राजस्थान के जोधपुर एयरपोर्ट पर उस समय अफरातफरी मच गई जब सीआईएसएफ के जवानों ने नियमित चेकिंग के दौरान एक यात्री के बैग से भारी मात्रा में कैश और सोने के जेवरात बरामद किए। शुरुआती जांच में सामने आया कि यात्री बिना किसी वैध दस्तावेज के इतनी बड़ी रकम और सोना लेकर मुंबई जाने की फिराक में था। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
सीआईएसएफ की सतर्कता से हुआ खुलासा
जोधपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए संदिग्ध लगेज की गहन तलाशी ली। जैसे ही बैग खुला, अधिकारियों के होश उड़ गए क्योंकि उसके अंदर भारी मात्रा में नकदी और सोने के सिक्के रखे हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने बिना किसी देरी के मामले की जानकारी एयरपोर्ट थाना पुलिस को दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बैग को अपने कब्जे में लिया और यात्री से पूछताछ शुरू कर दी।
बरामदगी और जब्त सामान का पूरा ब्योरा
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब सामान की विस्तृत जांच की तो उसमें 23.50 लाख रुपये की नगदी के अलावा सोने के 8 सिक्के मिले, जिनमें प्रत्येक का वजन 10-10 ग्राम था। इसके साथ ही बैग से 4 सोने की अंगूठियां और एक सोने का कड़ा भी बरामद किया गया। पुलिस ने जब यात्री से इन कीमती वस्तुओं और नकदी के संबंध में वैध बिल या दस्तावेज मांगे, तो वह मौके पर कोई भी संतोषजनक कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने सभी जूतों, सिक्कों, आभूषणों और कैश को जब्त कर लिया।
मुंबई जाने की थी योजना
पूछताछ में पकड़े गए यात्री की पहचान रूपेश भंवरलाल जैन के रूप में हुई है, जो जोधपुर से मुंबई की उड़ान पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह भारी रकम और सोना उसे कहां से मिला था और इसे मुंबई ले जाने के पीछे उसका असल मकसद क्या था। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं यह मामला हवाला कारोबार या किसी अवैध गतिविधि से तो जुड़ा हुआ नहीं है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने रूपेश भंवरलाल जैन को गिरफ्तार कर लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह खंगाल रहे हैं कि बरामद संपत्ति के स्रोत क्या हैं और क्या इसके समर्थन में कोई वैध व्यावसायिक या खरीद-बिक्री के दस्तावेज बाद में पेश किए जाते हैं या नहीं। इस मामले में संपत्ति और आय के अन्य पहलुओं को भी बारीकी से परखा जा रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इतनी बड़ी नकदी और सोने के आभूषणों को ले जाने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।


















