राजस्थान के बाड़मेर जिले में शनिवार को एक भयंकर हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिले के नागाणा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खिम्पसर गांव में एक जोरदार विस्फोट हुआ। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि एक महिला और एक छोटी बच्ची सहित कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना भीषण था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनी गई, जिससे मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े।
विस्फोटक कूटते वक्त हुआ भयंकर ब्लास्ट
प्रारंभिक रिपोर्टों से जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार यह विस्फोटक खेत में घूम रहे जंगली सूअरों को भगाने के उद्देश्य से लाया गया था। हादसा उस वक्त हुआ जब विस्फोटक सामग्री को लोहे के हमामदस्ते में कूटने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान वह अचानक फट गया और भयानक धमाका हुआ। ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि एक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, और उसके शरीर के अंग बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पूरा इलाका दहल उठा।
घायलों को जोधपुर किया गया रेफर
घटना की जानकारी मिलते ही नागाणा थाना पुलिस का दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने बिना देर किए स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रेफर कर दिया। इस हादसे में घायल होने वालों में एक महिला और एक बच्ची भी शामिल हैं, जिससे ग्रामीणों में गहरा शोक और चिंता का माहौल है।
पुलिस कर रही है मामले की गहराई से जांच
घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और साक्ष्य जुटाने शुरू किए। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर यह खतरनाक विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई थी और इसे किस स्रोत से प्राप्त किया गया था। शुरुआती तौर पर यह बात सामने आई है कि फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षित रखने के लिए इस विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाना था। बहरहाल, पुलिस इस पूरे मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि इसके पीछे और कौन लोग शामिल थे और विस्फोटक कहां से आया था।
खतरनाक तरीकों पर उठे गंभीर सवाल
खिम्पसर गांव की इस घटना ने खेतों की सुरक्षा के नाम पर अपनाए जाने वाले खतरनाक और अवैध तरीकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वन्यजीवों या जंगली सूअरों को डराने या भगाने के लिए ऐसे विस्फोटक पदार्थों का उपयोग कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसकी बानगी इस हादसे में देखने को मिली है, जहां एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया और तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। पुलिस की जांच जारी है और जोधपुर में घायलों का इलाज चल रहा है।



















