कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पालतू जानवर और आवारा कुत्ते के बीच हुए झगड़े ने हिंसक मोड़ ले लिया। जिले के आनंदपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नादवल्ली गांव में लिंगमूर्ति नामक एक व्यक्ति ने अपने पालतू कुत्ते पर लगातार हो रहे हमलों से तंग आकर एक आवारा कुत्ते को गोली मार दी। गोली लगने से कुत्ते की मौके पर ही मौत हो गई। इस वारदात के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ यह भी जांच कर रही है कि उसके पास हथियार कहां से आया था।
पालतू कुत्ते पर हमले से उपजा गुस्सा और गुरुवार की घटना
पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपी लिंगमूर्ति के घर के आसपास एक आवारा कुत्ता अक्सर घूमता रहता था। वह कुत्ता लिंगमूर्ति के पालतू कुत्ते को देखते ही उस पर भौंकता था और दोनों के बीच अक्सर झड़प हो जाती थी। कुछ समय पहले इसी आवारा कुत्ते ने लिंगमूर्ति के पालतू कुत्ते को बुरी तरह काट लिया था। इस घटना के बाद से ही लिंगमूर्ति उस आवारा कुत्ते से बेहद नाराज चल रहा था और उसके मन में गहरा गुस्सा भरा हुआ था।
मामले की पृष्ठभूमि गुरुवार को उस समय बनी जब नादवल्ली गांव का निवासी बोरप्पा अपने मवेशियों को गांव से बाहर चराने के लिए ले जा रहा था। मवेशियों की आवाजाही के दौरान वह आवारा कुत्ता भी उनके पीछे-पीछे चलते हुए लिंगमूर्ति के घर के पास तक पहुंच गया। लिंगमूर्ति ने जैसे ही अपने परिसर के बाहर उस कुत्ते को देखा, उसकी पुरानी रंजिश फिर से ताजा हो गई और वह अपना आपा खो बैठा।
घर से बंदूक लाकर चलाई गोली, मौके पर ही मौत
आवारा कुत्ते को अपने घर के आसपास देखकर लिंगमूर्ति अत्यधिक गुस्से में आ गया। वह तुरंत अपने घर के अंदर गया और वहां रखी एक बंदूक लेकर बाहर आया। आरोपी ने बिना किसी झिझक के कुत्ते को निशाना बनाया और उस पर सीधी गोली चला दी। गोली कुत्ते की पीठ और जांघ वाले हिस्से में जाकर लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अत्यधिक खून बहने के कारण उसने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए और घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। आनंदपुरा पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मृत कुत्ते के शव को कब्जे में लेकर मामले की शुरुआती पड़ताल शुरू की।
अवैध हथियार और सार्वजनिक सुरक्षा पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में पुलिस जांच का मुख्य बिंदु उस हथियार से जुड़ा है जिससे गोलीबारी की गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि लिंगमूर्ति को वह बंदूक कहां से प्राप्त हुई थी और क्या उसके पास उसे रखने या इस्तेमाल करने का कोई वैध दस्तावेज अथवा लाइसेंस था। शुरुआती पुलिस पड़ताल में संकेत मिले हैं कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल की गई बंदूक पूरी तरह से बिना लाइसेंस की यानी अवैध थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आवासीय क्षेत्र में बिना लाइसेंस वाले हथियार का उपयोग करना आम जनता की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। रिहायशी बस्ती में गोली चलाने से किसी इंसान की जान को भी खतरा हो सकता था। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध हथियार रखने, सार्वजनिक स्थान पर गोलीबारी करने और बेजुबान जानवर की हत्या करने के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।



















