यदि आपका मोबाइल फोन कहीं खो गया है, चोरी हो गया है या अचानक गायब हो गया है, तो अब परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। जौनपुर पुलिस ने आम नागरिकों के लिए गुमशुदा और चोरी हुए स्मार्टफोन को तलाशने की प्रक्रिया की जानकारी दी है। सीओ सिटी आईपीएस गोल्डी गुप्ता के अनुसार, फोन के गायब होने की स्थिति में सबसे पहले उसके आईएमईआई नंबर का उपयोग करके सीईआईआर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवाना जरूरी है। इसके अलावा, स्थानीय पुलिस थाने में भी इसकी सूचना देना अनिवार्य माना गया है।
बरामद किए गए बहुमूल्य फोन
जौनपुर पुलिस की तरफ से गायब और चोरी हुए मोबाइल सेटों को ढूंढने के लिए निरंतर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी मुहिम के अंतर्गत पुलिस ने कुल 201 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए हैं। इन सभी उपकरणों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 45 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधिकारियों द्वारा यह सभी खोजे गए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सकुशल लौटाए जा रहे हैं ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।
सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
आईपीएस गोल्डी गुप्ता ने स्पष्ट किया कि हैंडसेट खोने के तुरंत बाद यूजर को उसका आईएमईआई नंबर और अन्य आवश्यक विवरण एकत्र करके सीईआईआर पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके साथ ही नजदीकी थाने में भी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद जैसे ही कोई अनजान व्यक्ति उस उपकरण में नया सिम कार्ड डालकर उसका उपयोग शुरू करता है, तो आईएमईआई नंबर के माध्यम से पुलिस को उसकी लाइव गतिविधि का तुरंत संकेत मिल जाता है।
लोकेशन ट्रैकिंग और पुलिस कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल फोन में किसी भी प्रकार की नेटवर्क गतिविधि नजर आते ही पुलिस उसकी लोकेशन को ट्रैक करना शुरू कर देती है। इसके पश्चात, संबंधित व्यक्ति से संपर्क साधकर यह पूछताछ की जाती है कि उसके पास यह उपकरण कहां से आया। यदि जांच के दौरान यह तथ्य सामने आता है कि फोन का इस्तेमाल करने वाला शख्स चोर है या किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाती है.
कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि लोग अनजाने में सेकंड-हैंड बाजार से चोरी का मोबाइल खरीद लेते हैं। कुछ ग्राहक कम कीमत के लालच में दुकानदारों से फोन तो खरीद लेते हैं, परंतु उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं होती कि वह उपकरण चोरी का है। ऐसे मामलों में पुलिस पूरी गहराई से जांच करती है और सबूतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मोबाइल को उसके वास्तविक हकदार तक पहुंचाने का हरसंभव प्रयास करती है।
लाखों रुपये के गैजेट्स की रिकवरी
जौनपुर पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल के दौरान पुलिस अब तक 2,000 से अधिक खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है। इन सभी गैजेट्स की कुल अनुमानित कीमत लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये बैठती है। अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया है कि नागरिकों के गुमशुदा उपकरणों को ढूंढने और उन्हें वापस दिलाने के लिए यह विशेष अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।



















