अवैध महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ चल रही वैश्विक जांच में भारतीय सुरक्षा और जांच एजेंसियों के हाथ एक और महत्वपूर्ण कामयाबी लगी है। सिंडिकेट के प्रमुख संचालक सौरभ चंद्राकर के सबसे करीबी सहयोगी रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हिरासत में ले लिया गया है। यह कदम तब सामने आया है जब कुछ ही दिन पहले मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया था, जिसे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक बड़ी कानूनी सफलता बताया था।
विदेशों तक फैला अवैध वित्तीय नेटवर्क
जांच के दायरे में आया यह पूरा मामला महादेव ऐप के जरिए चलाए जा रहे विशालकाय अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और हवाला वित्तीय लेनदेन के तंत्र से जुड़ा है। सौरभ चंद्राकर, जिसने कभी सामान्य जूस की दुकान चलाने से शुरुआत की थी और बाद में दुबई में 200 करोड़ रुपये की भव्य शादी रचाकर चर्चा में आया था, ने रवि उप्पल के साथ मिलकर इस सिंडिकेट की नींव रखी थी। भारतीय जांच एजेंसियां लंबे समय से इन दोनों प्रमुख संचालकों के पीछे लगी हुई थीं ताकि इस समानांतर सट्टेबाजी तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
जांच का बढ़ता दायरा और व्यापक कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस प्रकरण में वित्तीय अनियमितताओं की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है। मामले की तहकीकात के दौरान एजेंसी ने 940 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की थीं, जिससे पूरे मामले में कुल जब्ती और कुर्की की कार्रवाई 3,800 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है। इसी जांच के तहत पहले ईबीआईएक्स के चेयरमैन विकास गर्ग को 24 घंटे की रिमांड पर लिया गया था, जबकि वांटेड आरोपी अभिषेक कुमार को भी आपत्तिजनक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। अब रवि उप्पल के पकड़े जाने से इस नेटवर्क के बचे हुए लेन-देन और मददगारों के राज खुलने की उम्मीद है।


















