इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी संस्करण यानी आईपीएल 2027 से ठीक पहले कोचिंग और मैनेजमेंट के स्तर पर एक बड़ा उलटफेर सामने आया है। राजस्थान रॉयल्स के साथ अपनी लंबी पारी खेलने वाले जुबिन भरूचा ने अब इस फ्रेंचाइजी का दामन छोड़कर मुंबई इंडियंस का रुख कर लिया है। पांच बार आईपीएल का खिताब अपने नाम कर चुकी मुंबई इंडियंस ने उन्हें अपनी टीम में 'डायरेक्टर ऑफ परफॉर्मेंस' के पद पर नियुक्त किया है, जहां वह घरेलू और युवा खिलाड़ियों के खेल को निखारने का जिम्मा संभालेंगे।
मुंबई इंडियंस के साथ नई शुरुआत और दक्षिण अफ्रीका दौरा
जुबिन भरूचा ने अपनी इस नई जिम्मेदारी को तुरंत प्रभाव से संभाल भी लिया है। वह फिलहाल मुंबई इंडियंस के असिस्टेंट कोच पारस म्हाम्ब्रे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस समय यह दोनों अधिकारी फ्रेंचाइजी के युवा खिलाड़ियों के एक खास ग्रुप के साथ दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर मौजूद हैं। मुंबई स्थित इस फ्रेंचाइजी के सेटअप में वह पूरे साल भर भारतीय खिलाड़ियों के कौशल विकास पर फोकस करेंगे और कोचिंग स्टाफ के साथ मिलकर टीम के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रणनीति तैयार करेंगे।
फ्रेंचाइजी ने जारी किया आधिकारिक बयान
मुंबई इंडियंस ने अपने आधिकारिक बयान में इस नियुक्ति को लेकर कहा कि जुबिन भरूचा 'डायरेक्टर के तौर पर एमआई परिवार का हिस्सा बन रहे हैं और वह संगठन के मौजूदा लीडरशिप ग्रुप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। फ्रेंचाइजी ने बताया कि वह सपोर्ट स्टाफ के साथ मिलकर खिलाड़ियों के विकास की उस पुरानी परंपरा को और आगे बढ़ाएंगे जिसके लिए यह टीम जानी जाती है।
राजस्थान रॉयल्स के साथ रहा है पुराना इतिहास
जुबिन भरूचा और राजस्थान रॉयल्स का रिश्ता डेढ़ दशक से भी ज्यादा पुराना रहा है। वह साल 2008 में आईपीएल के पहले ही सीजन से इस फ्रेंचाइजी के साथ अलग-अलग पदों पर जुड़े रहे थे। हालांकि बीच में उन्होंने साल 2016 और 2017 के दौरान दिल्ली डेयरडेविल्स के साथ भी टेक्निकल डायरेक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं दी थीं, जिसे आज दिल्ली कैपिटल्स के नाम से जाना जाता है। इसके बाद वह साल 2018 में दोबारा राजस्थान रॉयल्स में लौट आए थे और डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट के रूप में साल 2025 तक अपनी सेवाएं देते रहे।
खुद भी खेल चुके हैं प्रथम श्रेणी क्रिकेट
प्रशासन और कोचिंग में आने से पहले जुबिन भरूचा खुद भी मैदान पर सक्रिय खिलाड़ी रह चुके हैं। उन्होंने मुंबई की तरफ से विभिन्न आयु वर्ग की क्रिकेट खेली और अपने घरेलू करियर की शुरुआत 1992-93 के सत्र में की थी। उन्होंने अपने करियर के दौरान कुल 17 प्रथम श्रेणी और 11 लिस्ट ए मुकाबले खेले। हालांकि साल 1994-95 के सीजन के बाद उनका यह सफर थम गया, जिसके बाद उन्होंने क्रिकेट प्रशासन और टीम प्रबंधन में अपनी गहरी समझ का इस्तेमाल करते हुए आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ एक लंबी और सफल पारी खेली।
टीम के प्रदर्शन को पटरी पर लाने की कवायद
मुंबई इंडियंस गिनती आईपीएल की सबसे मजबूत और सफल टीमों में होती है, जिसने अब तक पांच बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है। हालांकि पिछले कुछ सीजन इस फ्रेंचाइजी के लिए कुछ खास नहीं रहे हैं और टीम को मैदान पर संघर्ष करना पड़ा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो मुंबई की टीम पिछले छह में से चार संस्करणों में प्लेऑफ तक का सफर तय करने में नाकामयाब रही है। ऐसे में जुबिन भरूचा का यह जुड़ना टीम के प्रदर्शन को दोबारा पटरी पर लाने और खिलाड़ियों की क्षमता को पूरी तरह तराशने की दिशा में एक बेहद अहम कदम माना जा रहा है।



















