दमोह में रक्षाबंधन के दिन दहला देने वाली घटना, महज साठ मिनट के भीतर ट्रेन से कटकर एक ही परिवार के तीन लोगों ने दी जानमेरठ के इन महाभारत कालीन मंदिरों में मनाएं जन्माष्टमी, हस्तिनापुर से परीक्षितगढ़ तक के खास धामजोधपुर एयरपोर्ट पर भारी नकदी और सोने के साथ यात्री गिरफ्तार, मुंबई जाने की तैयारी में था रूपेश भंवरलाल जैनचित्रकूट में विराध राक्षस का हुआ था वध, जानिए इस ऐतिहासिक स्थान और पवित्र सरोवर का रहस्यअलवर के बगड़ राजपूत में जोहड़ के पास फेंका गया भारी कचरा, सड़ांध से ग्रामीणों में आक्रोशसलमान खान को अर्पिता ने बांधी राखी, बैकग्राउंड की पेंटिंग ने खींचा फैंस का ध्यानमानेसर की क्रिकेट अकादमी में बड़ा हादसा, पिच समतल करने वाला रोलर चालू होने से 8 साल के आकाश की मौतबरसात में चाय के साथ जमाएं रंग: बुरहानपुर के प्रसिद्ध 'केले के वड़े' की आसान रेसिपी, दो दिन तक नहीं होते खराबबोकारो में मक्के की पैदावार बचाने के उपाय, अजय तिर्की ने बताए कीट और रोगों से सुरक्षा के तरीकेमूलांक 4 राशिफल 29 अगस्त 2026: राहु बढ़ाएगा उलझन, शांत रहेंगे तो संभल जाएगा मामला
दौसा में चोरी के दौरान करंट लगने पर साथी की हत्या, पुलिस को भटकाने के लिए 3 किमी दूर फेंकी थी लाश, 2 गिरफ्तारअपराध
29 अग॰ 2026, 8:51 am (51 मिनट पहले)· 2

दौसा में चोरी के दौरान करंट लगने पर साथी की हत्या, पुलिस को भटकाने के लिए 3 किमी दूर फेंकी थी लाश, 2 गिरफ्तार

राजस्थान के दौसा जिले में 15 अगस्त को हुई राहुल उर्फ भानु मीणा की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने 15 दिन बाद दो मुख्य आरोपियों को जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। चोरी के दौरान करंट लगने से घायल राहुल को उसके साथियों ने ही गला घोंटकर मार डाला था और शव को 3 किलोमीटर दूर फेंक दिया था।

राजस्थान के दौसा जिले के मंडावर थाना क्षेत्र में 15 अगस्त को अंजाम दिए गए राहुल उर्फ भानु मीणा हत्याकांड का पर्दाफाश हो चुका है। पुलिस ने लगभग 15 दिनों की गहन तफ्तीश के बाद इस खौफनाक वारदात की गुत्थी सुलझाते हुए एक महिला सहित तीन लोगों को नामजद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में खोखर निवासी सुरेश उर्फ सुर्रा और शेरसिंह उर्फ शेरू शामिल हैं, जबकि मामले में पकड़ी गई महिला को अदालत से जमानत मिल चुकी है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला आपसी पुरानी रंजिश और कत्ल का प्रतीत हो रहा था, लेकिन जब जांच की परतें खुलीं तो सच्चाई बिल्कुल अलग निकली। असल में राहुल अपने दो साथियों के साथ चोरी करने गया था, जहां बिजली का झटका लगने के बाद उसके ही दोस्तों ने उसे मौत के घाट उतार दिया और वारदात को दूसरा रूप देने के लिए शव को तीन किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया।

चोरी के दौरान हादसा और गले में चुन्नी बांधकर हत्या

मामले का पूरा विवरण देते हुए महवा के डीएसपी अनूप सिंह ने बताया कि राहुल मीणा अपने दो साथियों सुरेश और शेरसिंह के साथ मंडावर के किशोरपुर गांव में चोरी की नीयत से एक मकान में घुसा था। गृहस्वामी ने सुरक्षा के लिहाज से अपने मकान के आसपास करंट वाला तार बिछा रखा था। चोरी की नीयत से दाखिल होते ही राहुल इस बिजली के तार की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसके साथियों ने उसकी मदद करने या उसे अस्पताल पहुंचाने के बजाय उसकी हत्या की साजिश रच डाली। आरोपियों ने राहुल के गले में चुन्नी बांधकर उसका गला घोंट दिया और उसके पैर भी रस्सी से बांध दिए।

ये भी पढ़ें

हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी राहुल के शव को घसीटते हुए घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर खेड़ली कला गांव ले गए। वहां उन्होंने शव को बाजरे के एक खेत में फेंक दिया। इस पूरी योजना का मकसद पुलिस को भ्रमित करना और घटना को हादसा या रंजिश का रूप देना था।

