साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष जांच अभियान के दौरान फुलेरा थाना पुलिस ने किराए पर बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक व्यक्ति को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सांभरलेक की शिव विहार कॉलोनी में कॉलेज के पास रहने वाले पुनीत वर्मा के तौर पर हुई है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि आरोपी के बैंक खाते से मार्च 2025 से अब तक कुल 97 लाख रुपये का संदिग्ध और धोखाधड़ी से जुड़ा लेनदेन अंजाम दिया गया है।
विशेष अभियान के तहत हुआ मामले का पर्दाफाश
साइबर अपराध पर लगाम लगाने के मकसद से 17 अगस्त से 31 अगस्त तक एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कार्रवाई के अंतर्गत फुलेरा थाना पुलिस की विशेष टीम ने समन्वय पोर्टल के माध्यम से बैंक ऑफ बड़ौदा की एक स्थानीय शाखा में चल रहे खातों का विश्लेषणात्मक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस को एक विशिष्ट खाते की गतिविधियों पर गहरा संदेह हुआ।
जब पुलिस टीम ने इस खाते का विस्तृत ब्योरा खंगाला, तो पता चला कि इसके खिलाफ केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात और झारखंड सहित कुल सात अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की गंभीर शिकायतें पहले से दर्ज हैं। यह खाता सांभरलेक निवासी पुनीत वर्मा के नाम पर पंजीकृत पाया गया।
97 लाख रुपये के लेनदेन का बैंक स्टेटमेंट से खुलासा
फुलेरा पुलिस ने संबंधित बैंक खाते की पासबुक और विस्तृत बैंक स्टेटमेंट का गहन अध्ययन किया। जांच अधिकारियों को पता चला कि मार्च 2025 से लेकर वर्तमान समय तक इस खाते में करीब 97 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि जमा और निकाली गई है। यह पूरी रकम ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध के जरिए पीड़ित लोगों से ऐंठी गई थी।
वित्तीय अनियमितता और अपराध में संलिप्तता के ठोस साक्ष्य मिलने के बाद फुलेरा थाने में औपचारिक मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पुनीत वर्मा को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ में ही आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने आर्थिक लाभ के लिए अपना बैंक खाता साइबर ठगों को सौंप रखा था।
₹25,000 प्रति महीने के किराए पर चलता था खाता
पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, पुनीत वर्मा साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने की अनुमति देने के बदले हर महीने 25,000 रुपये का निश्चित किराया वसूलता था। ठगी का शिकार हुए लोगों से हड़पी गई रकम को सबसे पहले इसी खाते में ट्रांसफर कराया जाता था, जिसके बाद अपराधी इस पैसे को अन्य खातों में भेजकर निकाल लेते थे।
पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के मुख्य सरगनाओं और अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश में लगी है। पुलिस टीम यह पता लगा रही है कि पुनीत वर्मा किन-किन साइबर ठगों के सीधे संपर्क में था और इस खाते के माध्यम से और कितने रुपयों का अवैध हेरफेर किया गया है। सात राज्यों में दर्ज शिकायतों का आपस में मिलान करके पुलिस पूरे तंत्र का पर्दाफाश करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।



















