हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सीही गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां लगभग 200 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरी एक बच्ची को करीब 10 घंटे तक चले मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया है। बचाव कार्य पूरा होने के बाद जब बच्ची को बाहर लाया गया, तो उसके शरीर में किसी भी तरह की कोई हरकत या प्रतिक्रिया दिखाई नहीं दी। इसके तुरंत बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी गहन जांच में जुटी हुई है। फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही डॉक्टर यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर पाएंगे कि बच्ची की शारीरिक स्थिति कैसी है और उसमें सांसें बची हैं या नहीं।
खेलते-खेलते खुले बोरवेल में समाई बच्ची
इस दुर्घटना का शिकार हुई बच्ची का नाम नेहा है। घटना के समय वह घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी, तभी अचानक वह इस खुले पड़े गहरे बोरवेल में जा गिरी। बच्ची के बोरवेल में गिरने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और तुरंत हड़कंप मच गया। नेहा के पिता रामदीन दिहाड़ी मजदूरी का काम करके अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह बोरवेल नगर निगम का है और पिछले करीब 10 वर्षों से बंद पड़ा था। शुरुआत में इस बोरवेल के मुंह पर पक्का ढक्कन लगा हुआ था, लेकिन कुछ दिन पहले किसी वजह से वह ढक्कन गायब हो गया था, जिसके बाद से यह खतरनाक गड्ढा लगातार खुला ही छोड़ा गया था।
प्रशासन के खिलाफ स्थानीय लोगों में गुस्सा
इस पूरे दुखद घटनाक्रम के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन और नगर निगम के कामकाज के प्रति भयंकर रोष और नाराजगी देखने को मिल रही है। रहवासियों का सीधा आरोप है कि यदि समय रहते नगर निगम के लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस खुले बोरवेल पर ध्यान दिया होता, तो शायद यह जानलेवा हादसा आसानी से टाला जा सकता था। आक्रोशित स्थानीय लोग अब इस मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या एक्शन लेता है। फिलहाल नेहा अस्पताल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है और हर कोई उसकी सलामती की दुआ कर रहा है।
पुलिस और बचाव दल ने संभाला मोर्चा
जैसे ही इस दुर्घटना की सूचना पुलिस और आपातकालीन राहत एवं बचाव दल को मिली, प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया और फरीदाबाद में घटनास्थल पर पहुंच गया। बचाव दल ने बिना समय गंवाए बोरवेल के ठीक बगल में समानांतर खुदाई शुरू की और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए बच्ची तक पहुंचने का हरसंभव प्रयास किया। पूरी टीम लगातार अथक प्रयास में जुटी रही ताकि बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके, और अंततः 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाल लिया गया।























