बिहार के भागलपुर स्थित नवगछिया पुलिस जिला के अंतर्गत आने वाले इस्माईलपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार की अहले सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई। हटिया इलाके में चाय और नाश्ते की दुकान चलाने वाले पति-पत्नी की अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने बेहद बर्बरता से हत्या कर दी। वारदात के समय दोनों अपनी दुकान के भीतर सो रहे थे। मृतकों की पहचान चाय विक्रेता रंजन और उनकी पत्नी किरण देवी के रूप में की गई है। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर एकत्र हो गई और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
दुकान में सो रहे पति-पत्नी पर ताबड़तोड़ फायरिंग
प्राप्त जानकारी के अनुसार रंजन और उनकी पत्नी किरण देवी रोज की तरह अपनी चाय-नाश्ते की दुकान के अंदर ही सो रहे थे। गुरुवार की अहले सुबह जब चारों तरफ अंधेरा और सन्नाटा था, तभी अचानक हथियारबंद बदमाश दुकान में दाखिल हुए। बदमाशों ने बिना किसी आहट के सो रहे रंजन पर गोलियां चला दीं। सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में गोली लगने से रंजन को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस अचानक हुए हमले से दुकान में अफरा-तफरी मच गई और गहरी नींद में सो रही उनकी पत्नी किरण देवी की आंख खुल गई।
चीखते हुए भागीं किरण देवी को दौड़ाकर आंख में मारी गोली
पति को खून से लथपथ देखकर किरण देवी अपनी जान बचाने के लिए शोर मचाते हुए दुकान से बाहर सड़क की ओर भागने लगीं। हालांकि हत्यारों ने उनका पीछा करना बंद नहीं किया। बदमाशों ने किरण देवी को कुछ ही दूरी पर खदेड़कर पकड़ लिया और बेहद क्रूरता का परिचय देते हुए बिल्कुल नजदीक से उनकी आंख में दो गोलियां मार दीं। दोनों गोलियां आंख में लगने के कारण किरण देवी ने भी मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई।
दो दिन से लापता ढाई साल की बच्ची, ग्रामीणों का बढ़ा गुस्सा
इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के बीच एक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय निवासियों के गुस्से को और भड़का दिया है। पीड़ित परिवार की ढाई वर्ष की मासूम बच्ची पल्लवी कुमारी पिछले दो दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता है। परिजनों के अनुसार पल्लवी मृतक रंजन के भाई की बेटी है। दो दिन पहले जब बच्ची अचानक गायब हुई थी, तब परिजनों ने तुरंत संबंधित थाने में इसकी लिखित सूचना दी थी।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने बच्ची की खोजबीन के लिए शुरुआती दिनों में कोई ठोस या त्वरित कार्रवाई नहीं की। लापरवाही के चलते बच्ची का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। अब उसी परिवार के दो वरिष्ठ सदस्यों की निर्मम हत्या हो जाने के बाद लोगों की चिंता और डर काफी बढ़ गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि बच्ची के लापता होने और इस दोहरे हत्याकांड के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी गहन जांच की जा रही है।
एएसपी सैयम रजा के नेतृत्व में जांच तेज, पुलिस के खिलाफ विरोध
घटना की सूचना मिलते ही इस्माईलपुर और गोपालपुर थाना की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सैयम रजा भी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके का मुआयना किया। पुलिस जब शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी, तो उग्र ग्रामीणों ने इसका कड़ा विरोध किया और शवों को उठाने से रोक दिया।
ग्रामीणों की मांग थी कि जब तक हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होती और गायब बच्ची पल्लवी कुमारी की सकुशल बरामदगी नहीं की जाती, तब तक शवों को वहां से नहीं उठाने दिया जाएगा। एएसपी सैयम रजा और वरिष्ठ अधिकारियों ने उग्र भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल इस्माईलपुर और गोपालपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। हत्याकांड की वजह, हमलावरों की पहचान और लापता बच्ची के मामले को आपस में जोड़कर हर पहलू से वैज्ञानिक अनुसंधान जारी है।



















