राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को जान से मारने की नीयत से बेरहमी से पीटा गया। यह सनसनीखेज मामला दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुकुंदपुर के जनता विहार इलाके का है, जहां बदमाशों और उनके परिजनों ने खाकी को निशाना बनाया। घटना 22 अगस्त यानी शनिवार की दोपहर करीब 3 बजे की है, जब इलाके में भारी उपद्रव और मारपीट का माहौल बन गया।
मोटरसाइकिल जब्ती से शुरू हुआ विवाद
पूरी घटना की शुरुआत चेकिंग के दौरान पकड़े गए एक वाहन से हुई। इलाके में बीट स्टाफ के रूप में तैनात हेड कॉन्स्टेबल दिनेश और हेड कॉन्स्टेबल राजेश नियमित पेट्रोलिंग और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक ऐसी मोटरसाइकिल मिली जिसके कागजात वैध नहीं थे। नियमों का पालन करते हुए पुलिसकर्मियों ने उस मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में ले लिया और थाने भिजवा दिया। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वाहन का मालिक और उसके परिवार के कुछ सदस्य पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए मौके पर पहुंच गए और तीखी बहस शुरू कर दी।
मिर्च पाउडर डालकर किया गया हमला
बात इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। उन्होंने सबसे पहले हेड कॉन्स्टेबल दिनेश और राजेश की आंखों में लाल मिर्च का पाउडर झोंक दिया, जिससे वे कुछ देख न सकें। इसके बाद बदमाशों, एक महिला और एक नाबालिग ने मिलकर उन पर ईंट और डंडों से ताबड़तोड़ प्रहार किए। जब साथी पुलिसकर्मी की चीख-पुकार सुनकर हेड कॉन्स्टेबल टीनू मदद के लिए वहां पहुंचे, तो उपद्रवियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उन पर भी हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत अतिरिक्त बल मौके पर भेजा गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की सहायता से कार्रवाई करते हुए एक 17 वर्षीय नाबालिग को मौके से दबोच लिया गया है, जबकि अन्य मुख्य आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे हमले का मुख्य सूत्रधार सुनील उर्फ पंकज है, जो इलाके का बीसी यानी बैड कैरेक्टर है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सुनील के खिलाफ पहले से ही 5 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज दो मामले भी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार चल रहे अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।



















