तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के चिक्कड़पल्ली इलाके में एक महिला के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप के बाद उपजे विवाद में 55 वर्षीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) कर्मचारी की जान चली गई। पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में आरोपी जिम ट्रेनर द्वारा मारे गए एक जोरदार मुक्के की वजह से कर्मचारी जमीन पर आ गिरा, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं और अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना का पूरा घटनाक्रम और आपसी विवाद
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक DRDO में निजी सहायक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहा था और उसी आवासीय इमारत की पहली मंजिल पर रहता था। इस इमारत की दूसरी मंजिल पर 23 वर्षीय महिला निवास करती है। यह पूरी घटना बुधवार की शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच की बताई जा रही है। आरोप है कि कर्मचारी ने महिला के घर पहुंचकर उसके साथ कथित तौर पर गलत बर्ताव किया, जिसके बाद महिला के शोर मचाने पर वह वहां से भाग निकला था।
कुछ ही समय पश्चात महिला का पड़ोसी, जो कि पेशे से एक जिम ट्रेनर है, वहां पहुंचा और महिला से उसके रोने की वजह के बारे में पूछताछ की। महिला ने जिम ट्रेनर को अपने साथ हुई कथित अभद्रता की पूरी बात बताई, जिसके बाद दोनों उस कर्मचारी के पास पहुंचे। वहां उनके बीच तीखी बहस और कहासुनी शुरू हो गई। इसी दौरान जिम ट्रेनर ने कथित तौर पर कर्मचारी के चेहरे पर एक मुक्का जड़ दिया, जिससे वह संतुलन खोकर जमीन पर गिर पड़ा और उसके सिर में गहरी चोट लग गई। फौरन उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर जिम ट्रेनर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत मामला कायम किया गया है। इसके साथ ही, 23 वर्षीय महिला की लिखित शिकायत पर मृतक कर्मचारी के विरुद्ध कथित दुर्व्यवहार का दूसरा मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही मामलों की निष्पक्ष जांच लगातार जारी है।
रीवा में जल सत्याग्रह के दौरान आदिवासी महिला की मौत
एक अन्य घटना में, मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सरई कला और रोझौही क्षेत्र में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट का विरोध लगातार जारी है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत ग्रामीण पिछले कई दिनों से तालाब के पानी में खड़े होकर जल सत्याग्रह कर रहे थे। इस आंदोलन में चार दिनों से शामिल आदिवासी महिला विमला कोल की गुरुवार को मौत हो गई। बताया गया कि बुधवार की रात अचानक उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी, जिसके बाद परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए थे, जहां इलाज के दौरान गुरुवार को उनकी मौत हो गई। हालांकि, उनकी इस आकस्मिक मौत के सटीक चिकित्सकीय कारणों और जल सत्याग्रह के साथ इसके सीधे संबंध को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

















