राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एक सरकारी शिक्षण संस्थान के भीतर बेहद दुखद घटना सामने आई है। कृष्णा नगर इलाके में स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय के परिसर में बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने खुद को आग लगाकर जान दे दी। छात्रा अपने स्कूल बैग में एक बोतल में पेट्रोल छिपाकर लाई थी। आग की लपटों से घिरी छात्रा को गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल से तीन पन्नों का एक नोट भी बरामद किया गया है, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
गार्ड रूम के पिछले हिस्से में घटी घटना
यह दर्दनाक वाकया स्कूल परिसर में मौजूद गार्ड रूम के पिछले हिस्से में हुआ। लगभग 17 से 18 वर्ष की आयु की इस छात्रा ने एकांत जगह देखकर बैग से पेट्रोल की बोतल निकाली और खुद पर छिड़ककर आग लगा ली। कुछ ही पलों में आग की लपटें उठने लगीं, जिससे पूरे विद्यालय परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। विद्यालय प्रबंधन और स्टाफ को जैसे ही इस बात की भनक लगी, तुरंत राहत कार्य शुरू किए गए और पुलिस को सूचना दी गई।
घटनास्थल पर पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री यानी FSL की टीम ने पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। जांच टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए अस्पताल भिजवा दिया है, ताकि मौत के समय और अन्य चिकित्सीय पहलुओं की पुष्टि हो सके।
तीन पन्नों का सुसाइड नोट और वजह
जांच अधिकारियों को छात्रा के पास से तीन पन्नों का एक नोट मिला है। इस नोट में छात्रा ने अपने व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी परेशानियों का उल्लेख किया है। नोट के विवरण के अनुसार, उसने अपने बॉयफ्रेंड के किसी अन्य लड़की से बातचीत करने को लेकर मानसिक तनाव की बात लिखी है। इसी आहत स्थिति के चलते उसने इतना खौफनाक कदम उठाया। पुलिस अब इस नोट की लिखावट और उसमें दर्ज बातों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त का आधिकारिक बयान
शाहदरा जिले की एडिशनल DCP गीतांजलि खंडेलवाल ने इस मामले की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस कंट्रोल रूम को स्कूल के भीतर आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाने से पुलिस दल तत्काल सर्वोदय बाल विद्यालय कृष्णा नगर पहुंचा। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंचने पर छात्रा बुरी तरह झुलसी हुई अवस्था में मिली थी, जिसे बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित किया गया। खंडेलवाल के मुताबिक क्राइम टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके से सभी वैज्ञानिक व भौतिक सबूत जुटा रहे हैं, जिसकी विस्तृत जांच के बाद आगे के तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
परिसर की सुरक्षा और जांच पर उठते सवाल
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद स्कूल परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बैग के अंदर ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल की बोतल लेकर एक छात्रा का कक्षा तक पहुंच जाना सुरक्षा जांच की खामियों की ओर इशारा करता है। घटना के बाद से स्थानीय क्षेत्र में गहरा शोक और सनसनी व्याप्त है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर बच्चों की सुरक्षा और काउंसलिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है।



















