राजस्थान की राजधानी जयपुर के करधणी इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही घर के भीतर परिवार के चार सदस्यों के शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस रहस्यमयी और भयानक हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस के हाथ अब एक ऐसा बेहद महत्वपूर्ण सुराग लगा है, जो इस वारदात के पीछे छिपे सच को उजागर कर सकता है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के अनुसार, वारदात के समय पति और पत्नी के बीच गंभीर हाथापाई और संघर्ष हुआ था। अपनी जान बचाने की कोशिश में जुटी पत्नी गीता के हाथ से पुलिस को बाल के कुछ टुकड़े मिले हैं। प्राथमिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि ये बाल गीता के पति राहुल के ही हैं, जो इस समय लापता है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
संघर्ष का सुराग और फोरेंसिक जांच
घटनास्थल से मिले इस महत्वपूर्ण सुराग ने पूरे मामले की जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। गीता के हाथ में मिले बाल इस बात की ओर साफ इशारा करते हैं कि उसने हमलावर के सामने आसानी से घुटने नहीं टेके थे, बल्कि खुद को बचाने के लिए कड़ा मुकाबला किया था। पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तीखे संघर्ष के दौरान ही गीता के हाथ में हमलावर के बाल आ गए थे। अब पुलिस इस दिशा में वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए इन बालों को FSL लैब भेजा जा रहा है, ताकि डीएनए जांच के जरिए यह पूरी तरह स्पष्ट हो सके कि ये बाल राहुल के ही हैं या नहीं। इसके साथ ही पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि जब राहुल ने अपने ही परिवार पर हमला किया, तो उस समय घर के भीतर क्या परिस्थितियां थीं और गीता ने किस तरह अपना बचाव करने की कोशिश की थी।
घर का ढांचा और शवों की स्थिति
इस हत्याकांड की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घर के अलग-अलग हिस्सों और कमरों से शव बरामद हुए हैं, जिसने पुलिस की तफ्तीश को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इस दो मंजिला मकान की बनावट और शवों की स्थिति कुछ इस तरह थी कि मकान की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में राहुल की पत्नी गीता का शव पड़ा हुआ मिला। वहीं, अगर ग्राउंड फ्लोर की बात करें, तो वहां दो कमरे बने हुए थे। ग्राउंड फ्लोर के पहले कमरे में लगे बेड पर सबसे छोटी बेटी का शव बरामद हुआ, जबकि दूसरे कमरे में नंदिनी और राधिका के शव पड़े हुए मिले। एक ही घर के भीतर अलग-अलग कमरों में बिखरे हुए इन चार शवों को देखकर पुलिस के सामने इस पूरी वारदात की कड़ियों को एक क्रम में जोड़ने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पुलिस अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि हत्यारे ने किस क्रम में वारदात को अंजाम दिया, सबसे पहले किसे निशाना बनाया गया और घटना के वक्त घर का माहौल कैसा था।
शेयर मार्केट का नुकसान और प्लॉट विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस पूरे विवाद के पीछे की मुख्य वजह भी खुलकर सामने आने लगी है। पारिवारिक पृष्ठभूमि और आर्थिक स्थिति की पड़ताल करने पर पता चला है कि राहुल को शेयर मार्केट में भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा था। इस बड़े घाटे से उबरने और कर्ज चुकाने के लिए राहुल अपने परिवार के एक प्लॉट को बेचना चाहता था। लेकिन उसकी पत्नी गीता इस फैसले के पूरी तरह खिलाफ थी और वह प्लॉट बेचने के लिए तैयार नहीं थी। इसी संपत्ति और पैसे के विवाद को लेकर दोनों के बीच अक्सर तीखी बहस और झगड़े होने लगे थे। पुलिस अब इस बात की कड़ियों को जोड़ रही है कि क्या इसी झगड़े और आर्थिक दबाव ने राहुल को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
गुजरात यात्रा और घटनाक्रम का समय
इस हत्याकांड के पीछे छिपी कड़ियों को जोड़ने में राहुल की हालिया गतिविधियों और उसकी यात्रा का ब्योरा भी बेहद अहम साबित हो रहा है। जांच में यह बात सामने आई है कि राहुल बीते 6 सितंबर को गुजरात गया था, जहां वह लगभग तीन दिनों तक रुका था। इसके बाद ही वह वापस जयपुर लौटा था। पुलिस अब राहुल के गुजरात जाने, वहां ठहरने, उसके संपर्कों और वापस जयपुर लौटने के पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि क्या इस पूरे हत्याकांड की साजिश गुजरात में रहने के दौरान ही रची गई थी या फिर जयपुर लौटने के बाद प्लॉट बेचने के विवाद को लेकर अचानक हुए झगड़े के बाद इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस की टीमें और राहुल की तलाश
इस बहुचर्चित और गंभीर हत्याकांड की संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर के पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने आरोपी की धरपकड़ के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। कमिश्नर के आदेश पर ACP शिव भारद्वाज और SHO सवाई सिंह के नेतृत्व में पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें घटनास्थल के आसपास के सभी इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि राहुल के भागने के रास्ते और उसकी लोकेशन का सुराग मिल सके। इसके साथ ही पुलिस संदिग्धों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रही है। हालांकि, इतनी मुस्तैदी के बावजूद राहुल का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस अब घटनास्थल से जुटाए गए भौतिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FSL जांच के नतीजों के आधार पर इस पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है।



















