बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के वाहन पर हुई गोलीबारी की घटना की जांच में नया मोड़ आ गया है। इस सिलसिले में अब हरियाणा के सोनीपत जिले में भी ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। मुंबई पुलिस की तीन अलग-अलग टुकड़ियां इस वक्त सोनीपत के विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का पूरा ध्यान उन संदिग्ध चेहरों को दबोचने पर है, जो इस वारदात में किसी न किसी तरह से शामिल बताए जा रहे हैं। ताजा जानकारियों के मुताबिक, इस सनसनीखेज मामले में अब तक कुल आठ लोगों को शिकंजे में लिया जा चुका है। इन गिरफ्तारियों में वे दो कथित हमलावर भी शामिल हैं जिन्होंने गोलियां चलाई थीं, साथ ही सोनीपत के पांच स्थानीय निवासी भी धरे गए हैं।
जुहू इलाके में हुई थी वारदात
यह पूरा आपराधिक घटनाक्रम 18 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जब मुंबई के जुहू क्षेत्र में अभिनेता की कार को निशाना बनाया गया था। मोटर साइकिल पर सवार होकर आए हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। गनीमत यह रही कि इस घातक हमले में अभिनेता को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और वे पूरी तरह सुरक्षित बच गए। हालांकि, वाहन चला रहे उनके चालक फिरदौस के बाएं हाथ में गोली लग गई थी, जिससे वे घायल हो गए थे। इस वारदात के तुरंत बाद हरकत में आई स्थानीय पुलिस ने कई जांच दलों का गठन किया और आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी ताकि हमलावरों का सुराग मिल सके।
ट्रेन से पकड़े गए थे संदिग्ध
पड़ताल के दौरान जांच अधिकारियों को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिनसे यह साफ हुआ कि आरोपी मुंबई छोड़कर दूसरे राज्यों की तरफ भाग निकले हैं। इन गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए राजस्थान पुलिस ने 19 अक्टूबर को पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन से तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया था। पकड़े गए इन संदिग्धों की पहचान हरियाणा के सोनीपत से ताल्लुक रखने वाले रेहान और फूल सिंह के रूप में हुई है, जबकि तीसरा शख्स ऋतिक कुमार उर्फ रोशन है जो बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है। पुलिस की शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि ये सभी आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद पहले सूरत पहुंचे थे और वहां से ट्रेन में सवार होकर भागे थे।
साजिश और हथियारों की तलाश जारी
इन तीन संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद ही इस आपराधिक नेटवर्क के तार हरियाणा से जुड़ गए थे। अब मुंबई से आई पुलिस टीमें इस बात की गहराई से पड़ताल करने में जुटी हैं कि इस खतरनाक साजिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके अलावा, हमलावरों को हथियार कहां से मुहैया कराए गए थे और उनके बीच किस माध्यम से संपर्क साधा गया था, इन तमाम पहलुओं की भी कड़ी से कड़ी जोड़ी जा रही है। सोनीपत में चल रही यह छापेमारी इसी बड़ी जांच का एक अहम हिस्सा है, जिसका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।























