बल्लभगढ़ बस स्टैंड पर बढ़ी बसों की संख्या, आगरा और अलीगढ़ जाने वालों के लिए राहतज्वालामुखी में श्मशानघाट पर बवाल: नितिका की जलती चिता के बीच पत्थरबाजी, मायकेवालों की मांगहिमाचल प्रदेश के बिझड़ी में चोरों का दुस्साहस, घर में पार्टी कर उड़ाए 50 लाख के गहने और नकदीसरगुजा के कर्महा गांव में जल जीवन मिशन की टंकी शोपीस, गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीणजोडी बररेज ने कहा कि ऑनलाइन गालियों से उन्हें डर नहीं लगता क्योंकि यह आम बात हो गई हैराजस्थान पंचायत चुनाव का तीसरा चरण: 27 जिलों में सरपंच पदों के नतीजों के बाद कई जगह हंगामा और झड़पमूलांक 8 राशिफल 6 नवंबर 2026: काम का भारी दबाव और जिम्मेदारियों के बीच सहयोग की जरूरतजोधपुर में दीवाली की रौनक, हैंडीक्राफ्ट सामानों की बहारबोकारो में दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन सख्त, अवैध कोयला खदानों पर बुलडोजर कार्रवाईधनतेरस पर अपनों को भेजें ये शानदार संदेश, जीवन में बनी रहेगी सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत
मानसा में युवक की संदिग्ध मौत पर कोहराम, शव धरने पर ले जाने को लेकर पुलिस से भिड़े ग्रामीणअपराध
28 अक्तू॰ 2026, 5:54 am (9 दिन पहले)· 3

मानसा में युवक की संदिग्ध मौत पर कोहराम, शव धरने पर ले जाने को लेकर पुलिस से भिड़े ग्रामीण

पंजाब के मानसा में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। परिजन शव को त्रिकोणी चौक स्थित धरने पर ले जाने की जिद पर अड़े थे, जिसके बाद पुलिस के साथ झड़प हो गई।

पंजाब के मानसा जिले में एक 35 वर्षीय युवक की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो जाने के बाद क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल फैल गया है। इस घटना के बाद मृतक के परिवारवालों और स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया। स्थिति उस समय और अधिक बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारी युवक के शव को एक धरने वाली जगह पर ले जाने के लिए आगे बढ़ने लगे और पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर शव को अपने कब्जे में ले लिया और भीड़ को वहां से तितर-बितर कर दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।

दलजीत सिंह की पहचान और परिवार की स्थिति

पुलिस और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान मानसा जिले के अंतर्गत आने वाले भम्मे कलां गांव के रहने वाले करीब 35 वर्षीय दलजीत सिंह के रूप में हुई है। दलजीत वैवाहिक बंधन में बंधे थे और उनके दो छोटे बच्चे भी हैं। परिजनों ने बहुत ही दुखी मन से बताया कि वह अपने पूरे परिवार का भरण-पोषण करने वाले इकलौता कमाने वाले सदस्य थे। उनकी इस अचानक और संदिग्ध मौत से पूरे परिवार पर दुखों का भारी पहाड़ टूट पड़ा है। इस हृदयविदारक घटना की खबर मिलते ही गांव के लोग और रिश्तेदार भारी संख्या में एकत्र हो गए और उनका गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीण और परिजन शव को सिरसा-मानसा रोड पर ले आए और सड़क को जाम कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मुख्य मांग थी कि इलाके में खुलेआम जहर यानी नशा बेचने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

ये भी पढ़ें

त्रिकोणी चौक पर चल रहे धरने की ओर बढ़ना

विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ मृतक दलजीत सिंह के शव को अपने साथ लेकर मानसा के त्रिकोणी चौक की तरफ बढ़ने लगी। इस महत्वपूर्ण चौक पर नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पहले से ही एक धरना चल रहा था। प्रदर्शनकारियों की मंशा थी कि दलजीत के शव को भी इसी मुख्य धरनास्थल पर ले जाकर रखा जाए, जिससे प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके। जब यह काफिला आगे बढ़ा तो कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने आगे के रास्ते को ब्लॉक करने के लिए वहां भारी वाहन और ट्रक खड़े कर दिए ताकि प्रदर्शनकारी आगे न बढ़ सकें। हालांकि, इसके बावजूद ग्रामीण शव को धरनास्थल तक पहुंचाने की अपनी मांग पर पूरी तरह अड़े रहे।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक टकराव

रास्ते में रोके जाने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आमने-सामने की स्थिति पैदा हो गई। बैरिकेडिंग और वाहनों के जरिए रास्ता रोके जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। हालात तेजी से बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और हल्‍का बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से बलपूर्वक खदेड़ दिया। इस अफरा-तफरी के बीच पुलिस ने मृतक के शव को अपने नियंत्रण में ले लिया। इस तनावपूर्ण घटनाक्रम के बाद इलाके में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की मौजूदगी को काफी बढ़ा दिया गया है ताकि शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके। इस हंगामे का एक वीडियो दृश्य यहां देखा जा सकता है।

