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राजस्थान पंचायत चुनाव का तीसरा चरण: 27 जिलों में सरपंच पदों के नतीजों के बाद कई जगह हंगामा और झड़पराजस्थान
6 नव॰ 2026, 11:06 am (8 मिनट पहले)· 0

राजस्थान पंचायत चुनाव का तीसरा चरण: 27 जिलों में सरपंच पदों के नतीजों के बाद कई जगह हंगामा और झड़प

राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के तहत 27 जिलों में हुए मतदान और परिणामों के बाद कई स्थानों पर तनाव, मारपीट और फर्जी मतदान के आरोप सामने आए हैं।

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 के तीसरे चरण में राज्य के 27 जिलों की ग्राम पंचायतों में गुरुवार को सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इस चरण के दौरान कुल 3716 ग्राम पंचायतों में वोट डाले गए, जिसमें सरपंच के 3716 और वार्ड पंच के 34218 पदों पर प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना था। चुनाव आयोग की ओर से इन चुनावों के लिए प्रदेश भर में 11869 मतदान केंद्र बनाए गए थे। शाम को मतदान संपन्न होने के बाद विभिन्न केंद्रों पर मतगणना शुरू हुई जो देर रात तक चलती रही। नतीजों के आने के साथ ही कई गांवों में जहां समर्थकों ने अपनी जीत का जश्न मनाया, वहीं कई जगहों पर हार-जीत को लेकर उपजी रंजिश, फर्जी मतदान के गंभीर आरोप और आपसी विवादों के कारण माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

जालोर, दौसा, टोंक और झुंझुनूं में हिंसा और तनाव

मतदान और परिणामों के बाद जालोर, दौसा, टोंक और झुंझुनूं जिलों से भारी हंगामे, मारपीट और पुलिस कार्रवाई की घटनाएं सामने आईं। कई ग्रामीण इलाकों में देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही, जिस पर काबू पाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमले को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा। कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना क्षेत्र के गुगलकोटा गांव में सरपंच पद के चुनाव की मतगणना समाप्त होने के बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई और वहां जमकर हंगामा हुआ। चुनाव में हार से बौखलाए एक प्रत्याशी के समर्थकों पर भारी उत्पात मचाने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करने का गंभीर आरोप लगा है। बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया और उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद मौके पर स्थिति नियंत्रण में आई और पुलिस ने इस सिलसिले में करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया। इस अप्रत्याशित हंगामे के बाद से पूरे गांव में तनाव का साया बना हुआ है।

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दौसा में मतदान और मतगणना के दौरान टकराव

दौसा जिले में भी पंचायत चुनाव के दौरान विभिन्न बूथों पर विवाद और संघर्ष की कई वारदातें दर्ज की गईं। सिकंदरा क्षेत्र की ब्राह्मण बैराडा पंचायत में एक सरपंच प्रत्याशी पर जानलेवा हमला किए जाने की घटना हुई। आरोप लगाया गया कि कुछ अज्ञात हमलावरों ने लाठी और सरियों से लैस होकर प्रत्याशी पर हमला बोल दिया और उनकी गाड़ी के शीशे पूरी तरह तोड़ दिए। इस हिंसक हमले में प्रत्याशी को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर बचाया। स्थानीय पुलिस के अनुसार, मतदान शुरू होने से ठीक पहले इस घटना की सूचना मिली थी, हालांकि पीड़ित प्रत्याशी की ओर से थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई थी। इसके अलावा, दौसा के नांदरी मतदान केंद्र पर भी दो पक्षों के बीच तीखी झड़प हो गई। बूथ के अंदर शुरू हुआ यह विवाद कुछ ही देर में बड़े टकराव में बदल गया, जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा। हालांकि इसके बाद भी बूथ के बाहर दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए। इस पूरे घटनाक्रम पर एसपी कुंदन कंवरिया और कलेक्टर सौम्या झा लगातार पैनी नजर बनाए रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आसपास के इलाकों से अतिरिक्त पुलिस बल को तुरंत मौके पर रवाना किया गया।

