अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों ने निचले स्तरों से शानदार वापसी की है। दिन के निचले स्तर 3,989 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचने के बाद सर्राफा बाजार में खरीदारी का दौर लौटा और सोना 1% से ज्यादा की बढ़त दर्ज करते हुए 4,061 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया। हालिया सत्र के कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, स्पॉट मार्केट में सोना 4,074 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव 4,038 डॉलर के मुकाबले 0.88% की मजबूती को दर्शाता है। अमरीकी डॉलर और अमरीकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में तेजी के बावजूद बहुमूल्य धातुओं में आई यह तेजी निवेशकों के बदल रहे रुझान को दर्शाती है।
ऊर्जा बाजार में राहत और भू-राजनीतिक मोर्चे पर अनिश्चितता
कीमती धातुओं के लिए कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने एक सकारात्मक उत्प्रेरक का काम किया है। अमरीका के बेंचमार्क क्रूड 'वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट' (WTI) का भाव 1% से अधिक गिरकर 100.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। ऊर्जा की कीमतों में इस राहत से वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति के दबाव में कमी आने की उम्मीद जगी है। हालांकि, मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के जल्द सुलझने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शांति वार्ता रुकी हुई नजर आ रही है। अमरीका और इज़राइल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद तेहरान के खिलाफ रणनीतिक दबाव बढ़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं, जिसने बाजार में सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को बनाए रखा है।
अमरीकी मैक्रो आंकड़े और आर्थिक स्थिति का लेखा-जोखा
अमरीका से आए हालिया आर्थिक आंकड़े मिला-जुला संकेत दे रहे हैं। कॉन्फ्रेंस बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर महीने में कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स 84.2 से सुधरकर 91.7 के स्तर पर पहुंच गया। श्रम बाजार और व्यावसायिक स्थितियों को लेकर अमरीकी उपभोक्ताओं का नजरिया बेहतर हुआ है, हालांकि लंबी अवधि की मुद्रास्फीति की उम्मीदें 5.8% पर अपरिवर्तित बनी हुई हैं। दूसरी ओर, हाउसिंग सेक्टर के आंकड़े अनुमान से कमजोर रहे।
सितंबर के दौरान ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स में 1.8% की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले महीने के 0.1% के आंकड़े से काफी बेहतर है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह कंपनियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर किया जा रहा भारी खर्च है। वहीं, रोजगार के मोर्चे पर एडीपी (ADP) एम्प्लॉयमेंट चेंज का 4 सप्ताह का औसत घटकर 16.8K रह गया, जो पहले 17.5K था। यह आंकड़ा लेबर मार्केट में हल्की सुस्ती की ओर इशारा करता है।
फेडरल रिजर्व की नीति और ब्याज दरों पर कयास
केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) के आगामी नीतिगत फैसलों पर दुनिया भर के निवेशकों की नजर टिकी हुई है। प्राइम टर्मिनल के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर महीने में फेड द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी किए जाने की संभावना 83% आंकी जा रही है। हालांकि, यह संभावना पिछले सप्ताह के 90% के मुकाबले थोड़ी कम हुई है। इसके अलावा, बाजार प्रतिभागी अमरीकी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों और फेड के पसंदीदा मुद्रास्फीति संकेतक, कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
तकनीकी संकेतक और प्रमुख सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तर
तकनीकी चार्ट पर सोने के लिए सितंबर के उच्च स्तरों से खींची गई रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन 4,100 डॉलर के आसपास बनी हुई है। यदि कीमत इस स्तर को पार करती है, तो अगला लक्ष्य 4,200 डॉलर का होगा। चार्ट पर 100-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 4,219 डॉलर और 50-दिन का SMA 4,288 डॉलर पर रेजिस्टेंस के रूप में मौजूद है। लाइव मार्केट इंडिकेटर्स की बात करें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 39 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि एमएसीडी (MACD) -64.98 के स्तर पर बेयरिश क्रॉसओवर दिखा रहा है। औसत दैनिक उतार-चढ़ाव (ATR) 77.41 डॉलर बना हुआ है।
यदि कीमती धातु 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलती है, तो 3,975 डॉलर का पिछला निचला स्तर परीक्षण के दायरे में आएगा। इसके बाद 17 जुलाई का निचला स्तर 3,959 डॉलर और चालू वर्ष का सबसे निचला स्तर (YTD) 3,941 डॉलर प्रमुख सपोर्ट के रूप में काम करेंगे। मौजूदा वक्त में पहला रेजिस्टेंस R1 4,102 डॉलर तथा पहला सपोर्ट S1 4,024 डॉलर पर स्थित है।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और सोने की बुनियादी ताकत
ऐतिहासिक रूप से सोने को मूल्य संचय और विनिमय के एक भरोसेमंद माध्यम के रूप में देखा जाता रहा है। मौद्रिक अनिश्चितता के दौर में यह एक प्रमुख 'सेफ-हेवन' एसेट की भूमिका निभाता है। विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने अपनी मुद्राओं को मजबूती देने और विदेशी मुद्रा भंडार को विविधता प्रदान करने के लिए 2022 में 1,136 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा, जिसकी कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार में लगातार इजाफा कर रहे हैं।
सोने का अमरीकी डॉलर और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के साथ उलटा संबंध (इन्वर्स कोरिलेशन) होता है। जब अमरीकी डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतें मजबूत होती हैं। इसी तरह, शेयर बाजारों में बड़ी बिकवाली के दौरान सोने में तेजी का रुझान देखने को मिलता है, जबकि इक्विटी मार्केट की रैली में सोने की मांग सीमित हो जाती है।
अन्य मुद्रा बाजारों और क्रिप्टोकरेंसी का हाल
वैश्विक वित्तीय बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिल रहा है। ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD/USD) एशियाई सत्र के दौरान 0.7030 तक चढ़ गया, जिसे ऑस्ट्रेलियन रिजर्व बैंक (RBA) द्वारा ब्याज दरें सख्त रखने की उम्मीदों से समर्थन मिला। वहीं, USD/JPY की जोड़ी में लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज की गई, क्योंकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा आक्रामक दर वृद्धि से पीछे हटने की उम्मीद से जापानी येन पर दबाव बना हुआ है। अमरीकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 3 दिनों में 0.6% चढ़कर 102.00 के पार दो हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
दूसरी ओर, डिजिटल एसेट बाजार में मुनाफावसूली हावी रही। बिटकॉइन (BTC) 80,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बना हुआ है। एथेरियम (ETH) में भी सुस्ती देखी जा रही है, जबकि रिपल (XRP) 1.30 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रहा है।


















