सीतापुर के बिसवां में महंगाई से जाम तक, हर मोर्चे पर परेशान है जनता, प्रशासन से लगाई गुहार18,766 पेट्रोल-डीजल ऑटो अब बनेंगे इलेक्ट्रिक, तेलंगाना सरकार ने मंजूर की 200 करोड़ की सब्सिडी योजनापिछला जन्म, भूत-प्रेत और इल्यूमिनाटी के ईमेल, इंडियाज गॉट लेटेंट के एक कंटेस्टेंट की कहानियों ने सबको चौंकायाप्रोटियाज टीम का कमाल, जिम्बाब्वे को हराकर नामीबिया टी20 ट्राई सीरीज अपने नाम कीरामायण की कमाई पर यश का बड़ा जुआ, फीस छोड़कर साउथ इंडिया के डिस्ट्रिब्यूशन राइट्स चुनेभीलवाड़ा में पहाड़ियों के बीच बनी दिल के आकार की झील बनी लोगों की पसंदीदा जगहएंथनी एडमंडसन ने गड्ढे में लगाए 50 हजार पौधे, 40 साल बाद बना घना जंगलअमेरिका-ईरान टकराव बन सकता है अफगानिस्तान जैसी लंबी लड़ाई, पैनेटा ने दी चेतावनीचीन में तूफान साउडेल की बारिश से भूस्खलन, 2 लोगों की मौत, 10 की तलाश जारीअंबाला छावनी में सजी 104 साल पुरानी फूल डोल यात्रा, जन्माष्टमी पर उमड़े श्रद्धालु
विझिंजम में करोड़ों के समुद्री खीरे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, बाघ जैसी सुरक्षा वाला निकला यह समुद्री जीवअपराध
6 सित॰ 2026, 10:30 pm (49 मिनट पहले)· 2

विझिंजम में करोड़ों के समुद्री खीरे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, बाघ जैसी सुरक्षा वाला निकला यह समुद्री जीव

केरल के विझिंजम में वन विभाग ने करोड़ों रुपये कीमत के प्रतिबंधित समुद्री खीरे के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्हें वन्यजीव कानून के तहत बाघ जितनी सुरक्षा हासिल है.

केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के विझिंजम में वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित सी ककंबर यानी समुद्री खीरे की खेप जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है. इस मामले में दो लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया है.

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई

वन विभाग को पहले से गुप्त सूचना मिली हुई थी, जिसके आधार पर टीम ने जीश और अजी नाम के दो आरोपियों को दबोच लिया. परुथिप्पल्ली रेंज ऑफिसर के पास सबसे पहले यह जानकारी पहुंची थी, जिसके बाद वन विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में ले लिया. साथ ही जब्त सी ककंबर की खेप को भी कब्जे में लिया गया. अधिकारियों के मुताबिक, अगर यह खेप विदेशी खरीदारों तक पहुंच जाती, तो इसकी कीमत करोड़ों रुपये तक हो सकती थी.

ये भी पढ़ें

न सब्जी, न मछली, समुद्र का अनोखा जीव

नाम में भले ही ककंबर यानी खीरा शब्द जुड़ा हुआ है, लेकिन इसका रसोई में इस्तेमाल होने वाले खीरे से कोई नाता नहीं है. यह असल में समुद्र की तलहटी में रहने वाला एक जीव है, जो वहां जमा जैविक अवशेषों और कचरे को खाकर गुजारा करता है. इसी वजह से इसे समुद्र का सफाईकर्मी भी कहा जाने लगा है. समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में इसकी भूमिका को बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसके भोजन करने के तरीके से ही समुद्र तल की तलछट और पानी की गुणवत्ता संतुलित रहती है. अगर यह जीव समुद्र से गायब हो जाए, तो समुद्र तल पर जैविक कचरा जमा होता चला जाएगा और पानी की सेहत बिगड़ सकती है.

बाघ और हाथी जितनी सुरक्षा

भारत में इस समुद्री जीव को वन्यजीवों में मिलने वाली सबसे ऊंचे स्तर की कानूनी सुरक्षा हासिल है. वन्यजीव कानून की सबसे संवेदनशील सूची यानी पहली अनुसूची में इसे जगह दी गई है, जिसमें बाघ, तेंदुआ और हाथी जैसे सबसे ज्यादा संरक्षित जीव शामिल हैं. यानी इसका शिकार करना, इसे पकड़ना, अपने पास रखना, खरीदना-बेचना या इसका किसी भी तरह का कारोबार करना, हर हाल में कानूनन अपराध माना जाता है.

तस्कर फिर भी क्यों पीछे नहीं हटते

कानूनी पाबंदी के बावजूद इसका काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा, क्योंकि विदेशी बाजार में इसकी बेहद मोटी कीमत मिलती है. कई देशों में इसे भोजन के तौर पर परोसा जाता है और पारंपरिक औषधीय उत्पाद बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है, जिस वजह से इसकी मांग हमेशा ऊंची बनी रहती है. यही भारी मांग और मोटी कमाई तस्करों को लक्षद्वीप सहित भारत के कुछ समुद्री इलाकों की तरफ खींचती है, जहां यह जीव प्राकृतिक रूप से पाया जाता है. वहां से चोरी-छिपे इसे पकड़कर काले बाजार तक पहुंचाने की कोशिशें लगातार होती रहती हैं.

जांच अब भी जारी

विझिंजम की यह कार्रवाई एक बार फिर यह याद दिलाती है कि समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने वाले इस जीव के अवैध कारोबार पर निगरानी और सख्त करने की जरूरत है. फिलहाल वन विभाग जीश और अजी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटा है कि क्या इन दोनों के पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है, जो समुद्री इलाकों से सी ककंबर पकड़कर विदेशों तक पहुंचाने का काम करता हो.

सवाल-जवाब

गिरफ्तारी कहां हुई?
केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के विझिंजम में.
किसे गिरफ्तार किया गया?
वन विभाग ने जीश और अजी नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया.
क्या जब्त किया गया?
प्रतिबंधित सी ककंबर यानी समुद्री खीरे की खेप, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है.
वन विभाग को सूचना कैसे मिली?
परुथिप्पल्ली रेंज ऑफिसर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई.
क्या सी ककंबर कोई सब्जी या मछली है?
नहीं, यह समुद्र की तलहटी में रहने वाला एक जीव है, जो वहां जमा जैविक कचरे को खाकर जीवित रहता है.
भारत में सी ककंबर को कैसी कानूनी सुरक्षा हासिल है?
यह वन्यजीव कानून की पहली अनुसूची में शामिल है, ठीक उसी सूची में जहां बाघ, तेंदुआ और हाथी आते हैं.
प्रतिबंध के बावजूद इसकी तस्करी क्यों होती है?
क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत बहुत ज्यादा मिलती है, जहां इसे भोजन और पारंपरिक दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है.
आगे इस मामले में क्या होगा?
वन विभाग दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रहा है कि इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क तो नहीं है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR