ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के भस्मा थाना क्षेत्र स्थित दरलीपाली गांव में फ्लाई ऐश के परिवहन को लेकर उपजे विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया है। गुरुवार की रात दो विरोधी समूहों के बीच हुई गोलीबारी की इस खूनी घटना में एक युवक की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में दशहत और तनाव का माहौल बन गया है। मारे गए युवक की पहचान सुनील नेटी के रूप में हुई है, जो इस अप्रत्याशित हिंसा का शिकार बन गया। स्थानीय स्तर पर ताप विद्युत संयंत्र से निकलने वाली राख के परिवहन के अधिकार को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी, जो आखिरकार एक बड़ी त्रासदी में बदल गई।
दो संगठनों के बीच कार्यालय परिसर में खूनी संघर्ष
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद यूनाइटेड फेडरेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस और राइट नामक दो अलग-अलग संगठनों के बीच चल रहा था। गुरुवार की रात लगभग तीस से चालीस की संख्या में यूनाइटेड फेडरेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस से जुड़े युवक अचानक राइट संगठन के दफ्तर के परिसर में जा पहुंचे। वहां पहुंचते ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई जो कुछ ही पलों में मारपीट और हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। इस गहमागहमी के दौरान अचानक दो राउंड गोलियां दागी गईं, जिसकी चपेट में आकर सुनील नेटी गंभीर रूप से जख्मी होकर जमीन पर गिर पड़े।
अस्पताल ले जाते समय हुई मौत
गोलीबारी की इस घटना के तुरंत बाद घायल सुनील नेटी को गंभीर हालत में सुंदरगढ़ सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन उनके शरीर पर आई गंभीर चोटें इतनी गहरी थीं कि डॉक्टरों के प्रयास असफल साबित हुए और इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। इस हत्या की खबर फैलते ही इलाके में कोहराम मच गया और आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त हो गया। लोग इस बात से बेहद डरे और चिंतित हैं कि मामूली व्यावसायिक या परिवहन के वर्चस्व की लड़ाई इतनी हिंसक कैसे हो सकती है।
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज का खुलासा
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस फौरन हरकत में आई और घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं, जिनमें कई युवक संदिग्ध परिस्थितियों में घटनास्थल की ओर बढ़ते हुए साफ नजर आ रहे हैं। फुटेज के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि भीड़ के बीच से ही किसी व्यक्ति ने हथियार निकालकर गोली चलाई थी। पुलिस अब इन फुटेजों के आधार पर मुख्य आरोपी की सटीक पहचान करने में जुटी है ताकि कानून के शिकंजे में उसे जल्द से जल्द कसा जा सके।
आपराधिक षड्यंत्र और गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल
प्रशासन अब यह भी गहराई से खंगाल रहा है कि इस खूनी संघर्ष के पीछे किसी पेशेवर अपराधी या शूटर का हाथ तो नहीं था। पुलिस अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि दोनों संगठनों के बीच फ्लाई ऐश के परिवहन को लेकर असल विवाद का बिंदु क्या था और किन परिस्थितियों के चलते बात जानलेवा हमले तक पहुंच गई। परिवहन के इस कारोबार में वर्चस्व जमाने की फिराक में घूम रहे असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर भी पुलिस की पैनी नजर है। इलाके में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।


















