वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए वनडे मुकाबले में भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से इतिहास के पन्नों में एक नया अध्याय लिख दिया है। इस मैच में कोहली के बल्ले से निकला 55वां वनडे शतक सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं था, बल्कि इसके साथ ही उन्होंने क्रिकेट जगत के 8 बड़े कीर्तिमान अपने नाम दर्ज कर लिए। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए कोहली ने दिग्गज बल्लेबाजों के कई सालों पुराने रिकॉर्ड्स की बराबरी की और कई नए वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए। हालांकि, आठ बड़े रिकॉर्ड बनाने के बाद भी मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी यानी 'प्लेयर ऑफ द मैच' अवॉर्ड किसी और खिलाड़ी की झोली में गया।
वनडे में सबसे तेज 15,000 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड
अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट (वनडे) में अपनी जबरदस्त निरंतरता को साबित करते हुए विराट कोहली ने सबसे तेज 15,000 रन पूरे करने का ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। कोहली ने यह जादुई आंकड़ा केवल 303 पारियों में छूकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। क्रिकेट इतिहास में आज तक कोई भी बल्लेबाज इतनी कम पारियों में 15,000 वनडे रनों के शिखर तक नहीं पहुंच पाया था। 50 ओवरों के इस प्रारूप में कोहली का यह रिकॉर्ड दिखाता है कि वे पिछले एक दशक से किस कदर इस फॉर्मेट पर राज कर रहे हैं और उनकी रन बनाने की गति कितनी अकल्पनीय रही है।
सचिन तेंदुलकर के दो ऑल-टाइम रिकॉर्ड्स की बराबरी
इस मुकाबले के दौरान विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट के महानतम खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के दो ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स की बराबरी कर ली। सबसे पहले, कोहली ने लिस्ट ए क्रिकेट में अपना 60वां शतक पूरा किया। लिस्ट ए क्रिकेट में 50 शतक बनाना ही किसी भी खिलाड़ी के लिए सपने जैसा माना जाता है, लेकिन कोहली ने 60वां शतक जड़कर सचिन तेंदुलकर के सर्वाधिक 60 लिस्ट ए शतकों के ऑल-टाइम वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोहली का यह प्रदर्शन उनके लगातार बेहतरीन खेल को बयां करता है।
इसके अलावा, भारतीय सरजमीं पर खेलते हुए कोहली के बल्ले से निकला यह शतक उनके सभी प्रारूपों को मिलाकर भारत में 42वां अंतरराष्ट्रीय शतक था। इस आंकड़े को छूते ही उन्होंने भारत में सबसे ज्यादा 42 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने के सचिन तेंदुलकर के महान रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली। घरेलू दर्शकों के सामने रन बनाने के मामले में कोहली और सचिन अब एक ही पायदान पर खड़े हैं।
सुनील गावस्कर की बराबरी और कैरेबियाई टीम पर वर्चस्व
वेस्टइंडीज की टीम हमेशा से विराट कोहली के पसंदीदा विरोधियों में से एक रही है। इस मैच में कैरेबियाई टीम के खिलाफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना 13वां शतक ठोका। इसके साथ ही कोहली ने भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। गावस्कर ने भी अपने करियर में वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा 13 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाए थे। कोहली का यह 13वां शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय दबदबे का नया प्रतीक बन गया है।
दो अलग-अलग देशों के खिलाफ 10-10 वनडे शतक का अनोखा कारनामा
इस मुकाबले में शतक जड़ने के साथ ही विराट कोहली के नाम एक बेहद दुर्लभ और अनोखा विश्व रिकॉर्ड दर्ज हो गया। कोहली अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट के इतिहास में दुनिया के ऐसे पहले और एकमात्र बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने दो अलग-अलग विरोधी टीमों के खिलाफ 10 या उससे ज्यादा शतक बनाए हैं। कोहली ने इससे पहले श्रीलंका के खिलाफ वनडे में 10 से अधिक शतक जमाए थे, और अब वेस्टइंडीज के खिलाफ भी अपने 10 वनडे शतक पूरे कर लिए हैं। किसी एक टीम पर दबदबा बनाना अलग बात है, लेकिन दो मजबूत टीमों के खिलाफ लगातार 10-10 शतक ठोकना उनकी अद्भुत प्रतिभा और महानता को दर्शाता है।
वनडे में 55वां शतक और घरेलू मैदान पर शतकों का महा-रिकॉर्ड
वनडे प्रारूप में सबसे ज्यादा शतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड पहले से ही विराट कोहली के नाम पर दर्ज है, लेकिन इस मुकाबले में अपना 55वां वनडे शतक बनाकर उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को और अधिक मजबूत कर लिया है। मौजूदा समय में या फिर अतीत के खिलाड़ियों में कोई भी बल्लेबाज वनडे शतकों के इस आंकड़े के आसपास भी नजर नहीं आता।
साथ ही, भारतीय मैदानों पर एकदिवसीय क्रिकेट में यह कोहली का 28वां वनडे शतक था। अपनी घरेलू सरजमीं पर किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाए गए वनडे शतकों की यह इतिहास में सबसे बड़ी संख्या है। अपने देश के दर्शकों के सामने कोहली जिस अंदाज में बल्लेबाजी करते हैं, उसने उन्हें भारतीय पिचों पर लगभग अजेय बना दिया है।
44वां मैच और कुलदीप यादव को क्यों मिला प्लेयर ऑफ द मैच?
मैच में मैदान पर उतरते ही कोहली ने एक और उपलब्धि अपने नाम की। वह वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए। यह कैरेबियाई टीम के खिलाफ उनका 44वां वनडे मुकाबला था। इतने लंबे समय तक कैरेबियाई टीम के खिलाफ उच्चतम स्तर का प्रदर्शन बनाए रखना उनकी बेमिसाल फिटनेस का प्रमाण है।
इतने सारे रिकॉर्ड्स बनाने के बाद भी विराट कोहली को इस मैच में 'प्लेयर ऑफ द मैच' अवॉर्ड नहीं मिला। यह सम्मान भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव को दिया गया। कुलदीप यादव ने मैच के मध्य ओवरों में बेहद खतरनाक गेंदबाजी करते हुए वेस्टइंडीज के 4 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। कुलदीप के इन 4 महत्वपूर्ण विकटों की बदौलत ही वेस्टइंडीज की टीम एक बड़े स्कोर की तरफ बढ़ने से रुक गई और भारत को मैच में मजबूत स्थिति मिली। इसीलिए मैच के परिणाम पर सीधा असर डालने वाले कुलदीप यादव को प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया।



















