शिलांग: शहर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने और कानून व्यवस्था की स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों ने शिलांग के विभिन्न हिस्सों में फ्लैग मार्च निकाला है। हालिया तनाव के माहौल के बीच स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा करने और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सुरक्षा बलों की तैनाती और रूट
इस फ्लैग मार्च अभियान में रैपिड एक्शन फोर्स यानी आरएएफ की D/136 बटालियन और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ की 67वीं बटालियन के जवानों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। सुरक्षा बलों का यह काफिला शहर के उन संवेदनशील इलाकों से गुजरा जहां तनाव की आशंका सबसे ज्यादा थी, ताकि आम जनता के बीच प्रशासन की मौजूदगी का अहसास कराया जा सके।
अधिकारियों की अपील और एहतियाती कदम
प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। सीआरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि इस कवायद का मुख्य उद्देश्य लोगों के मन से डर को दूर करना और जनता का भरोसा जीतना है, ताकि यह साबित किया जा सके कि सुरक्षा बल हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
विशिष्ट बलों की भूमिका
आरएएफ जैसे विशेषीकृत बल की तैनाती से शिलांग की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिली है। इस विशेष बल को खासतौर पर दंगों, कानून व्यवस्था बिगड़ने और ऐसी अन्य आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है जहां त्वरित तैनाती की जरूरत पड़ती है। यह मार्च इस बात का स्पष्ट संकेत है कि केंद्रीय बल स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए पूरी मुस्तैदी से खड़े हैं।
नागरिकों से संयम बरतने की अपील
स्थानीय प्रशासन ने शहर के सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों ने जनता से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अप्रमाणित जानकारियों पर भरोसा न करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।


