झुंझुनूं में चुनावी रंजिश के चलते खूनी संघर्ष और मौत

इन चुनावों के दौरान सबसे दुखद और गंभीर मामला झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र के देलसर कलां गांव से सामने आया, जहां पुरानी चुनावी रंजिश ने एक बाहरी युवक की जान ले ली। यह पूरा विवाद तोगड़ा कलां ग्राम पंचायत के चुनाव को लेकर बीते बुधवार को शुरू हुआ था। जानकारी के अनुसार, कैंपर गाड़ियों की आपस में भिड़ंत होने के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इसके बाद दोनों तरफ से लाठी-डंडों और पत्थरों का इस्तेमाल कर जमकर मारपीट की गई। इस खूनी संघर्ष में तीन लोग बुरी तरह घायल हो गए, जिनमें से एक घायल युवक की बाद में मौत हो गई। मृत पाया गया यह युवक पंजाब के होशियारपुर जिले का रहने वाला था, जिसका शव झुंझुनूं जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। वहीं अन्य घायलों को तुरंत नवलगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भारी मशक्कत के बाद स्थिति को संभाला। पुलिस ने संघर्ष में इस्तेमाल की गई कई गाड़ियां जब्त कर ली हैं और कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मुकुंदगढ़ थानाधिकारी गोपाल सिंह ने बताया कि झड़प में दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आई हैं और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

जालोर और टोंक में फर्जी मतदान को लेकर ग्रामीणों का विरोध

जालोर जिले के चितलवाना में सरपंच पद के चुनाव के दौरान फर्जी मतदान होने के गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने भारी हंगामा खड़ा कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि मतदान प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कराया जा रहा है, जिसके विरोध में उन्होंने मतदान को बीच में ही रुकवा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ लाठीचार्ज किया और पूरी तरह एकतरफा कार्रवाई को अंजाम दिया। उनका यह भी कहना था कि स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से ही यह फर्जी मतदान कराया जा रहा था। इस लाठीचार्ज के बाद माहौल और अधिक गरमा गया और इसी हंगामे के दौरान एडिशनल एसपी आवड़दान चारण की गाड़ी के शीशे भी टूटने की जानकारी सामने आई, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो गए।

अन्य क्षेत्रों में भी जारी रहा हंगामे का दौर

जालोर के ही झाब गांव में भी फर्जी मतदान के आरोपों के कारण ग्रामीणों ने मतदान प्रक्रिया को रोक दिया था। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और उनकी नाराजगी दूर की, जिसके बाद वहां दोबारा सुचारू रूप से वोटिंग शुरू कराई जा सकी। इस मामले में भी पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लिया है। इसी तरह टोंक जिले की कुरेड़ा ग्राम पंचायत में भी फर्जी मतदान के आरोप लगने के बाद काफी हंगामा हुआ। हालांकि मौके पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को दबोच लिया, जिसके बाद वहां मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ाई जा सकी। इस प्रकार, राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में जहां एक तरफ लोकतंत्र के इस पर्व में जीत का जश्न मनाने वाले चेहरे दिखे, वहीं दूसरी तरफ चुनावी रंजिश, हिंसा और फर्जी मतदान के गंभीर आरोपों ने कई जगहों पर कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी कर दी। देर रात तक पुलिस और प्रशासन का अमला संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए था।

सवाल-जवाब

राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में कुल कितने जिलों में मतदान हुआ?
तीसरे चरण में 27 जिलों की ग्राम पंचायतों में मतदान कराया गया।
कितनी ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के लिए वोट डाले गए?
27 जिलों की 3716 ग्राम पंचायतों में सरपंच के 3716 और वार्ड पंच के 34218 पदों के लिए चुनाव हुआ।
झुंझुनूं जिले के किस गांव में खूनी संघर्ष की घटना सामने आई?
झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र के देलसर कलां गांव में खूनी संघर्ष हुआ।
दौसा जिले में किन अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी?
एसपी कुंदन कंवरिया और कलेक्टर सौम्या झा ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी।
जालोर के किस स्थान पर फर्जी मतदान को लेकर हंगामा हुआ?
जालोर जिले के चितलवाना और झाब में फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर हंगामा हुआ।
कितने मतदान केंद्र बनाए गए थे?
प्रदेश में कुल 11,869 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
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