आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले से सामने आए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में एक परिवार के तीन सदस्यों की जान गोदावरी नदी में कूदने से चली गई थी। इस सामूहिक आत्महत्या के पीछे एक हैरान कर देने वाला और सनसनीखेज पहलू सामने आया है, जो मृतका के द्वारा छोड़े गए पांच पन्नों के सुसाइड नोट से उजागर हुआ है।
गोदावरी में परिवार की छलांग और भयानक खुलासे
काकीनाडा जिले में 16 अगस्त की रात को यह दुखद घटना घटी थी। पंचायत राज विभाग के 61 वर्षीय असिस्टेंट इंजीनियर नूकराजू, उनकी 58 वर्षीय पत्नी मीना, 38 वर्षीय बेटी सौजन्या और उनका छोटा नाती रियांश राजामहेंद्रवरम रोड-कम-रेल ब्रिज पर पहुंचे थे। इन चारों ने नदी में छलांग लगा दी थी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय मछुआरों और पुलिस ने राहत अभियान चलाया। पानी में करीब 20 मिनट तक संघर्ष करने के बाद नौ वर्षीय रियांश की जान बचा ली गई, लेकिन नूकराजू, मीना और सौजन्या को नहीं बचाया जा सका।
सुसाइड नोट में सादिक पर गंभीर और डरावने आरोप
पुलिस जांच के दौरान नूकराजू का एक नोट और सौजन्या के स्कूटर से पांच पन्नों का एक विस्तृत खत बरामद हुआ। काकीनाडा के एसपी बिंदु माधव के अनुसार, इन दोनों पत्रों में सादिक खान का नाम प्रमुखता से सामने आया है। सौजन्या ने अपने नोट में आरोप लगाया कि सादिक उसे लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। खत में यह भी दावा किया गया है कि सादिक ने सौजन्या के पति जगदीश रेड्डी की हत्या में भी भूमिका निभाई थी। नोट में लिखा गया कि आरोपी ने कनाडा से मुंबई के रास्ते एक अत्यंत जहरीला केमिकल मंगवाया था और उसे सौजन्या के पति को दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
ब्लैकमेलिंग, धर्म परिवर्तन और बेटे को अगवा करने की धमकी
सौजन्या ने अपने खत में यह भी बयां किया कि किस तरह से भरोसे का फायदा उठाकर उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा। उसके अनुसार, सादिक उसके बेटे रियांश के माध्यम से परिवार की निजी जानकारियां जुटाता था और फिर उन्हीं बातों को हथियार बनाकर उसे डराता था। खत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने उसके बेटे के स्कूल में कोच की भूमिका निभाते हुए बच्चे को अगवा करने और आतंकवादियों को बेचने की धमकी दी थी। इसके अलावा, सौजन्या पर लगातार इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया जाता था और उसे इस्लामी किताबें पढ़कर हर रोज नोट्स तैयार करने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। आत्महत्या से करीब 10 दिन पहले लगातार तीन दिनों तक उसे पीटे जाने का जिक्र भी खत में है, जिसमें एक बार उप्पाडा बीच पर ले जाकर उसे समुद्र में धक्का देने की घटना भी शामिल है।
पुलिस की कार्रवाई और मेरठ से गिरफ्तारी
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद आरोपी सादिक अपना मोबाइल फोन बंद करके फरार हो गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 विशेष टीमों का गठन किया और पांच अलग-अलग राज्यों में उसकी धरपकड़ के लिए सघन अभियान चलाया। आखिरकार लंबी मशक्कत के बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ से उसे दबोच लिया गया। ट्रांजिट वारंट के जरिए उसे काकीनाडा लाया गया, जहां मेडिकल परीक्षण के बाद अदालत में पेश करने पर उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके बाद सरपावरम थाने में पुलिस अधिकारियों ने उससे गहन पूछताछ की ताकि इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। साथ ही, पुलिस सादिक की शूटिंग अकादमी से जुड़ी गतिविधियों की भी बारीकी से जांच कर रही है ताकि उसके अन्य संपर्कों और हरकतों का पता लगाया जा सके।



















