राजधानी दिल्ली के उत्तर-पश्चिम इलाके में हाल ही में हुई एक बड़ी और सनसनीखेज वारदात को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। अशोक विहार इलाके में एक घर के अंदर दिनदहाड़े लगभग 75 लाख रुपये की डकैती को अंजाम दिया गया था, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश और पंजाब के कई ठिकानों पर दबिश दी और दो नाबालिगों सहित कुल आठ आरोपियों को धर दबोचा। अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के पास से 51.52 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं, साथ ही लूटी गई रकम से खरीदे गए तीन महंगे मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 2.33 लाख रुपये आंकी गई है।
एक महीने से चल रही थी घर की रेकी
इस पूरी घटना की योजना बहुत ही शातिर तरीके से बनाई गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने से पहले करीब एक महीने तक पीड़िता के घर, उनके परिवार और रोजमर्रा के आने-जाने के समय पर पूरी नजर रखी थी। इस साजिश के पीछे पीड़िता के पति के यहां काम कर चुके एक पूर्व कर्मचारी का नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आ रहा है, जो एक नाबालिग है। यह पूरी घटना 19 अगस्त की है, जब सुबह करीब 11 बजकर 35 मिनट पर थाना अशोक विहार पुलिस को दिनदहाड़े लूट की सूचना मिली। उस समय 54 साल की नीरा वर्मा अपने घर पर अकेली थीं, क्योंकि उनके पति मनोज कुमार सुबह करीब नौ बजे ही अपनी फैक्ट्री के लिए निकल चुके थे और उनकी दोनों जुड़वां बेटियां भी सुबह साढ़े ग्यारह बजे चावड़ी बाजार स्थित अपने थोक स्टोर के लिए जा चुकी थीं।
पानी मांगने के बहाने घर में घुसे थे बदमाश
बेटियों के घर से जाने के कुछ ही पलों बाद नीरा वर्मा ने अपने फ्लोर पर लिफ्ट आने की आवाज सुनी। जब उन्होंने दरवाजा खोला तो सीढ़ियों के पास दो अनजान लड़के खड़े थे जिन्होंने पीने के लिए पानी मांगा। जब पीड़िता को उनकी नीयत पर शक हुआ तो उन्होंने पानी देने से मना कर दिया और लोहे का मुख्य गेट बंद करने का प्रयास किया। आरोप है कि दोनों युवकों ने बलपूर्वक गेट खोल दिया और उन्हें अंदर खींचकर काबू में कर लिया। इसके बाद एक आरोपी उन्हें बालकनी वाले कमरे में ले गया और उनकी टांगें चुन्नी से बांध दीं। तभी दूसरे आरोपी ने अपने पिट्ठू बैग से चाकू निकालकर उन्हें चुप रहने की धमकी दी।
टेप से हाथ-पैर बांधकर की गई लूटपाट
कुछ ही देर में उनके दो अन्य साथी भी बैग और चाकू लेकर घर के अंदर आ गए। आरोपियों ने भूरे रंग की पैकिंग टेप से पीड़िता के हाथ और पैर कसकर बांध दिए और किसी भी तरह का शोर न मचाने के लिए उनके मुंह पर भी टेप चिपका दी। उनमें से एक आरोपी चाकू की नोक पर लगातार उन पर नजर रखे रहा, जबकि बाकी बदमाश करीब बीस से पच्चीस मिनट तक घर के अलग-अलग कमरों को खंगालते रहे। वे सारा कैश और कीमती सामान अपने साथ लाए बैगों में भरकर वहां से फरार हो गए।
कारोबार और शादी के लिए जोड़े गए थे पैसे
पुलिस के मुताबिक, बदमाश व्यापार से जुड़ी कमाई के साथ-साथ पीड़िता की बेटियों के विवाह के लिए बचाकर रखी गई भारी रकम भी उठा ले गए। इसके अलावा वे हैंडबैग, क्लच, जरूरी दस्तावेज और अन्य नकदी भी समेट कर ले गए। इस सिलसिले में थाना अशोक विहार में एफआईआर नंबर 0322, दिनांक 19 अगस्त 2026 को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं 309(4), 309(5), 309(6), 311 और 3(5) के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। इस गंभीर अपराध की तह तक जाने के लिए उत्तर-पश्चिम जिले के स्पेशल स्टाफ और थाना अशोक विहार की संयुक्त टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया।
दिल्ली और अमृतसर में चली संयुक्त छापेमारी
पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ खुफिया तंत्र और मुखबिरों से मिले इनपुट्स पर भी काम किया। जांच आगे बढ़ी तो दिल्ली के साथ-साथ पंजाब के अमृतसर में इन बदमाशों की मौजूदगी के पक्के सुराग हाथ लगे। इसके बाद पुलिस दलों को अलग-अलग स्थानों के लिए रवाना किया गया। थाना अशोक विहार की तीन टीमों और स्पेशल स्टाफ ने समन्वित तरीके से काम करते हुए अमृतसर और दिल्ली में एक साथ कई जगहों पर छापे मारे। अमृतसर में विभिन्न होटलों और ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई।
बदले की भावना से रची गई थी पूरी साजिश
पुलिस का कहना है कि इसी संयुक्त अभियान के दौरान वारदात के महज 48 घंटों के भीतर पूरे गिरोह को दबोच लिया गया। पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह डकैती पूरी तरह से पूर्व नियोजित थी और आरोपियों ने एक महीने तक घर की रेकी की थी। नाबालिग मास्टरमाइंड के मन में पीड़िता के पति और अपनी पुरानी नौकरी को लेकर कथित तौर पर रंजिश थी, जिसके चलते उसने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह नाबालिग पहले भी वर्ष 2023 के भोला हत्याकांड मामले में थाना अशोक विहार में संलिप्त पाया जा चुका है।
सावन पार्क के होटल में रुके थे आरोपी
घटना को अंजाम देने से एक दिन पहले सभी आरोपी ने घर की आखिरी बार रैकी की थी और दिनचर्या को समझा था। अपनी योजना को अंतिम रूप देने से पहले कुछ आरोपी सावन पार्क के एक होटल में ठहरे थे। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने पहले डिलीवरी ब्वॉय बनकर घर में प्रवेश पाने का प्रयास किया था, लेकिन जब मकान मालिक की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो वे लौट गए। इसके बाद उन्होंने पानी मांगने का नाटक किया और दरवाजा खुलते ही अंदर घुस आए।
फरार होने के बाद दिलशाद गार्डन में हुआ बंटवारा
लूटपाट को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग रास्तों से भागे। डकैती के बाद लूटी गई रकम का एक हिस्सा दीपक के दिलशाद गार्डन स्थित घर पहुंचाया गया, जहां सभी ने मिलकर पैसों का बंटवारा किया। इसके बाद वे अमृतसर समेत अलग-अलग जगहों के लिए निकल गए। पुलिस टीमों ने तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर उनका पीछा जारी रखा और अंततः सभी को दबोचकर अधिकांश रकम बरामद कर ली।
किस आरोपी के पास से क्या-क्या हुआ बरामद
- नमन शर्मा, उम्र 24 वर्ष, निवासी सर्वेंट क्वार्टर, अशोक विहार फेज-I, दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। इसके पास कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। इसकी निशानदेही पर 2.40 लाख रुपये नकद मिले।
- एक नाबालिग को दिल्ली से पकड़ा गया जिसे इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इसका संबंध पीड़िता के पति के साथ पुरानी नौकरी के विवाद से जुड़ा बताया गया है और यह 2023 के एक कत्ल के मामले में भी आ चुका है।
- दीपक उर्फ देव, उम्र 24 वर्ष, निवासी गोकुल धाम सोसायटी, डीएलएफ साहिबाबाद, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश को पकड़ा गया। इसके पास से 22 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
- दिनेश उर्फ बल्लू, उम्र 38 वर्ष, निवासी श्री राम एवेन्यू, 88 फुट रोड, अमृतसर, पंजाब को गिरफ्तार किया गया। इसके कब्जे से 6.40 लाख रुपये नकद और लूट के पैसों से खरीदा गया करीब 83 हजार रुपये का iPhone 17 बरामद हुआ।
- अंश शर्मा, उम्र 22 वर्ष, निवासी सर्वेंट क्वार्टर, अशोक विहार फेज-I, दिल्ली को अमृतसर से पकड़ा गया। इसके निशानदेही पर 6 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
- साहिल, उम्र 31 वर्ष, निवासी कोट रोड, अमृतसर, पंजाब को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक इसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड थाना स्पेशल सेल में दर्ज रहा है। इसके पास से 8.50 लाख रुपये नकद मिले।
- एक अन्य नाबालिग को अमृतसर से पकड़ा गया जिसका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। इसके पास से 72 हजार रुपये नकद बरामद हुए।
- आर्यन उर्फ शेरा, उम्र 22 वर्ष, निवासी जीटी रोड, पुतली घर, अमृतसर, पंजाब को गिरफ्तार किया गया। इसके पास से 5.50 लाख रुपये नकद, करीब 1.37 लाख रुपये का iPhone 17 Pro और लगभग 13 हजार रुपये का वनप्लस मोबाइल फोन बरामद हुआ।
बरामदगी और आगे की जांच जारी
पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक कुल 51.52 लाख रुपये नकद बरामद हो चुके हैं। इसके अलावा वारदात के पैसों से खरीदे गए तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनमें 83 हजार रुपये का iPhone 17, 1.37 लाख रुपये का iPhone 17 Pro और 13 हजार रुपये का OnePlus शामिल है। इन सभी मोबाइलों की कुल कीमत करीब 2.33 लाख रुपये है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जांच अभी जारी है और बाकी बची हुई रकम तथा सामान की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही इस षड्यंत्र में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की सटीक भूमिका तय करने के लिए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।



















