उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग की लत ने एक युवक को जुर्म के रास्ते पर धकेल दिया। गाजियाबाद की कविनगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है जो पेशे से पीड़ित मकान मालिक का ही किराएदार निकला। आरोपी ने ऑनलाइन एविएटर गेम में हुए भारी कर्ज को चुकाने के नापाक इरादे से इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने उसके पास से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद करने में सफलता हासिल की है।
गोविंदपुरम इलाके में हुई थी वारदात
यह पूरी घटना गाजियाबाद के गोविंदपुरम क्षेत्र की है। स्थानीय निवासी लल्लू सिंह मौर्य ने 27 जुलाई 2026 को कविनगर थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि जब वे घर पर नहीं थे, तब किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया और अलमारी में रखे कीमती जेवर तथा नकदी चुरा ली। इस शिकायत के मिलने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गहराई से छानबीन शुरू कर दी गई।
जांच के दौरान ऐसे खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए कविनगर थाना पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अपने स्थानीय खुफिया तंत्र यानी मुखबिरों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया। इसी तकनीकी और जमीनी सर्विलांस के आधार पर पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि चोरी की इस घटना को अंजाम देने वाला संदिग्ध गोविंदपुरम बस अड्डे के पास मौजूद है। बिना देर किए पुलिस टीम ने घेराबंदी की और 22 अगस्त 2026 को आरोपी को धर दबोचा।
कौन है आरोपी और क्या है उसकी पृष्ठभूमि
पकड़े गए आरोपी की पहचान विशाल के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 29 वर्ष है। उसके पिता का नाम हेमराज सिंह है। वह मूल रूप से बिजनौर जिले के स्योहारा थाने के अंतर्गत आने वाले आबिदनगर उर्फ धुंधली गांव का रहने वाला है। दिलचस्प और चौंकाने वाला पहलू यह है कि विशाल उसी मकान में यानी गोविंदपुरम के जे-57 पते पर किराए पर रहता था जिसके मालिक लल्लू सिंह मौर्य हैं। उसे पहले से ही इस बात की पूरी जानकारी थी कि मकान मालिक के घर में कीमती जेवर और नकदी कहां रखी जाती है।
गेम की लत और नौ लाख का भारी कर्ज
पुलिस पूछताछ में आरोपी विशाल ने जो खुलासे किए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। उसने बताया कि वह ऑनलाइन एविएटर गेम खेलने का गंभीर रूप से आदी हो चुका था। उसने शुरुआत में इस गेम के जरिए करीब 15 हजार रुपये जीते थे, जिससे उसका लालच और उत्साह बढ़ गया। इसके बाद वह लगातार इस गेम में पैसे लगाता चला गया, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और धीरे-धीरे उस पर करीब नौ लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज हो गया। कर्ज के बोझ से घुट रहे आरोपी के दिमाग में एक वक्त आत्महत्या करने का भी विचार आया था, लेकिन वह हिम्मत नहीं जुटा पाया और अंततः उसने चोरी करने की खौफनाक योजना बना ली।
ताला और अलमारी काटकर की थी चोरी
योजना के तहत आरोपी को यह भली-भांति पता था कि मकान मालिक कुछ दिनों के लिए बाहर जाने वाले हैं और घर में जेवर व नकदी मौजूद है। इसी का फायदा उठाते हुए उसने 24 जुलाई की रात मकान मालिक के कमरों के ताले और अलमारी का लॉकर काटकर चोरी की इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। खास बात यह है कि चोरी किए गए सामान में से कुछ पीली धातु के आभूषणों को उसने पहचान मिटाने के इरादे से पिघलाकर उनके छोटे-छोटे टुकड़े भी कर दिए थे। वह उस चुराए हुए सामान को बाजार में बेचने की फिराक में था, तभी पुलिस के हाथ लग गया।
बरामदगी और आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके कब्जे से चोरी किया गया सारा सामान बरामद कर लिया है। बरामदगी में करीब 85 ग्राम पीली धातु के आभूषण, लगभग 1100 ग्राम सफेद धातु के आभूषण और 65,870 रुपये की नकदी शामिल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है ताकि मामले में किसी भी तरह की कानूनी ढील न रहे।


















