देश की राजधानी दिल्ली में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक महिला की अचानक अपने घर वापसी उसके लिए मौत का कारण बन गई। बाजार से समय से पहले घर लौटी शबीला खातून ने अपने घर के भीतर कुछ ऐसा देख लिया, जिसने उसके पति लाल बाबू को पूरी तरह से हिंसक बना दिया। इसके बाद घर के भीतर शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ गया कि शबीला को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। दिल्ली पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए शबीला के पति लाल बाबू और उसकी प्रेमिका रुखसार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में यह बात साफ हुई है कि इस हत्या की मुख्य वजह लाल बाबू और रुखसार के बीच चल रहा अवैध प्रेम संबंध था, जिसके चलते वे शबीला को रास्ते से हटाना चाहते थे।
अवैध संबंध और हत्या की साजिश
पुलिस की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि लाल बाबू और रुखसार एक-दूसरे के बेहद करीब थे और दोनों शादी करना चाहते थे। इस शादी के बीच लाल बाबू की पत्नी शबीला खातून सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी। इसी बाधा को दूर करने के लिए दोनों ने मिलकर शबीला को रास्ते से हटाने की एक बेहद खतरनाक और सोची-समझी साजिश रची थी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी कानून के शिकंजे से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और कई दिनों तक अलग-अलग इलाकों में छिपकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल ने उनके इस मंसूबे को पूरी तरह नाकाम कर दिया।
घटना के दिन क्या हुआ था?
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बीती 29 अगस्त की है। उस दिन शबीला खातून अपने बच्चे को लेकर किसी काम से घर से बाहर गई हुई थी। घर को खाली पाकर लाल बाबू ने तुरंत अपनी प्रेमिका रुखसार को अपने घर बुला लिया। दोनों घर के भीतर अकेले वक्त बिता रहे थे, लेकिन तभी शबीला अचानक बाजार से वापस लौट आई। जैसे ही शबीला ने अपने ही घर के अंदर अपने पति के साथ रुखसार को देखा, उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने इस बात का कड़ा विरोध किया और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
बाथरूम में धक्का और मौके पर मौत
शबीला के विरोध और गुस्से से घबराए लाल बाबू ने उस पर काबू पाने की कोशिश की। उसने शबीला का गला दबा दिया ताकि वह शोर न मचा सके। इस दौरान जब शबीला ने खुद को बचाने के लिए जवाबी हमला किया, तो वहां मौजूद रुखसार भी इस हाथापाई में शामिल हो गई। इसके बाद लाल बाबू और रुखसार ने मिलकर पूरी ताकत से शबीला को बाथरूम की तरफ धकेल दिया। धक्का इतना जोरदार था कि शबीला का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे बाथरूम के भीतर जा गिरी। गिरते समय उसका सिर बाथरूम के ऊंचे और कंक्रीट के बने स्लैब से बेहद जोर से टकरा गया। सिर पर लगी यह चोट इतनी गंभीर थी कि शबीला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस को मिली सूचना और तफ्तीश की शुरुआत
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों के हाथ-पांव फूल गए। इसी दौरान शबीला के भाई को कुछ अनहोनी की आशंका हुई और उसने तुरंत पुलिस को फोन कर इस घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत घटना स्थल पर पहुंची, जहां उन्हें शबीला का शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच के दौरान पुलिस टीम को मृतका के शरीर पर संघर्ष और चोट के कई निशान मिले, जिससे यह साफ हो गया कि मौत सामान्य नहीं थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो घर से शबीला का पति लाल बाबू और उसका बच्चा दोनों लापता थे। इस वजह से पुलिस का शक सबसे पहले लाल बाबू पर ही गया।
तकनीकी जांच और 300 CCTV कैमरों का जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी। लाल बाबू और उसके करीबियों की तलाश के लिए पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR का बारीकी से विश्लेषण शुरू किया। इसके साथ ही, इलाके और उसके आसपास के रास्तों पर लगे लगभग 300 CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला गया। इस सघन चेकिंग के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि हत्या के तुरंत बाद रुखसार ने पहचान छुपाने के लिए अपने चेहरे को दुपट्टे से ढक लिया था और वह चुपचाप वहां से निकल गई थी। वहीं, लाल बाबू अपने बच्चे को लेकर घर से बाहर निकला और उसने नोएडा जाने के लिए एक रैपिडो बाइक राइड बुक की।
बिहार से लेकर मुंबई तक भागने का सिलसिला
नोएडा पहुंचने के बाद लाल बाबू वहां रहने वाले अपने चचेरे भाई ओसामा से मिला। इसके बाद वह नोएडा से सीधे बिहार के सीतामढ़ी के लिए रवाना हो गया, जहां उसने अपने बच्चे को अपने माता-पिता के पास सुरक्षित छोड़ दिया। बच्चे को वहां छोड़ने के बाद लाल बाबू खुद को पुलिस से बचाने के लिए मुंबई भाग गया। पुलिस ने जब अपनी जांच का दायरा बढ़ाया, तो ओसामा की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। ओसामा सीतामढ़ी में ही रुका हुआ था, जहां से पुलिस ने उसे दबोच लिया। मुंबई में कुछ दिन बिताने के बाद लाल बाबू को लगा कि मामला थोड़ा शांत हो गया होगा, जिसके बाद वह वापस दिल्ली लौट आया। दिल्ली कदम रखते ही पुलिस ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
बवाना से हुई सह-आरोपी रुखसार की गिरफ्तारी
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने लाल बाबू से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी कहानी बयां कर दी। लाल बाबू से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने रुखसार की तलाश में छापेमारी शुरू की। आखिरकार, पुलिस ने रुखसार को दिल्ली के बवाना इलाके की जेजे कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रुखसार ने भी स्वीकार किया कि वे दोनों शबीला को रास्ते से हटाकर हमेशा के लिए एक होना चाहते थे। पुलिस ने इस पूरे मामले में हत्या और साजिश रचने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दोनों मुख्य आरोपियों और उनकी मदद करने वाले चचेरे भाई को सलाखों के पीछे भेज दिया है।



















