भारतीय घरेलू क्रिकेट में कई ऐसे होनहार खिलाड़ी रहे हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने के लिए बमुश्किल एक या दो मुकाबले मिले और उसके बाद वे राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों से ओझल हो गए। इस लंबी सूची में मध्यक्रम के बल्लेबाज रजत पाटीदार का नाम भी शामिल है, जिन्हें सीमित मौकों के बाद राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया था। हालांकि, मौजूदा समय में भारत ए की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरे इस बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ बैक टू बैक दो अर्धशतक जड़कर चयनकर्ताओं को कड़ा संदेश दिया है और सीनियर टीम में अपनी वापसी का दावा फिर से ठोक दिया है।
ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ संकटमोचक बनकर उभरे रजत पाटीदार
रजत पाटीदार के अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय करियर की बात करें तो उन्हें भारत की सीनियर टीम के लिए वनडे खेलने का अब तक केवल एक ही अवसर मिल पाया है। यह मौका उन्हें तब मिला था जब भारतीय टीम साल 2023 में साउथ अफ्रीका के दौरे पर गई थी। दिसंबर 2023 के उस मुकाबले में रजत पाटीदार ने 22 रन बनाए थे, परंतु उस मैच के समाप्त होने के बाद उन्हें राष्ट्रीय वनडे टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और तब से अब तक वे दोबारा वनडे स्क्वॉड में वापसी नहीं कर पाए हैं।
टीम इंडिया से बाहर किए जाने के बावजूद पाटीदार ने घरेलू स्तर पर लगातार पसीना बहाया और अलग-अलग मंचों पर रन बनाना जारी रखा, हालांकि सीनियर चयनकर्ताओं ने उन्हें मुख्य टीम में अवसर नहीं दिया। मौजूदा समय में जब भारत ए की टीम ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला खेल रही है और अधिकांश भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं, तब रजत पाटीदार अकेले संघर्ष करते नजर आए और उन्होंने लगातार दो मैचों में अर्धशतकीय पारियां खेलकर अपनी क्लास दिखाई।
दोनों मुकाबलों में जुझारू पारियां, लेकिन जीत से दूर रही टीम
भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच खेली जा रही इस वनडे सीरीज के पहले मैच में रजत पाटीदार ने बेहद सधी हुई बल्लेबाजी का मुजाहिरा किया था। उन्होंने 51 गेंदों का सामना करते हुए 53 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल था। शीर्ष क्रम के ढहने के बाद खेली गई यह पारी टीम के लिए बेहद अहम थी।
इसके बाद सीरीज के दूसरे मैच में भी पाटीदार का बल्ला जमकर बोला और उन्होंने 81 गेंदों में 67 रनों की जिम्मेदारी भरी पारी खेली। अपनी इस दूसरी पारी के दौरान उन्होंने तीन चौके और एक छक्का जड़ा। हालांकि दोनों ही मैचों में भारतीय टीम को जीत हासिल नहीं हो सकी और उनकी ये दोनों जुझारू पारियां मुकाबले का परिणाम बदलने के काम नहीं आ सकीं, मगर दबाव की परिस्थितियों में खेली गई इन पारियों ने चयनकर्ताओं के सामने उनकी अहमियत और तकनीक को एक बार फिर साबित कर दिया है।
टेस्ट में मिले तीन मौके, टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का अब भी इंतजार
रजत पाटीदार के संपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों पर नजर डालें तो वे अब तक भारत के लिए तीन टेस्ट मैच भी खेल चुके हैं, जहां उनके बल्ले से कुल 63 रन निकले थे। वहीं खेल के सबसे छोटे प्रारूप यानी टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्हें अब तक भारत के लिए डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ऑस्ट्रेलिया ए के गेंदबाजों के खिलाफ खेली गई ये दो लगातार अर्धशतकीय पारियां उनके लिए टीम इंडिया के बंद दरवाजे दोबारा खोलने में कितनी मददगार साबित होती हैं।



















