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बारां के समरानियां में गंदे पानी की सप्लाई से त्रस्त लोग, नलों में आ रही लाल मिट्टी और तेल की परतराजस्थान
29 अग॰ 2026, 12:16 pm (1 घंटे पहले)· 2

बारां के समरानियां में गंदे पानी की सप्लाई से त्रस्त लोग, नलों में आ रही लाल मिट्टी और तेल की परत

बारां जिले के समरानियां कस्बे के मोटर मार्केट इलाके में करीब 20 दिनों से नलों में दूषित पानी आ रहा है, जिसमें लाल मिट्टी और तेल की परत मिल रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जलदाय विभाग से शुद्ध पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।

राजस्थान के बारां जिले के समरानियां कस्बे के मोटर मार्केट इलाके में इन दिनों गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया है। यहां पिछले करीब 20 दिनों से नलों के जरिए गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इतने लंबे समय से लगातार गंदा पानी मिलने के कारण स्थानीय निवासियों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यह जलापूर्ति इतनी खराब स्थिति में है कि इसे पीना तो दूर, रोजमर्रा के घरेलू कामकाज में इस्तेमाल करना भी असंभव साबित हो रहा है। इस दूषित जलापूर्ति के कारण इलाके में किसी बड़ी संक्रामक बीमारी के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।

नलों के पानी में मिल रही लाल मिट्टी और तेलीय परत

क्षेत्र के रहवासियों ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि पाइपलाइनों से आने वाले पानी में भारी मात्रा में लाल मिट्टी घुली हुई आ रही है। इस पानी को कुछ देर बर्तन में रखने के बाद उसकी ऊपरी सतह पर तेल जैसी चिकनी परत तैरने लगती है। इस वजह से पानी का रंग मटमैला और उसका पूरा रूप तेलीय नजर आता है। पानी की यह खतरनाक स्थिति देखते ही समझ आ जाती है कि यह उपभोग के योग्य बिल्कुल नहीं है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि प्रभावित परिवारों को अपने पीने के पानी और खाना पकाने के लिए बाहर से साफ पानी खरीदकर या अन्य स्रोतों से लाना पड़ रहा है।

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दिनचर्या प्रभावित और बीमारी फैलने का बड़ा अंदेशा

करीब तीन हफ्तों से बनी इस समस्या ने स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की दिनचर्या को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह उठने से लेकर घर के अन्य जरूरी कामों तक के लिए लोगों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। नहाने धोने, कपड़े साफ करने और बर्तनों की धुलाई जैसे कामों के लिए भी वैकल्पिक इंतजाम तलाशने पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा विकट स्थिति उन परिवारों के सामने है जिन्हें रोज दूर-दराज के इलाकों से पानी ढोकर अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो लोगों का स्वास्थ्य दांव पर लग सकता है। विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्गों में दूषित पानी की वजह से पेट की बीमारियों और अन्य जलजनित संक्रमणों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

प्रशासन और जलदाय विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग

कस्बे के लोगों ने जलदाय विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से अपील की है कि वे इस पूरे मामले को पूरी गंभीरता से लें और दूषित जलापूर्ति की असली वजहों का पता लगाएं। स्थानीय लोगों का मानना है कि पानी की मुख्य पाइपलाइन में किसी जगह बड़ा लीकेज हो सकता है या फिर कोई अन्य तकनीकी खामी आ गई होगी, जिसकी वजह से गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। लोगों ने मांग की है कि इस गड़बड़ी की फौरन जांच करवाकर समस्या को जड़ से खत्म किया जाए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और जलदाय विभाग को चेतावनी दी है कि यदि इस पुरानी समस्या का समाधान तुरंत नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी ज्यादा भयावह हो सकते हैं।

सवाल-जवाब

समरानियां के किस इलाके में दूषित पानी की समस्या है?
समरानियां कस्बे के मोटर मार्केट क्षेत्र में पिछले करीब 20 दिनों से दूषित पानी आ रहा है।
नलों के पानी में क्या-क्या अशुद्धियां मिल रही हैं?
नलों के पानी में भारी मात्रा में लाल मिट्टी घुली हुई आ रही है और रखने पर उस पर तेल जैसी परत बन जाती है।
कितने दिनों से यह समस्या बनी हुई है?
स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या पिछले करीब तीन सप्ताह यानी 20 दिनों से लगातार बनी हुई है।
लोगों को पानी के लिए क्या करना पड़ रहा है?
प्रभावित परिवारों को पीने और खाना पकाने के लिए बाहर से साफ पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों ने किससे मांग की है?
क्षेत्रवासियों ने जलदाय विभाग और प्रशासन से पानी की गुणवत्ता की जांच कर शुद्ध पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·46 मिनट पहले

बारां के समरानियां में पिछले बीस दिनों से नलों में लाल मिट्टी और तेलीय परत वाला गंदा पानी आना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण है। पाइपलाइन में लीकेज या तकनीकी खामી की आशंका के बीच, यह संकट न केवल नागरिकों की दैनिकचर्या को अस्त-व्यस्त कर रहा है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों में जलजनित संक्रामक बीमारियों का बड़ा खतरा भी पैदा कर रहा है। यदि जलदाय विभाग ने समय रहते मुख्य लाइनों की जांच कर इस दूषित जलापूर्ति को नहीं सुधारा, तो स्थिति स्वास्थ्य आपातकाल में बदल सकती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·46 मिनट पहले

रोहन वर्मा की इस रिपोर्ट से उजागर हुआ यह जल संकट सिर्फ एक स्थानीय असुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। यदि जलदाय विभाग ने इस दूषित जलापूर्ति के मूल कारणों की तकनीकी जांच में और देरी की, तो यह लापरवाही भारतीय दंड संहिता और उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के दायरे में आपराधिक उपेक्षा की श्रेणी में आ सकती है। जिला प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करते हुए टैंकरों से शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए और इस गंभीर आपराधिक लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए, अन्यथा स्थानीय आक्रोश जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

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