टी20 क्रिकेट में एक-एक रन और एक-एक गेंद का विशेष महत्व होता है। इस सबसे छोटे प्रारूप में गेंदबाज द्वारा पॉपिंग क्रीज को लांघना अपनी टीम के लिए बेहद नुकसानदायक साबित होता है। नो-बॉल फेंकने पर विरोधी टीम को एक अतिरिक्त रन मिलने के साथ ही अगली गेंद पर फ्री-हिट भी मिल जाती है, जिस पर बल्लेबाज बिना आउट होने के डर से बड़ा शॉट खेल सकता है। इसी वजह से कोई भी गेंदबाज गेंदबाजी के दौरान लाइन पार करना पसंद नहीं करता। इसके बावजूद टी20 क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसे तेज गेंदबाज रहे हैं, जिन्होंने 100 से भी अधिक बार नो-बॉल डालकर एक अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा नो-बॉल का रिकॉर्ड किसके नाम है?
पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वहाब रियाज के नाम टी20 क्रिकेट इतिहास में सबसे अधिक नो-बॉल फेंकने का शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज है। अपने पूरे करियर के दौरान वहाब रियाज ने कुल 108 बार नो-बॉल फेंकी है। वहाब रियाज अपनी तेज गति और आक्रामक स्पेल के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते रहे हैं, लेकिन बार-बार क्रीज से बाहर पैर निकालने की इस आदत ने उनके नाम नो-बॉल का अनचाहा शतक दर्ज करा दिया है। टी20 प्रारूप में 100 से ज्यादा नो-बॉल फेंकने वाले वे दुनिया के इकलौते गेंदबाज हैं।
वहाब रियाज का टी20 करियर और गेंदबाजी के आंकड़े
नो-बॉल के इस रिकॉर्ड के बावजूद वहाब रियाज का ओवरऑल टी20 करियर काफी सफल रहा है। उन्होंने अपने करियर में कुल 348 टी20 मुकाबले खेले हैं, जिनमें 413 विकेट चटकाए हैं। टी20 क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 8 रन देकर 5 विकेट हासिल करना रहा है। कई बार अपनी घातक गेंदबाजी से मैच का पासा पलटने वाले वहाब रियाज 108 बार ओवरस्टेप करने के कारण इस सूची में शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं।
सूची में दूसरे और तीसरे स्थान पर कौन से दिग्गज गेंदबाज हैं?
सबसे ज्यादा नो-बॉल फेंकने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरा नाम भी पाकिस्तान के ही गेंदबाज सोहेल तनवीर का है। सोहेल तनवीर ने 388 टी20 मैचों में हिस्सा लिया और इस दौरान 96 बार नो-बॉल डाली। वहीं तीसरे स्थान पर श्रीलंका के महान तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा मौजूद हैं। अपनी सटीक यॉर्कर गेंदों के लिए प्रसिद्ध लसिथ मलिंगा ने अपने 295 टी20 मैचों के करियर में कुल 49 बार नो-बॉल फेंकी। मलिंगा जैसे दिग्गज का इस सूची में शामिल होना यह स्पष्ट करता है कि टी20 के उच्च दबाव वाले माहौल में फुटवर्क पर नियंत्रण रखना कितना चुनौतीपूर्ण होता है।


















