पश्चिमी दिल्ली के नारायणा इलाके में किराए के एक छोटे से विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया, जब एक वैन चालक ने महज एक हजार रुपये के किराए को लेकर अपने मुसाफिर की ईंट से वार करके बेरहमी से हत्या कर डाली। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर सबूत मिटाने की पूरी साजिश रची, जिसे पुलिस ने अब बेनकाब कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य चालक के साथ-साथ उसकी पत्नी और बेटे को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है, हालांकि अभी तक मारे गए शख्स की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
गुरुग्राम से शुरू हुआ था विवाद
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी की पहचान 59 साल के राजिंदर कुमार उर्फ अन्नू के तौर पर हुई है, जो नारायणा गांव का ही रहने वाला है। पूछताछ के दौरान राजिंदर ने पुलिस को बताया कि उसने बीते 17 अगस्त को गुरुग्राम के इफको चौक से एक मुसाफिर को अपनी मारुति ईको वैन में बैठाया था। सफर के दौरान ही दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते करीब एक हजार रुपये के किराए के विवाद में तब्दील हो गई।
ईंट से किए कई वार
किराये को लेकर बहस इस हद तक बढ़ गई कि राजिंदर का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आपा खो चुके चालक ने पास पड़ी ईंट से मुसाफिर के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। गंभीर और घातक चोटें लगने की वजह से उस मुसाफिर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या करने के बाद राजिंदर के होश उड़ गए और उसने लाश को ठिकाने लगाने के लिए अपनी 59 साल की पत्नी कामिनी मखीजा और अपने 28 साल के बेटे लक्ष्य मखीजा को मदद के लिए बुला लिया। पुलिस के अनुसार, इस खौफनाक कृत्य के बाद मां-बेटे ने मिलकर शव को छिपाने और मौके से तमाम सबूत मिटाने में पूरी शिद्दत से राजिंदर का साथ दिया।
परिवार ने मिटाए सबूत और छिपाई वैन
साजिश के तहत राजिंदर की पत्नी कामिनी ने वारदात में इस्तेमाल की गई मारुति ईको वैन को छिपाने में पति की मदद की, ताकि किसी को शक न हो सके। वहीं, उनके बेटे लक्ष्य ने आगे आकर मारे गए शख्स के कपड़े और जूते ऐसी जगह ठिकाने लगाए कि पुलिस को आसानी से कोई सुराग न मिल पाए। यह पूरा मामला तब खुलकर सामने आया जब स्थानीय पुलिस को नारायणा विहार इलाके में सड़क किनारे एक शव पड़े होने की सूचना मिली। तुरंत पीसीआर कॉल मिलने पर नारायणा थाना पुलिस की टीम मौके पर जा पहुंची।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि सरकारी स्कूल की दीवार के पास बने फुटपाथ पर करीब 35 साल के एक अज्ञात शख्स का शव नग्न हालत में पड़ा हुआ था। मामले की गंभीरता को भांपते हुए फौरन क्राइम टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को घटनास्थल पर बुलाया गया। सभी जरूरी सबूत जुटाने के बाद शव को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल भिजवा दिया गया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी पहेली मृतक की पहचान करना और यह पता लगाना था कि उसे वहां कौन छोड़कर गया था, क्योंकि आसपास कोई भी चश्मदीद गवाह मौजूद नहीं था। इसके बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालने का बीड़ा उठाया।
500 कैमरों की मदद से पुलिस पहुंची कातिल तक
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इनमें एक मारुति ईको वैन संदिग्ध परिस्थितियों में घूमती हुई नजर आई। शुरुआत में उस वैन का रजिस्ट्रेशन नंबर साफ नहीं दिख रहा था, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी। पुलिस ने अलग-अलग कैमरों के फुटेज को आपस में जोड़कर उस गाड़ी के आने-जाने का पूरा रूट मैप तैयार किया। सीसीटीवी की इसी तकनीकी मदद से पुलिस आखिरकार वैन के मालिक तक पहुंच ही गई। जांच में पता चला कि वह गाड़ी नारायणा गांव के रहने वाले राजिंदर कुमार के नाम पर रजिस्टर्ड है।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, शिनाख्त की कोशिश जारी
इसके बाद पुलिस ने बिना देर किए राजिंदर को हिरासत में ले लिया और उससे सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ के दौरान उसने किराए को लेकर हुए विवाद के बाद हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने राजिंदर की पत्नी कामिनी की निशानदेही पर वह मारुति ईको वैन भी बरामद कर ली। इसके अलावा बेटे लक्ष्य की दी गई जानकारी के आधार पर मृतक के कपड़े और जूते भी पुलिस के हाथ लग गए। पुलिस ने शुक्रवार रात तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अब मृतक की पहचान कराने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।



















