महाराष्ट्र के नालासोपारा इलाके में एक दर्दनाक वारदात सामने आई है, जहां मामूली कहासुनी के बाद हुई मारपीट में एक नाबालिग की मौत हो गई। यह घटना एक कैफे के बाहर हुई, जहां दो किशोरों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक किशोर ने दूसरे पर शारीरिक हमला कर दिया। आरोपी ने पीड़ित के चेहरे, छाती और पेट पर मुक्कों से लगातार वार किए। इसके बाद उसने पीड़ित को जोरदार धक्का देकर फुटपाथ पर गिरा दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बचाने में असमर्थता जताते हुए मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी नाबालिग को नोटिस जारी कर उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
कैफे के बाहर शुरू हुआ था मामूली विवाद
यह पूरी सनसनीखेज घटना नालासोपारा पूर्व स्थित बैठक कैफे के बाहर घटी। इस मामले को लेकर आचोले पुलिस स्टेशन में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह घटना 14 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे की है। बैठक कैफे के सामने 17 वर्षीय मृतक नाबालिग और 16 वर्षीय आरोपी किशोर किसी विषय पर आपस में उलझ गए थे। यह मामूली बहस इतनी आक्रामक हो गई कि आरोपी ने अपना आपा खो दिया और मृतक के शरीर के संवेदनशील अंगों जैसे चेहरे, छाती और पेट पर मुक्कों से बेरहमी से प्रहार करना शुरू कर दिया।
सिर पर गंभीर चोट लगने से गई जान
हमले के दौरान आरोपी ने हद पार करते हुए मृतक की गर्दन को अपनी बाईं बगल में कसकर जकड़ लिया और उसे जबरन खींचते हुए फुटपाथ पर नीचे पटक दिया। इस जबरदस्त झटके और नीचे गिरने के कारण नाबालिग के सिर के पिछले हिस्से में बहुत गंभीर चोट लग गई। इस गंभीर चोट के बाद उसे तत्काल इलाज के लिए नालासोपारा के एक स्थानीय अस्पताल में पहुंचाया गया। हालांकि, चिकित्सा उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई
प्रारंभिक चरण में इस दुर्भाग्यपूर्ण मामले में आचोले पुलिस स्टेशन के भीतर केवल आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया था। लेकिन पुलिस द्वारा की गई गहन पूछताछ और विस्तृत जांच के बाद यह बात साफ हो गई कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत धाराओं में बदलाव करते हुए हत्या का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने बताया कि इस घटना में शामिल आरोपी खुद भी एक नाबालिग है और कानून की नजर में विधि से संघर्षरत बालक की श्रेणी में आता है। इसी वजह से उसे गिरफ्तार करने के बजाय उसके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया है। साथ ही, नियमानुसार भविष्य की कानूनी कार्यवाही में शामिल होने के लिए औपचारिक नोटिस भी जारी कर दिया गया है।



















