आतंकवाद विरोधी अभियानों को बड़ी सफलता दिलाते हुए यूपी एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड ने 22 अगस्त को कानपुर से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान बकर खान और उसकी बहन उरूज फातिमा के रूप में हुई है। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि दोनों बहन-भाई सीमा पार पाकिस्तान में बैठे संदिग्ध तत्वों के साथ संपर्क में थे। एटीएस की टीम दोनों को गोपनीय स्थान पर रखकर पूछताछ कर रही है ताकि देश विरोधी गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर उनके नेटवर्क के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की जा सके।
कर्नाटक में धरपकड़ और चार संदिग्धों का फैला जाल
कानपुर में हुई यह कार्रवाई देश भर में चल रहे एक बड़े सुरक्षा अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। इससे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने कर्नाटक से भी दो संदिग्धों, मोहम्मद समीर और सलमान को हिरासत में लिया था। इन दोनों पर भी पाकिस्तान और खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े होने का आरोप है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम में कुल चार संदिग्धों को चिह्नित कर जांच के घेरे में लिया गया है। यूपी एटीएस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां मिलकर इन संदिग्धों के आपसी संपर्कों, डिजिटल खातों और कॉल डिटेल्स को खंगाल रही हैं ताकि देश भर में फैले संभावित नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
बलरामपुर से गिरफ्तार हुआ आईएसआई एजेंट शहरज अहमद
सुरक्षा एजेंसियों की इस तत्परता से पहले पिछले महीने भी एक प्रमुख आईएसआई एजेंट को दबोचा गया था। 18 अगस्त को यूपी एटीएस ने बलरामपुर जिले के जमधारा गांव से 29 वर्ष के शहरज अहमद को गिरफ्तार किया था। बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने शहरज अहमद की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के लिए काम करने के शक में पकड़ा गया था।
शुरुआती जांच में सामने आया कि शहरज अहमद मुंबई में सिलाई और कढ़ाई के कारीगर के रूप में काम करता था। मुंबई में रहने के दौरान ही वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप सिग्नल के माध्यम से आईएसआई के आकाओं के संपर्क में आया था। एटीएस के अनुसार, शहरज अहमद आतंकी साजिशों को अंजाम देने के काम में जुटा हुआ था और उसके आकाओं ने उसे राजस्थान के श्री गंगानगर जिले से अवैध हथियार तथा विस्फोटक पदार्थ हासिल करने की जिम्मेदारी दी थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ लखनऊ स्थित एटीएस पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू की गई थी।
फर्जी दस्तावेजों और आधार कार्ड गिरोह का भंडाफोड़
आतंकी गतिविधियों के साथ-साथ यूपी एटीएस ने अवैध प्रवासियों को देश में पनाह देने वाले अंतरराज्यीय रैकेट पर भी कड़ी कार्रवाई की है। जुलाई महीने में सुरक्षा बलों ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज से सद्दाम नाम के मुख्य आरोपी को दबोचा था। आरोपी सद्दाम पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था और वह फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड माना जाता था।
सद्दाम और उसका गिरोह जाली जन्म प्रमाण पत्र, फर्जी निवास प्रमाण पत्र और स्कूल के फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके विदेशी नागरिकों को धोखाधड़ी से भारतीय आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनवा कर देता था। इस गैरकानूनी काम का मुख्य फायदा बांग्लादेशी, नेपाली और अन्य विदेशी नागरिकों को पहुंचाया जा रहा था। एटीएस ने सद्दाम को पकड़ने से पहले ही इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार से 17 अन्य सह-आरोपियों को गिरफ्तार किया था।



















