बार उनका खिताब जीतने का सपना यहीं टूट गया। दूसरी तरफ, चेकिया की टीम अब अपने इतिहास का 12वां बिली जीन किंग कप खिताब अपने नाम करने से सिर्फ एक कदम की दूरी पर खड़ी है।



















