वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के तीसरे सीजन से पाकिस्तान चैंपियंस की टीम आधिकारिक तौर पर बाहर हो गई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से खिलाड़ियों को अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी जारी नहीं किया गया, जिसके चलते टीम ने इस टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया। टीम प्रबंधन और क्रिकेट बोर्ड के बीच भागीदारी को लेकर कई दौर की बातचीत चली थी। पाकिस्तान चैंपियंस के मालिक कामिल खान ने बोर्ड से अपने रुख पर दोबारा विचार करने की अपील भी की थी, परंतु दोनों पक्षों के बीच बना गतिरोध खत्म नहीं हो सका।
एनओसी विवाद पर पाकिस्तान चैंपियंस का आधिकारिक रुख
टूर्नामेंट में हिस्सा न ले पाने की जानकारी देते हुए पाकिस्तान चैंपियंस ने सोमवार को एक औपचारिक बयान जारी किया। टीम प्रबंधन ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र न देने के फैसले को कायम रखने के कारण टीम मौजूदा सत्र में भाग नहीं ले पाएगी। बयान में आगे कहा गया कि वे पीसीबी के अधिकार और उसके फैसले का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन स्वाभाविक तौर पर उन्हें इस बात की गहरी निराशा है कि उनके खिलाड़ियों को दिग्गजों के इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं मिल सका। इसके साथ ही प्रबंधन ने कठिन समय में साथ खड़े रहने के लिए अपने खिलाड़ियों, समर्थकों और तमाम प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुराने टकराव की पृष्ठभूमि और पीसीबी की कड़ी शर्तें
पाकिस्तान की टीम का इस प्रतियोगिता से हटना दरअसल पिछले सीजन में उपजे विवाद की सीधी कड़ी है। पिछले संस्करण के दौरान राजनीतिक तनाव के माहौल में इंडिया चैंपियंस ने पाकिस्तान चैंपियंस के खिलाफ अपना निर्धारित मैच खेलने से साफ मना कर दिया था। उस घटना के बाद पीसीबी ने आयोजकों के रवैये की कड़ी निंदा की थी और लीग में अपने खिलाड़ियों के खेलने पर पाबंदी लगा दी थी।
मौजूदा सीजन के लिए बोर्ड कुछ बेहद सख्त शर्तों के आधार पर खिलाड़ियों को एनओसी देने पर राजी हुआ था। इन शर्तों में यह मांग शामिल थी कि पिछले साल मैच खेलने से मना करने को लेकर भारतीय खिलाड़ियों की तरफ से लिखित माफी दी जाए। इसके अलावा दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच मैच के दौरान हाथ मिलाने को लेकर भी लिखित आश्वासन मांगा गया था।
आयोजकों से बातचीत टूटने के बाद मुकाबला हुआ रद्द
लीग के आयोजकों और बोर्ड के बीच इन मांगों को लेकर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। आयोजकों ने बोर्ड की कुछ अन्य बातें तो मान ली थीं, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों से माफी मंगवाने और हाथ मिलाने से जुड़ी लिखित गारंटी देने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। इस समझौते के टूटने के तुरंत बाद पाकिस्तान की टीम ने प्रतियोगिता से हटने का अंतिम फैसला कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर तय कार्यक्रम पर पड़ा और 10 अक्टूबर को दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वियों के बीच होने वाला मुकाबला भी रद्द हो गया।
पिछले दो सत्रों की उपविजेता टीम का सफर और नया ढांचा
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के इतिहास में पाकिस्तान चैंपियंस का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था और टीम पिछले दोनों सत्रों में उपविजेता रही थी। साल 2024 में खेले गए पहले सीजन के खिताबी मुकाबले में उसे इंडिया चैंपियंस के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2025 में आयोजित दूसरे सीजन के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका चैंपियंस ने उसे शिकस्त दी थी। डब्ल्यूसीएल आयोजकों ने भी सोमवार को पाकिस्तान चैंपियंस के हटने की पुष्टि कर दी और स्पष्ट किया कि तीसरे सत्र का आयोजन अब छह टीमों के बीच किया जाएगा।

















