राजधानी दिल्ली के पश्चिमी इलाके में खाने को लेकर उपजा मामूली विवाद एक व्यक्ति की जान जाने के साथ समाप्त हुआ। निहाल विहार थाना क्षेत्र के तहत आने वाले ज्वालापुरी इलाके में ठेले पर भोजन कर रहे 35 वर्षीय कार चालक संदीप पर दुकानदार ने चाकू से कई घातक वार कर दिए। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराए जाने के दो दिन बाद संदीप ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में ठेला संचालक आरोपी चिंटू गुप्ता को हिरासत में लेने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। संदीप की मृत्यु के बाद दर्ज प्राथमिकी में हत्या की कानूनी धाराएं जोड़ दी गई हैं।
ज्वालापुरी नाले के पास मामूली बात पर शुरू हुआ झगड़ा
यह खौफनाक वारदात रविवार के दिन ज्वालापुरी नाले के पास घटित हुई। पेशे से कार चालक संदीप उस समय वहां लगे एक ठेले पर छोले-भटूरे खाने पहुंचे थे। ठेला चलाने वाले चिंटू गुप्ता और संदीप के बीच बातचीत के दौरान अचानक तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद की जड़ केवल इतनी थी कि संदीप ने अपनी प्लेट में थोड़े और छोले परोसने का आग्रह किया था। दुकानदार ने इस मांग पर आपत्ति जताई और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी गाली-गलौज में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर आरोपी दुकानदार ने पास रखा चाकू निकाल लिया और संदीप पर टूट पड़ा। आरोपी ने संदीप के पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े।
दो अस्पतालों में चला इलाज, बयान देने की स्थिति में नहीं था घायल
हमले की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से संदीप को तुरंत मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। 26 अक्टूबर को अस्पताल प्रशासन से पुलिस को इस गंभीर घटना की सूचना प्राप्त हुई। डॉक्टरों ने जांच के बाद पाया कि संदीप के शरीर के अहम अंगों पर गहरे जख्म थे और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों ने संदीप को पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए अनफिट घोषित कर दिया। इसके बाद बेहतर और गहन चिकित्सीय देखभाल के लिए संदीप को पंजाबी बाग स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार के दिन संदीप ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस बीच मौके से सुराग जुटाकर आरोपी चिंटू गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था, जिसे अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
परिवार का एकमात्र सहारा था संदीप, पिता ने की अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
मृतक संदीप निहाल विहार के राव विहार इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे और कार चलाकर पूरे घर का भरण-पोषण करते थे। संदीप के असमय चले जाने से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पीछे परिवार में उनकी पत्नी और दो मासूम बच्चे छूट गए हैं, जिनमें बड़े बेटे की उम्र 10 साल और छोटे बेटे की उम्र केवल 4 साल है। संदीप के पिता बिजेंद्र सिंह ने गहरे दुख के बीच बताया कि उनके बेटे का कसूर सिर्फ थोड़ा अतिरिक्त खाना मांगना था। बिजेंद्र सिंह ने दावा किया कि वारदात के समय मौके पर केवल दुकानदार ही नहीं था, बल्कि हमले में तीन से चार अन्य लोग भी शामिल थे जिन्होंने उनके बेटे को घेरा था। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच करते हुए घटना में संलिप्त अन्य सभी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सख्त कानूनी सजा दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गहन छानबीन की जा रही है और मौके पर मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच चल रही है।



















