अमेरिकी राज्य जॉर्जिया के कैंटन शहर में एक स्कूल को दहलाने की बड़ी साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते विफल कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि चेरोकी हाई स्कूल में घातक गोलीबारी करने की तैयारी में जुटे तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में दो बालिग और एक नाबालिग शामिल है। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, इन संदिग्धों ने स्कूल की इमारत का पूरा नक्शा हासिल कर लिया था और अगले शैक्षणिक सत्र के शुरुआती दिनों में इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने का दिन भी तय कर लिया था। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की साजिश रचने की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है।
साजिश का खुलासा और हमले की पूरी तैयारी
गिरफ्तारी वारंट से मिली जानकारी के मुताबिक, 17 वर्षीय शेन कीथ टेलर और 21 वर्षीय माइकल ब्रैंडन टेरी ने एक अज्ञात नाबालिग के साथ मिलकर यह घातक समझौता किया था। इस योजना के तहत नाबालिग संदिग्ध का मुख्य काम टेलर और टेरी के साथ हथियारों का बंदोबस्त करना था। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह तिकड़ी केवल हथियारों तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने हमले के दौरान पहने जाने वाले विशेष कपड़ों और साजो-सामान की भी विस्तृत सूची तैयार कर ली थी। आरोपियों ने शरीर की सुरक्षा के लिए बॉडी आर्मर, पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड करने के लिए वीडियो कैमरे और कॉम्बैट बूट्स खरीदने की योजना बनाई थी।
दस्तावेजों में दर्ज तथ्यों से पता चलता है कि आरोपियों ने हमले के लिए 20 अगस्त की तारीख मुकर्रर की थी। यह तारीख शैक्षणिक सत्र की शुरुआत यानी 2 अगस्त के लगभग दो सप्ताह बाद की थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि संदिग्धों का सीधा निशाना अटलांटा से करीब 45 मील यानी 72 किलोमीटर उत्तर में स्थित कैंटन का चेरोकी हाई स्कूल ही था।
जांच एजेंसियों की चौकसी से टला बड़ा हादसा
इस भयानक साजिश का सुराग सबसे पहले संघीय जांच एजेंसी एफबीआई को मिला। एफबीआई के अधिकारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध और धमकी भरे संदेशों को देखा, जिसके फौरन बाद स्थानीय स्कूल पुलिस को सतर्क किया गया। स्कूल सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत कैंटन पुलिस विभाग से संपर्क साधा और संयुक्त जांच शुरू की। साइबर सुरागों की पड़ताल करते हुए जांचकर्ताओं ने कैंटन में रहने वाले उस नाबालिग संदिग्ध की पहचान की और उसे सीधे तौर पर इन ऑनलाइन धमकियों से जुड़ा पाया।
सुराग पुख्ता होते ही पुलिस ने तेजी से धरपकड़ शुरू की। सबसे पहले कैंटन में रहने वाले नाबालिग संदिग्ध को 20 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जॉर्जिया के मेटर निवासी टेलर को 23 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया। उसी दिन यानी 23 अक्टूबर को पुलिस ने कैलिफोर्निया के चैट्सवर्थ निवासी तीसरे संदिग्ध टेरी को भी दबोच लिया।
कानूनी शिकंजा और हथियारों की बरामदगी
अदालत में दायर आरोपों के मुताबिक, टेलर और टेरी दोनों पर हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया गया है। वहीं नाबालिग संदिग्ध पर हत्या की साजिश के साथ-साथ सरकारी स्कूलों के कामकाज में बाधा डालने या हस्तक्षेप करने का भी आरोप तय किया गया है। पुलिस ने नाबालिग की उम्र और उसकी पहचान को कानूनी नियमों के तहत सार्वजनिक नहीं किया है।
तलाशी अभियान के दौरान जांच अधिकारियों ने संदिग्धों के पास से कई बंदूकें, गोला-बारूद और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिन्हें सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चेरोकी हाई स्कूल को अब कोई सक्रिय खतरा नहीं है। इसके साथ ही काउंटी के किसी अन्य स्कूल को भी किसी तरह का खतरा नहीं पाया गया है, हालांकि पूरे मामले की जांच अभी जारी है।
अदालती कार्यवाही और अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच
जॉर्जिया के आपराधिक कानून के तहत 17 वर्षीय टेलर को बालिग माना गया है। टेलर के वकील ने बताया कि उन्हें हाल ही में यह मामला मिला है और उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ऑनलाइन अदालती रिकॉर्ड के अनुसार टेलर को बिना जमानत जेल में रखा गया है और उसकी शुरुआती सुनवाई 13 नवंबर को निर्धारित की गई है।
दूसरी ओर, कैलिफोर्निया के चैट्सवर्थ से पकड़े गए टेरी के पास वकील होने या न होने की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। टेरी को कैलिफोर्निया से जॉर्जिया के चेरोकी काउंटी में स्थानांतरित करने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि कैलिफोर्निया में रहने वाले टेरी का जॉर्जिया से क्या संबंध था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अलग-अलग जगहों पर रहने वाले ये तीनों संदिग्ध आपस में कैसे मिले और उनका संपर्क किस माध्यम से हुआ।
स्कूल प्रशासन की प्रतिक्रिया और सुरक्षा इंतजाम
इस साजिश के बेनकाब होने के बाद चेरोकी काउंटी स्कूल डिस्ट्रिक्ट की सुपरिंटेंडेंट मैरी एलिजाबेथ डेविस ने एक ऑनलाइन वीडियो संदेश जारी कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। मैरी एलिजाबेथ डेविस ने कहा, "स्कूल पर खतरे की कल्पना मात्र ही बेहद विचलित करने वाली है।" उन्होंने कहा कि इस तरह की खबर सुनकर किसी भी सामान्य व्यक्ति की तरह वे भी गहरे भावनात्मक तनाव से गुजरी हैं।
डेविस ने आगे कहा कि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के आपसी तालमेल और त्वरित कार्रवाई की बदौलत ही इस खतरनाक योजना को अंजाम तक पहुंचने से पहले रोक दिया गया। उन्होंने संतोष जताया कि स्कूलों की सुरक्षा के लिए बनाई गई प्रणालियों ने पूरी तरह सही तरीके से काम किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान मिले सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेजों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है ताकि साजिश की पूरी परतें खोली जा सकें। काउंटी के सभी स्कूल सामान्य रूप से खुले हुए हैं और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी गई है।



















