राजस्थान की राजधानी जयपुर में नकली, प्रतिबंधित और अवैध रूप से बेची जा रही दवाओं के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। इसी अभियान के तहत जयपुर दक्षिण क्षेत्र में ड्रग कंट्रोलर और जयपुर दक्षिण पुलिस ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस पूरी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अवैध दवा कारोबारियों पर शिकंजा कसना था, जो बिना किसी वैध दस्तावेज के बाजार में दवाएं खपा रहे थे।
मुहाना और सांगानेर सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में यह विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान अधिकारियों की टीमों ने कुल पांच प्रमुख मेडिकल स्टोर और दवा फर्मों की औचक जांच की। जांच के शुरुआती चरणों में ही यह साफ हो गया कि इन प्रतिष्ठानों पर नियमों को ताक पर रखकर धंधा चलाया जा रहा था। अधिकारियों को मौके पर ऐसी दवाएं मिलीं जिनका कोई खरीद बिल नहीं था, साथ ही कुछ प्रतिबंधित और नकली दवाइयां भी बरामद की गईं।
औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर मिली सभी संदेहास्पद और अवैध दवाओं को अपने कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इन सभी जब्त की गई दवाओं की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 5 लाख रुपये आंकी गई है। इस बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद विभाग ने संलिप्त पाई गई सभी दुकानों और संबंधित गोदामों को सील कर दिया है। इसके साथ ही इन सभी मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
इस अचानक हुई कार्रवाई से जयपुर के दवा बाजार में उन लोगों के बीच भारी हड़कंप मच गया है जो अवैध रूप से या बिना लाइसेंस के दवाओं का कारोबार कर रहे थे। औषधि नियंत्रण विभाग अब जब्त की गई दवाओं के नमूनों की गुणवत्ता, उनकी वैधता और उनके सप्लायरों के बारे में गहराई से छानबीन कर रहा है। विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
संयुक्त अभियान के दौरान जिन पांच प्रमुख स्थानों पर जांच की गई, उनमें टोंक रोड पर स्थित अभी मेडिकल एंड जनरल स्टोर शामिल है। इसके अलावा सांगानेर के वाटिका रोड पर संचालित शुभम मेडिकल एंड जनरल स्टोर पर भी टीम ने पहुंचकर गहन पड़ताल की। हाज्यावाला क्षेत्र में स्थित बालाजी मेडिकल की भी औषधि नियंत्रण विभाग की टीम द्वारा पूरी तरह से जांच की गई।
जांच के इस दायरे में सांगानेर के गोविंदपुरा इलाके में स्थित श्री श्याम मेडिकोज और सुमन विहार वाटिका रोड पर बनी देवेश मेडिकल एजेंसी भी शामिल रहीं। इन सभी जगहों पर टीमों ने उपलब्ध दवा स्टॉक, खरीद-फ्रीक के बिल, लाइसेंस और अन्य बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की एक-एक प्रविष्टि की बारीकी से पड़ताल की।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई दवाएं ऐसी थीं जिनकी बिक्री पूरी तरह से नियमों के खिलाफ हो रही थी। इन सभी अनधिकृत, प्रतिबंधित और बिना बिल के बेची जा रही दवाओं को जब्त कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार जब्ती की गई सामग्री से जुड़े दस्तावेजों की सत्यता जांची जा रही है और जरूरत पड़ने पर इन दवाओं के सैंपल गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भी भेजे जाएंगे ताकि उनकी असलियत सामने आ सके।



















