केरल के कोझिकोड शहर में एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को दबोचा है जो फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर मादक पदार्थों की जब्ती और तस्करी का धंधा चला रहा था। आरोपी खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर नशा तस्करों के ठिकानों पर छापेमारी करता था, उनसे अवैध नशीले पदार्थ छीनता था और फिर उसी सामान को दूसरे खरीदारों को बेचकर भारी मुनाफा कमाता था। इसके अलावा वह पकड़ाए गए युवकों से रकम भी वसूलता था। स्थानीय पुलिस और विशेष रोधी दस्ते ने एक संयुक्त अभियान चलाकर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
फर्जी दरोगा बनकर रंगदारी वसूलने की शिकायतों से खुला राज
कोझिकोड शहर के विभिन्न इलाकों से पिछले कुछ समय से ऐसी गंभीर शिकायतें सामने आ रही थीं कि एक अज्ञात व्यक्ति खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर युवाओं को डरा-धमका रहा है और उनसे पैसों की उगाही कर रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स स्पेशल एक्शन फोर्स (DANSAF) ने गुप्त रूप से जांच शुरू की। छानबीन के दौरान अधिकारियों को भनक लगी कि आरोपी न केवल पैसे वसूल रहा है बल्कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में भी सीधे तौर पर संलिप्त है।
डैनसैफ और फेरोक पुलिस की संयुक्त छापेमारी में हुई गिरफ्तारी
प्राप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए DANSAF की विशेष टीम ने फेरोक थाना पुलिस के साथ मिलकर एक साझा ऑपरेशन की योजना बनाई। बीते गुरुवार की रात सुरक्षा बलों ने रमनट्टुकारा क्षेत्र के वैद्यरंगडी इलाके में घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोजित के रूप में हुई है, जो फेरोक के पास स्थित चुंगम कल्लीथोड का स्थायी निवासी है। पुलिस टीम ने मौके पर ही उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
तस्करों से एमडीएमए छीनकर दोबारा बेचने का अनूठा तरीका
पुलिस जांच में आरोपी रोजित के काम करने के बेहद शातिराना तरीके का खुलासा हुआ है। वह खुद को DANSAF का वरिष्ठ अधिकारी बताता था और संदिग्ध ठिकानों पर जाकर तलाशी लेता था। इस दौरान यदि किसी के पास सिंथेटिक ड्रग्स यानी MDMA मिलता, तो वह उसे जब्त कर लेता था। इसके बाद वह इस जब्त किए गए नशीले पदार्थ को कानून लागू करने वाली एजेंसियों को सौंपने के बजाय गुप्त रूप से अन्य सप्लायर्स और ग्राहकों को बेच देता था। इस अवैध खरीद-फरोख्त से वह मोटी रकम कमा रहा था। साथ ही, जिन लोगों से वह ड्रग्स बरामद करता था, उनसे कार्रवाई न करने के एवज में भी भारी रकम ऐंठता था।
आरोपी के पास से एयर पिस्टल, फर्जी पहचान पत्र और वर्दी वाली फोटो बरामद
गिरफ्तारी के समय पुलिस ने रोजित के पास से 2.5 ग्राम MDMA बरामद किया है। हालांकि, जांच अधिकारियों का मानना है कि वह इससे पहले कोझिकोड शहर में कई लोगों को बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बेच चुका है। आरोपी के पास से एक फर्जी पुलिस पहचान पत्र, हथकड़ी, एक एयर पिस्टल और पुलिस की आधिकारिक वर्दी पहने हुए उसकी पासपोर्ट साइज तस्वीरें भी जब्त की गई हैं। इन तस्वीरों और पहचान पत्र का इस्तेमाल वह आम लोगों और तस्करों को चकमा देने के लिए करता था।
वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस टीम
पुलिस प्रशासन अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि रोजित के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में उसके साथ कोई अन्य सहयोगी भी शामिल था या नहीं। इसके अलावा, जिन तस्करों और खरीदारों से उसके संपर्क थे, उनकी भी सूची तैयार की जा रही है ताकि पूरे सिंडिकेट पर शिकंजा कसा जा सके।



















