असम की राजधानी गुवाहाटी से एक अत्यंत खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर डाले। आरोपी की पहचान रामानुज गोस्वामी के रूप में हुई है, जिसने अपनी पत्नी रिया तालुकदार की जान लेने के बाद उसके कटे हुए सिर को घर के भीतर रखे फ्रिज में छुपा दिया था। इस अमानवीय वारदात का खुलासा होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय अदालत में पेश किए जाने के बाद आरोपी को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपी के रवैये और उसके द्वारा दिए गए बयानों ने जांच अधिकारियों के साथ-साथ आम जनता को भी हैरान कर दिया है।
पड़ोसियों को महसूस हुई दुर्गंध और पुलिस की रेड
यह जघन्य अपराध तब उजागर हुआ जब रामानुज गोस्वामी के अपार्टमेंट से कई दिनों तक लगातार तेज और असहनीय बदबू आने लगी। आसपास रहने वाले पड़ोसियों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ, जिसके बाद उन्होंने बिना देरी किए स्थानीय पुलिस स्टेशन को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बंद फ्लैट को खोलकर अंदर दाखिल हुई। घर के अंदर का दृश्य बेहद वीभत्स था, जहां फर्श पर एक महिला का खून से लथपथ धड़ पड़ा हुआ था। गहन तलाशी के दौरान जब पुलिस अधिकारियों ने रसोई में रखे फ्रिज को खोला, तो उसके भीतर रिया तालुकदार का कटा हुआ सिर बरामद हुआ। पुलिस ने तुरंत फॉरेंसिक विशेषज्ञों और अपराध स्थल जांचकर्ताओं की टीम को मौके पर बुलाया, जिन्होंने वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
झुग्गी इलाके से गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत की प्रक्रिया
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी रामानुज गोस्वामी मौके से फरार हो गया था और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में छुप रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश में विशेष टीमों का गठन किया और संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। सोमवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर गुवाहाटी के एक झुग्गी-झोपड़ी इलाके में घेराबंदी करके आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच स्थानीय न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रस्तुत किया। पुलिस ने मामले की तह तक जाने और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को बरामद करने के लिए रिमांड की मांग की, जिस पर अदालत ने आरोपी को सात दिन की पुलिस हिरासत में सौंपने का आदेश दिया।
पूछताछ में बेखौफ रवैया और विक्ट्री साइन की हरकत
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी रामानुज गोस्वामी ने अपनी पत्नी की हत्या करने की बात स्वीकार की और इसके पीछे घरेलू क्लेश को मुख्य वजह बताया। आरोपी ने दावा किया कि उसकी पत्नी रिया अक्सर उसके साथ दुर्व्यवहार करती थी और उसे अपशब्दों से संबोधित करती थी। उसका कहना था कि घटना वाले दिन तीखी बहस के दौरान पत्नी के बयानों से उसे अत्यधिक गुस्सा आ गया, जिसके बाद उसने आपा खोकर उसकी हत्या कर दी। हालांकि, जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के दावों को केवल उसकी जुबानी कहानी नहीं माना जा सकता और इसके वैज्ञानिक सत्यापन के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी के चेहरे पर अपने किए का जरा भी अफसोस या पछतावा नहीं दिखा। मीडियाकर्मियों और पुलिस के सामने उसने बेखौफ अंदाज में विक्ट्री साइन बनाया, जिससे उसके अड़ियल रवैये का पता चलता है।
'शुगर डैडी' का जिक्र और पत्रकार को दी गई धमकियां
जांच के दौरान मामला उस समय और अधिक उलझ गया जब रामानुज ने एक अज्ञात तीसरे व्यक्ति का जिक्र करते हुए उसे अपनी पत्नी का 'शुगर डैडी' करार दिया। आरोपी ने खुलेआम धमकी दी कि यदि वह जेल से बाहर आता है, तो वह उस व्यक्ति को जिंदा नहीं छोड़ेगा। जब पत्रकार प्रियब्रत गोगोई ने उससे इस 'शुगर डैडी' की पहचान और हत्या के वास्तविक कारणों के बारे में तीखे सवाल पूछे, तो आरोपी आपा खो बैठा और भड़क गया। उसने पत्रकार को भी सीधे तौर पर धमकी देते हुए कहा कि वह अपनी हद पार न करे और ज्यादा होशियार बनने की कोशिश न करे। पुलिस अब इस कथित व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस तीसरे पक्ष की वजह से दंपती के रिश्तों में दरार आई थी।
परिवार का प्रतिष्ठित इतिहास और नशे की पृष्ठभूमि
मामले में आरोपी की मां ने सामने आकर अपने बेटे पर लगे आरोपों पर गहरा दुख और आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि वह एक भद्र और समझदार इंसान है तथा ऐसा जघन्य अपराध नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि उनका परिवार एक सम्मानित सामाजिक पृष्ठभूमि से आता है और रामानुज के दादा संस्कृत भाषा के एक जाने-माने विद्वान थे। दूसरी ओर, पुलिस जांच में आरोपी के अतीत से जुड़े कई गंभीर पहलू भी सामने आए हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, रामानुज लंबे समय से गंभीर नशे की लत से पीड़ित था और 2021 से 2025 के बीच उसे कई बार नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया था। पड़ोसियों ने भी पुष्टि की है कि दोनों के बीच अक्सर उग्र विवाद होते थे और घर से अक्सर रोने-चिल्लाने की आवाजें आती थीं, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि नशे की लत ने इस वारदात में बड़ी भूमिका निभाई।
फॉरेंसिक साक्ष्यों और आगे की जांच पर केंद्रित कार्रवाई
वर्तमान में पुलिस की जांच टीम घटनाक्रम के हर एक पहलू का सूक्ष्मता से अध्ययन कर रही है। फॉरेंसिक लैब की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि हत्या के सटीक समय, इस्तेमाल किए गए तेजधार हथियार और शव को काटने की प्रक्रिया के तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। इसके अलावा पुलिस आरोपी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाल रही है ताकि 'शुगर डैडी' के दावों की सत्यता की जांच की जा सके। सात दिनों की पुलिस हिरासत के दौरान जांच अधिकारी आरोपी का सामना अन्य गवाहों और भौतिक साक्ष्यों से कराएंगे ताकि इस अमानवीय हत्याकांड की पूरी सच्चाई अदालत के समक्ष पेश की जा सके।



















