ग्रेटर नोएडा: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे ग्रेटर नोएडा में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन सोसाइटी की 14वीं मंजिल से अचानक दो मजदूर नीचे आ गिरे, जिससे उनकी मौके पर ही गंभीर स्थिति बन गई और बाद में अस्पताल में दोनों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों की पहचान 19 साल के सरकार और 45 साल के जमाल शेख के तौर पर की गई है।
घटना की विस्तृत जानकारी और पुलिस कार्रवाई
इस पूरे मामले पर पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी ने मीडिया को विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना थाना बिसरख क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक निर्माण स्थल पर हुई। हादसे का शिकार हुए दोनों मजदूर मूल रूप से पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले के रहने वाले थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद थाना बिसरख की पुलिस टीम मौके पर पहुँची और दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही, पुलिस ने सुरक्षा और लापरवाही के पहलुओं की जांच शुरू करते हुए निर्माण स्थल पर मौजूद एक ठेकेदार को हिरासत में लिया है। इस मामले में आगे की कानूनी और विधिक कार्रवाई पूरी की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों और गाइडलाइंस की अनदेखी के कारण इस तरह के हादसों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जहाँ कामगारों की सुरक्षा दाँव पर लग जाती है।
आईआईटी दिल्ली कैंपस और अन्य दुर्घटनाओं का सिलसिला
शनिवार के दिन ही दिल्ली के आईआईटी कैंपस से भी एक अन्य दुखद घटना सामने आई। यहाँ एक 31 वर्षीय एमएससी के छात्र ने इमारत की छठी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के वक्त मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, लेकिन मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन मिला है जिसे पुलिस खंगाल रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए आईआईटी दिल्ली ने संस्थान के 22 अगस्त 2026 को हुए इस छात्र के असामयिक निधन पर गहरा शोक जताया। संस्थान ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस इस मामले की गहनता से जाँच कर रही है और उनकी संवेदनाएँ पीड़ित परिवार के साथ हैं, जिन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में भी एक ऐसी ही दुर्घटना घटी थी, जहाँ एक काली मंदिर को हटाने की कार्रवाई के दौरान मलबे की चपेट में दो लोग आ गए थे, जिसमें एक मजदूर की जान चली गई थी। इसके अलावा, मथुरा में एक निर्माणाधीन मॉल की शटरिंग गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई थी और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस प्रकार की लगातार सामने आने वाली दुर्घटनाएँ निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के बुनियादी नियमों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।



















