मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुए हमले की घटना के सामने आने के बाद से ही शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस सनसनीखेज वाकये ने हर किसी को चौंका दिया है और लोगों के जहन में फिल्म जगत से जुड़ी पुरानी और डरावनी यादें ताजा कर दी हैं। प्रारंभिक जानकारियों के अनुसार, तीन हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन गनीमत रही कि गोली उन्हें छूकर निकल गई और वह सुरक्षित बच गए। इस घटना ने तुरंत लोगों को संगीत जगत के दिग्गज गुलशन कुमार के साथ हुए उस दर्दनाक हादसे की याद दिला दी, जिन्होंने इसी तरह के एक हमले में अपनी जान गंवा दी थी।
गुलशन कुमार हत्याकांड से हो रही तुलना
टाइगर श्रॉफ पर हुए इस जानलेवा हमले के बाद से ही सोशल मीडिया और आम चर्चाओं में साल 1997 की उस घटना का जिक्र होने लगा है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर संगीत की दुनिया में एक बड़ा मुकाम हासिल किया था। लेकिन 12 अगस्त 1997 को मुंबई में जब वह एक मंदिर से लौट रहे थे, तब तीन हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। उस हमले में वह अपनी जान नहीं बचा पाए थे और उनका इस तरह दुनिया से चले जाना बॉलीवुड के इतिहास के सबसे काले और दर्दनाक अध्यायों में गिना जाता है। वर्तमान घटना में भी तीन हमलावरों के शामिल होने की बात सामने आने के कारण लोग दोनों मामलों के बीच समानताएं तलाश रहे हैं।
फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा
टाइगर श्रॉफ बॉलीवुड के उन लोकप्रिय कलाकारों में गिने जाते हैं जो अपनी बेहतरीन फिटनेस और शानदार एक्शन फिल्मों के लिए पहचाने जाते हैं। उन पर हुए इस हालिया हमले के बाद से उनके प्रशंसकों के बीच गहरी चिंता का माहौल है। हालांकि इस घटना के पीछे की असली वजह, इसके पीछे के आरोपियों की भूमिका और तमाम परिस्थितियों को लेकर पुलिस की आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना बेहद जरूरी है। सार्वजनिक जगहों पर मशहूर हस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी पुख्ता है, यह सवाल अब एक बार फिर बहुत बड़ा बन गया है। टाइगर श्रॉफ तो इस बार अपनी किस्मत के सहारे बाल-बाल बच गए हैं, लेकिन इस पूरी स्थिति के बीच सलमान खान जैसे अन्य बड़े कलाकारों पर भी लगातार मंडरा रहे खतरों की चर्चा फिर से तेज हो गई है।
सामान्यताएं और सुरक्षा की बड़ी चूक
यदि दोनों घटनाओं का गहराई से विश्लेषण किया जाए तो टाइगर श्रॉफ और गुलशन कुमार के मामलों में एक बात बिल्कुल एक जैसी दिखाई देती है, और वह है दोनों पर हमला करने वाले बदमाशों की संख्या। दोनों ही मामलों में तीन हमलावरों द्वारा गोलीबारी किए जाने की बात सामने आई है, हालांकि दोनों घटनाओं की परिस्थितियां और समय पूरी तरह से अलग हैं। इन दोनों मामलों के बीच सीधे तौर पर कोई संबंध जोड़ना ठीक नहीं होगा, लेकिन यह बात बहुत अहम है कि टाइगर श्रॉफ इस बार सुरक्षित हैं, जबकि गुलशन कुमार को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। यह पूरी तुलना आज भी इस बात की कड़वी सच्चाई याद दिलाती है कि सुरक्षा व्यवस्था में जरा सी भी चूक कितनी भारी पड़ सकती है और इसकी कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

















