फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। अजमेर पुलिस ने इस बहुचर्चित प्रकरण में ठोस कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को दबोच लिया है। इस धोखाधड़ी को अंजाम देने वाली बीआईपी ट्रेड कंपनी के संचालन से जुड़े प्रमुख लोगों की धरपकड़ के बाद मामले की परतें तेजी से खुल रही हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस पूरे जालसाजी के वित्तीय नेटवर्क और इसके अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई हैं।
फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग और भारी मुनाफे का झांसा
जांच से यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने बीआईपी ट्रेड के बैनर तले एक पूरी तरह से मनगढ़ंत फॉरेक्स ट्रेडिंग ढांचा खड़ा किया था। आम नागरिकों को अपने जाल में उलझाने के लिए इन लोगों ने बेहद कम अवधि में आठ से बारह प्रतिशत तक भारी रिटर्न का प्रलोभन दिया था। लोगों का भरोसा जीतने और भीड़ जुटाने के वास्ते अलग-अलग जगहों पर बड़े सेमिनार आयोजित किए जाते थे और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लुभावने निवेश प्लान दिखाए जाते थे। शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को मामूली मुनाफा देकर उनका विश्वास हासिल किया गया, लेकिन बाद में बड़ी रकम डूब गई। इसके अलावा, नुकसान की भरपाई और कूपन या लकी ड्रॉ के झूठे वादे करके निवेशकों को लंबे समय तक गुमराह किया जाता रहा।
अजमेर जिले में दर्ज हैं दर्जनों आपराधिक मामले
ठगी के शिकार हुए लोगों की शिकायतों के आधार पर अकेले अजमेर जिले में ही इस कंपनी के खिलाफ चालीस से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन सभी मामलों में पुलिस की तरफ से गहन अनुसंधान लगातार किया जा रहा है। जांच अधिकारी यह हिसाब लगाने में जुटे हैं कि इस अवैध योजना के माध्यम से कुल कितने लोगों को ठगा गया और इस वित्तीय घोटाले का वास्तविक आकार कितना बड़ा है। शुरुआती तहकीकात से यह संकेत भी मिले हैं कि इस संगठित अपराध के तार राजस्थान के अन्य हिस्सों से भी जुड़े हो सकते हैं।
संयुक्त पुलिस टीमों की समन्वित कार्रवाई
इस जटिल और हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी की गहराई तक पहुंचने के लिए अजमेर पुलिस के विभिन्न विभागों ने एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया था। पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों और जांच दल की कुशल रणनीतिक सोच के परिणामस्वरुप कंपनी के डायरेक्टर लोकेश चौधरी और धीरज गुड़ानी को प्रोडक्शन वारंट के जरिए हिरासत में लिया गया। इसके साथ ही इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय मुख्य लीडर्स अब्दुल समद और हनुमान छंगाणी को भी धर दबोचा गया। पुलिस भारतीय न्याय संहिता और अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।
निवेशकों के लिए पुलिस की चेतावनी और सलाह
इस बड़ी घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी जारी की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी वित्तीय संस्था या कंपनी में अपनी पूंजी लगाने से पहले उसकी कागजी वैधता, उसके व्यावसायिक मॉडल और दावों की सत्यता की पूरी जांच कर लेनी चाहिए। रातों-रात अमीर बनाने का सपना दिखाने वाली और अत्यधिक मुनाफे का वादा करने वाली लुभावनी स्कीमों से हमेशा दूर रहना चाहिए, ताकि किसी भी बड़े आर्थिक नुकसान या धोखाधड़ी से बचा जा सके।




