खेतों के पास मिला शव और नशे की लत

परिजनों के बयानों के अनुसार, दलजीत सिंह पिछले कुछ समय से नशे की गंभीर लत का शिकार हो चुके थे। वह किसी काम से मानसा गए हुए थे और इसी दौरान उनका शव रमानंदी के पास स्थित खेतों के नजदीक बरामद हुआ। इस दुखद अंत के सामने आने के बाद परिवार ने खुलकर आरोप लगाया कि इलाके में धड़ल्ले से नशे का कारोबार चल रहा है और खुलेआम जहर बेचा जा रहा है। परिवार का कहना है कि इसी खुली उपलब्धता के कारण उनके घर का चिराग बुझ गया और उन्हें अपूरणीय क्षति उठानी पड़ी। हालांकि, दलजीत की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों और कारणों से हुई, यह अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है। परिजनों का दावा है कि उनकी मौत अत्यधिक मात्रा में नशा लेने यानी ओवरडोज के कारण हुई है, जबकि दूसरी ओर पुलिस इस पूरे मामले को मर्डर या हत्या से जोड़कर देख रही है। मौत की असली वजह क्या थी, इसका खुलासा केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और पुलिस की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

पत्नी और मां का नशा तस्करों के खिलाफ आक्रोश

मृतक दलजीत सिंह की पत्नी परमजीत कौर और उनकी माता चंद्र कौर ने क्षेत्र में फैल रहे नशे के कारोबार को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का साफ तौर पर कहना है कि ड्रग्स और नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता के कारण युवा पीढ़ी लगातार इसकी चपेट में आ रही है, जिससे हंसते-खेलते परिवार पूरी तरह बर्बाद हो रहे हैं। शोकाकुल परिजनों ने पुरजोर मांग की है कि दलजीत की मौत के लिए जो भी लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार हैं, उनकी तुरंत पहचान की जाए और नशा बेचने वाले सौदागरों को गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही परिवार ने सरकार की तरफ से किए जा रहे नशा विरोधी दावों और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलते हुए उन पर भी कड़े सवाल उठाए हैं। उनका सीधा आरोप है कि सरकारें भले ही पंजाब से नशा पूरी तरह खत्म करने के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नशा आज भी हर जगह आसानी से उपलब्ध है और यह एक विकराल समस्या बनी हुई है।

सवाल-जवाब

दलजीत सिंह की मौत कहां हुई थी?
दलजीत सिंह का शव मानसा जिले के रमानंदी के पास खेतों के नजदीक मिला था।
दलजीत सिंह की उम्र कितनी थी?
मृतक दलजीत सिंह की उम्र करीब 35 वर्ष थी।
परिजनों और ग्रामीणों ने शव को कहां ले जाने का प्रयास किया था?
परिजन और ग्रामीण शव को मानसा के त्रिकोणी चौक पर ले जाना चाहते थे जहां धरना चल रहा था।
त्रिकोणी चौक पर किस मांग को लेकर धरना चल रहा था?
त्रिकोणी चौक पर नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर धरना चल रहा था।
दलजीत की मौत का कारण क्या बताया जा रहा है?
परिजनों का दावा है कि मौत नशे की ओवरडोज से हुई है, जबकि पुलिस इसे मर्डर का मामला बता रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·9 दिन पहले

नशे की वजह से एक और घर उजड़ गया और अब न्याय के लिए ऐसी धक्का-मुक्की देख कर बहुत दुख होता है।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·9 दिन पहले

नशा बेचने वालों पर गुस्सा जायज है, पर शव को धरने पर ले जाकर इस तरह भिड़ना समझ नहीं आया। पुलिस से झड़प से असल मुद्दा पीछे छूट जाता है और घरवाले और मुसीबत में फंसते हैं।

Amit Patel@amit-patel·9 दिन पहले

स्नेह, आपकी बात बिल्कुल सही है। जब ऐसा हादसा होता है तो परिवार अपना आपा खो बैठता है, और ऐसे में पुलिस से भिड़ंत से न्याय मिलने की बजाय मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 दिन पहले

एक परिवार अपने जवान बेटे को खो चुका है और उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, ऐसे में पुलिस के साथ यह धक्का-मुक्की और शव को लेकर छीना-झटकी हालात को और बिगाड़ रही है। नशा बेचने वालों पर गुस्सा जायज़ है, लेकिन क्या पुलिस पहले ही कोई ठोस कार्रवाई करती तो ये नौबत न आती?

Rohan Verma@rohan-verma·9 दिन पहले

करण, बात तो सही है आपकी, पर मुझे नहीं लगता कि पुलिस पहले कार्रवाई करती तो भी ये लोग शव को धरने पर ले जाने से रुकते।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp