राजस्थान के अलवर जिले के रैणी उपखंड क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां गढ़ीसवाईराम स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक युवक अपनी बीमार पत्नी का इलाज कराने पहुंचा था। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर ने उसके साथ बदसलूकी की और उसे थप्पड़ मार दिया, जिससे आहत होकर युवक अस्पताल के बाहर एक पीपल के पेड़ पर चढ़ गया और अपनी जान देने की नीयत से फंदा डालकर बैठ गया। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
अस्पताल परिसर में डॉक्टर से हुआ विवाद
चूंदाला गांव के रहने वाले उम्मेदीलाल उर्फ पुजारी अपनी पत्नी की खराब तबीयत के चलते उसे गढ़ीसवाईराम के सरकारी अस्पताल लेकर आए थे। उपचार के दौरान किसी बात को लेकर वहां तैनात चिकित्सक के साथ उनकी बहस हो गई। पीड़ित का आरोप है कि डॉक्टर ने अपना आपा खोते हुए सबके सामने उसे थप्पड़ जड़ दिया, जिसके बाद वह गहरे मानसिक आघात और अपमान से भर गया।
पेड़ पर फंदा डालकर बैठा युवक
सार्वजनिक रूप से मिले अपमान से दुखी होकर उम्मेदीलाल अस्पताल के पास स्थित एक बड़े पीपल के पेड़ पर जा चढ़ा। उसने रस्सी का फंदा पेड़ की डाली से बांधा और गले में डालकर बैठ गया। युवक को इस हालत में देखकर अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने उसे सुरक्षित नीचे उतरने की अपील की, लेकिन वह डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा।
पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी
मामले की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत रैणी थाना पुलिस और प्रशासनिक अमले को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल और अधिकारी मौके पर पहुंच गए और स्थिति को संभालने में जुट गए। पुलिस अधिकारियों ने पेड़ के नीचे सुरक्षा प्रबंध किए और लाउडस्पीकर के माध्यम से युवक से लगातार बातचीत कर उसे शांत करने व सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
इस घटना के बाद गढ़ीसवाईराम सीएचसी के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों में डॉक्टर के इस कथित अमानवीय रवैये के खिलाफ कड़ा गुस्सा देखने को मिल रहा है। लोगों का साफ कहना है कि मरीजों के तीमारदारों के साथ ऐसा बर्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन युवक को समझा-बुझाकर और न्याय का भरोसा देकर नीचे उतारने की कोशिश कर रहा है।



