पुरानी रंजिश का फायदा उठाकर निर्दोष को फंसाने की साजिश

तफ्तीश में पुलिस के हाथ यह बेहद महत्वपूर्ण सुराग लगा कि वारदात से ठीक दो दिन पहले राहुल की चेतराम मीणा नामक व्यक्ति से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। आरोपियों को इस कहासुनी की जानकारी थी और उन्होंने इसी का फायदा उठाकर पुलिस की तफ्तीश भटकाने की खतरनाक चाल चली। आरोपियों ने राहुल के शव को चेतराम के घर के बिल्कुल पास इसीलिए पटका था ताकि पुलिस का सारा शक चेतराम पर जाए और जांच की दिशा भटक जाए।

शुरुआत में पुलिस ने संदेह के आधार पर महिला और चेतराम दोनों की भूमिका की गहन जांच की। हालांकि, वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के बाद चेतराम की इस हत्याकांड में कोई भी भूमिका नहीं पाई गई। वहीं, गिरफ्तार की गई महिला की भी इस हत्या में कोई सीधी या प्रत्यक्ष संलिप्तता सामने नहीं आई, जिसके आधार पर उसे अदालत से जमानत मिल गई।

राजस्थान पुलिस का अंतरराज्यीय ऑपरेशन: यूपी और जम्मू-कश्मीर से दबोचे गए आरोपी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंडावर थानाधिकारी हरिओम मीणा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। डीएसपी अनूप सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने कई अलग-अलग पहलुओं से मामले की पड़ताल शुरू की। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, संदिग्धों की गतिविधियों और स्थानीय मुखबिरों से मिले सुरागों को जोड़ते हुए आरोपियों के छिपने के ठिकानों का पता लगाया। इसके बाद चलाए गए अंतरराज्यीय अभियान के तहत पुलिस ने शेरसिंह उर्फ शेरू को जम्मू-कश्मीर से हिरासत में लिया, जबकि दूसरे मुख्य आरोपी सुरेश उर्फ सुर्रा को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।

दोनों आरोपियों को राजस्थान लाकर स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि वारदात में इस्तेमाल की गई सामग्री, रास्ते के सबूत और घटना से जुड़ी अन्य कड़ियों को पूरी तरह जोड़ा जा सके।

अलवर का हिस्ट्रीशीटर है मुख्य आरोपी शेरसिंह

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी शेरसिंह उर्फ शेरू कोई सामान्य अपराधी नहीं है, बल्कि वह अलवर जिले के खेड़ली थाने का नामी हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ विभिन्न पुलिस स्टेशनों में आपराधिक मामलों की एक लंबी सूची दर्ज है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, शेरू के खिलाफ पूर्व में भी चोरी, लूट और हिंसा से जुड़े करीब 15 मामले दर्ज हैं।

पुलिस अधिकारी अब उसके पुराने आपराधिक इतिहास का ब्योरा खंगाल रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि राहुल की हत्या में उसकी क्या आपराधिक रणनीति थी। लगभग 15 दिनों तक चली इस उलझी हुई जांच के बाद आखिरकार पुलिस साजिश का पर्दाफाश करने में सफल रही। इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि शातिर अपराधियों ने पुलिस जांच की दिशा मोड़ने के लिए शव को तीन किलोमीटर दूर ले जाकर फेंकने का सुनियोजित नाटक रचा था।

सवाल-जवाब

राहुल मीणा की हत्या कब और कहां हुई थी?
राहुल उर्फ भानु मीणा की हत्या 15 अगस्त को राजस्थान के दौसा जिले के मंडावर थाना क्षेत्र में हुई थी।
राहुल की मौत का प्राथमिक कारण क्या था?
चोरी के दौरान मकान की सुरक्षा के लिए लगे करंट वाले तार की चपेट में आने से राहुल घायल हो गया था, जिसके बाद उसके साथियों ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
मामले में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने खोखर निवासी सुरेश उर्फ सुर्रा (उत्तर प्रदेश से) और शेरसिंह उर्फ शेरू (जम्मू-कश्मीर से) को गिरफ्तार किया है। एक महिला को भी पकड़ा गया था, जिसे जमानत मिल चुकी है।
आरोपियों ने शव को 3 किलोमीटर दूर क्यों फेंका था?
आरोपियों ने पुलिस जांच को गुमराह करने और दो दिन पुरानी कहासुनी के आधार पर चेतराम मीणा को फंसाने के लिए शव उसके घर के पास बाजरे के खेत में फेंका था।
मुख्य आरोपी शेरसिंह का आपराधिक रिकॉर्ड क्या है?
शेरसिंह उर्फ शेरू अलवर जिले के खेड़ली थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR