उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता को अपनी ही बेटी के हाथों जान गंवानी पड़ी। छावनी थाना क्षेत्र के रमवापुर गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालने वाले 52 साल के कृष्णा को उनकी ही 17 साल की नाबालिग बेटी दुर्गा उर्फ लाडली और उसके प्रेमी ने मौत के घाट उतार दिया। हत्या की इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजह पिता द्वारा बेटी के प्रेम प्रसंग पर रोक-टोक लगाना और कड़ा विरोध करना सामने आया है। घटना के बाद आरोपियों ने शव को गमछे से बांधकर पास की नहर में ठिकाने लगा दिया था, लेकिन मृतक के भतीजे की सूझबूझ और तलाश ने इस पूरे राज से पर्दा उठा दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
दो साल पुराना प्रेम प्रसंग और विरोध
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक कृष्णा की बेटी दुर्गा का पड़ोसी गांव बभरौली के रहने والے लक्ष्मण के साथ करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। कृष्णा इस रिश्ते के पूरी तरह खिलाफ थे और लगातार इसका विरोध कर रहे थे। कुछ महीने पहले भी कृष्णा ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था और अपनी बेटी को समझाया था। उन्होंने नियमानुसार बेटी की शादी करने की बात भी सोची थी, लेकिन लड़की के नाबालिग होने की वजह से ऐसा संभव नहीं हो पा रहा था। परिवार में इस बात को लेकर अक्सर तनाव रहता था, जो अंततः इस भीषण त्रासदी में बदल गया।
गन्ने के खेत में हुआ खूनी संघर्ष
यह पूरी घटना 21 अगस्त की शाम को उस वक्त हुई जब दुर्गा अपने प्रेमी लक्ष्मण से मिलने उसके गांव पहुंच गई थी। बभरौली गांव के पास कब्रिस्तान के नजदीक गन्ने के खेत में दोनों मौजूद थे। इत्तेफाक से उसी दौरान कृष्णा अपनी बकरियां चराते हुए उस तरफ निकल आए। आहट होने पर उन्होंने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया और इसका कड़ा विरोध जताया। विवाद इतना बढ़ गया कि कृष्णा ने पास मौजूद लग्गी से लक्ष्मण पर वार करने की कोशिश की, जिससे वह बच गया। इसके बाद गुस्से में आकर बेटी और उसके प्रेमी ने मिलकर कृष्णा पर हमला कर दिया। हसिया लगी लग्गी से कई वार किए जाने के कारण कृष्णा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों ने मिलकर शव को गमछे से बांधा और पास की नहर में छिपा दिया ताकि किसी को शक न हो।
भतीजे की तलाश से खुला खौफनाक राज
जब देर शाम तक कृष्णा अपने घर नहीं लौटे तो उनके परिवार में चिंता बढ़ गई। मृतक के भतीजे अजय ने उनकी तलाश शुरू की और आसपास के लोगों से पूछताछ की। काफी खोजबीन के बाद भी जब कृष्णा का कोई सुराग नहीं मिला तो अजय ने दुर्गा से सख्ती से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान ही हत्या का यह पूरा राज खुला और बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम देने की बात कबूल कर ली। घटना की सूचना मिलते ही छावनी और दुबौलिया थानों की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने नहर से शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे लगातार पूछताछ जारी है ताकि इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को भी सामने लाया जा सके।



















