राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में वित्तीय नियमों की अनदेखी कर करोड़ों रुपये की विदेशी मुद्रा बाहर भेजने का एक बड़ा मामला सामने आया है। आयकर विभाग द्वारा की गई शुरुआती पड़ताल के बाद अब पुलिस ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) शेरिल गुप्ता के खिलाफ औपचारिक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है। आरोप है कि बिना उचित सत्यापन और जरूरी कागजातों की जांच किए कई महत्वपूर्ण प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए, जिनके दम पर 815 करोड़ रुपये की विशाल राशि को अवैध तरीके से विदेशों में ट्रांसफर किया गया।
बिना जरूरी कागजातों और सत्यापन के जारी किए गए प्रमाण पत्र
इस पूरे मामले की जड़ में विदेशी मुद्रा को विदेश भेजने के लिए तय की गई वैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन माना जा रहा है। नियमों के मुताबिक किसी भी व्यक्ति या व्यावसायिक संस्थान को विदेशी मुद्रा हस्तांतरित करने से पहले कड़े वित्तीय सत्यापन और दस्तावेजों की जांच से गुजरना पड़ता है। हालांकि, जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, सीए शेरिल गुप्ता ने इन अनिवार्य मापदंडों का पालन नहीं किया। आवश्यक कागजातों और सत्यापन प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए, जिनका इस्तेमाल करके भारी भरकम रकम विदेश भेज दी गई।
815 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जांच
कानून प्रवर्तन और वित्तीय एजेंसियों की जांच का मुख्य केंद्र लगभग 815 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि है। इतनी बड़ी राशि का अनधिकृत या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विदेशों में ट्रांसफर होना मामले को बेहद संवेदनशील और गंभीर बना देता है। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन में जुटी है कि ये प्रमाण पत्र असल में किन व्यक्तियों या व्यापारिक संस्थानों के नाम पर बनाए गए थे। इसके साथ ही, किस बैंकिंग अथवा गैर-बैंकिंग माध्यम से इस भारी धनराशि को देश से बाहर भेजा गया, इसकी पूरी श्रृंखला को खंगाला जा रहा है।
आयकर विभाग की जांच से पुलिस केस तक का सफर
यह पूरा घटनाक्रम रायसिंहनगर स्थिति सीए संस्थान से जुड़ी आयकर विभाग की एक गोपनीय कार्रवाई से शुरू हुआ था। आयकर विभाग ने संस्थान के कामकाज और जारी किए गए वित्तीय दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाईं। विभागीय जांच के दौरान जब 815 करोड़ रुपये के अवैध हस्तांतरण के सबूत सामने आए, तो विभाग ने संबंधित विवरण एकत्र कर स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। पुलिस ने इस शिकायत को आधार बनाते हुए सीए के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
वित्तीय रिकॉर्ड्स की खंगाली जा रही परतें
वर्तमान में पुलिस और आयकर विभाग दोनों ही इस मामले के हर पहलू की विस्तृत पड़ताल कर रहे हैं। जांच अधिकारी संस्थान के कार्यालय से जब्त किए गए दस्तावेजों, जारी किए गए प्रमाण पत्रों की प्रतियों और संबंधित बैंक खातों के लेनदेन के रिकॉर्ड का सूक्ष्म विश्लेषण कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया में शामिल अन्य संदिग्धों और लाभार्थियों की भूमिका भी आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी। फिलहाल जांच प्रक्रिया शुरुआती दौर में है और सभी साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए जुटाया जा रहा है।



















