नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच तीन टेस्ट की सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला शुरू होते ही इतिहास बन गया। दोनों टीमों के लिए यह जीत या हार का सवाल था, क्योंकि जो टीम यह मैच जीतेगी वही सीरीज भी अपने नाम कर लेगी। ऐसे दबाव भरे मैच के पहले ही दिन न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम और सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉनवे ने इंग्लिश गेंदबाजी की ऐसी धुनाई की कि करीब 96 साल पुराना एक रिकॉर्ड हमेशा के लिए मिट गया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला न्यूजीलैंड के लिए सोने जैसा साबित हुआ। मेहमान टीम के दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने मेजबान गेंदबाजों को पूरे दिन एक भी मौका नहीं दिया और इंग्लैंड की मुश्किल मानी जाने वाली पिचों पर वह कारनामा कर दिखाया जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
दोनों ओपनरों के नाबाद शतक
दिन का खेल खत्म होने तक न्यूजीलैंड ने 72.1 ओवर में सिर्फ एक विकेट पर 317 रन बना लिए थे। कप्तान टॉम लैथम ने समझदारी और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए 214 गेंदों पर नाबाद 151 रन की पारी खेली। दूसरे छोर पर डेवोन कॉनवे और भी ज्यादा तेजतर्रार दिखे और उन्होंने महज 224 गेंदों में नाबाद 157 रन ठोक डाले। पहले विकेट के लिए इन दोनों के बीच हुई 317 रन की यह अटूट साझेदारी न सिर्फ न्यूजीलैंड को मजबूत स्थिति में ले गई, बल्कि इस जोड़ी का नाम भी रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया।
1930 का कीर्तिमान ध्वस्त
317 रन की इस ओपनिंग साझेदारी के साथ ही इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में किसी भी विकेट के लिए न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी साझेदारी का नया रिकॉर्ड बन गया। लैथम और कॉनवे ने जून 1930 में, यानी करीब 96 साल पहले बने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी साझेदारी स्ट्यूई डेम्पस्टर और जैकी मिल्स के नाम थी। इस जोड़ी ने 24 से 27 जून 1930 के वेलिंगटन टेस्ट की पहली पारी में पहले विकेट के लिए 276 रन जोड़े थे। इस दशकों पुराने रिकॉर्ड को लैथम और कॉनवे ने बड़े आराम से पार कर लिया।
जोन्स और क्रो का सर्वकालिक रिकॉर्ड अब भी कायम
इंग्लैंड के खिलाफ भले ही नया कीर्तिमान बन गया हो, लेकिन न्यूजीलैंड के पूरे टेस्ट इतिहास में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का सर्वकालिक रिकॉर्ड अब भी एंड्रयू जोन्स और मार्टिन क्रो के नाम है। जनवरी-फरवरी 1991 में श्रीलंका के खिलाफ वेलिंगटन टेस्ट की दूसरी पारी में इन दोनों दिग्गजों ने तीसरे विकेट के लिए 467 रन की विशाल साझेदारी की थी। उस मैच में जोन्स ने 186 रन बनाए थे, जबकि मार्टिन क्रो सिर्फ एक रन से अपने तिहरे शतक से चूक गए थे और 299 रन पर रुक गए थे।
ओपनिंग का सबसे बड़ा रिकॉर्ड टर्नर और जार्विस के पास
अगर बात सिर्फ पहले विकेट यानी ओपनिंग साझेदारी की करें, तो न्यूजीलैंड की ओर से सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी का रिकॉर्ड ग्लेन टर्नर और टेरी जार्विस के नाम सुरक्षित है। इस जोड़ी ने 6 से 11 अप्रैल 1972 को वेस्टइंडीज के खिलाफ जॉर्जटाउन टेस्ट में पहले विकेट के लिए 387 रन की लंबी साझेदारी की थी। उस मुकाबले में टर्नर ने 259 रन की शानदार पारी खेली थी, जबकि जार्विस ने 182 रन बनाए थे।
इंग्लैंड की धरती के बड़े रिकॉर्ड
इंग्लैंड की पिचों पर विदेशी बल्लेबाजों के लिए बड़ी साझेदारियां जोड़ना हमेशा से बड़ी चुनौती रहा है, और ट्रेंट ब्रिज के इस प्रदर्शन ने वहां बने कुछ पुराने रिकॉर्डों की याद ताजा कर दी है। इंग्लैंड में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी टेस्ट साझेदारी का विश्व रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के सर डॉन ब्रैडमैन और बिल पोंसफोर्ड के नाम है। इन दोनों ने 18 से 22 अगस्त 1934 के ओवल टेस्ट की पहली पारी में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे विकेट के लिए 451 रन की ऐतिहासिक साझेदारी की थी।
स्मिथ और गिब्स की धमाकेदार ओपनिंग
इसके अलावा, इंग्लैंड की जमीन पर किसी विदेशी टीम की ओर से सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ और हर्षल गिब्स के नाम दर्ज है। इस दमदार जोड़ी ने 24 से 28 जुलाई 2003 के बर्मिंघम टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ पहले विकेट के लिए 338 रन की धुआंधार साझेदारी की थी।













