राजधानी दिल्ली में जानलेवा बीमारी रेबीज से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने मिलकर चलाए गए एक ऑपरेशन में मुखर्जी नगर इलाके से 'अभयरब' नाम की रेबीज वैक्सीन का एक संदिग्ध बैच बरामद किया है। जांच में यह बैच 'मिसब्रांडेड' और 'तय मानकों से नीचे' पाया गया है, जिसके बाद मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुखर्जी नगर के ठिकाने पर छापेमारी
पूरा मामला मुखर्जी नगर के एक ऐसे परिसर से जुड़ा है, जहां बिना वैध लाइसेंस के दवाओं से जुड़ा कारोबार चलाया जा रहा था। इस बारे में पुख्ता जानकारी मिलने पर क्राइम ब्रांच और ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने वहां दबिश दी। तलाशी के दौरान टीम को अभयरब रेबीज वैक्सीन का एक बड़ा जखीरा मिला, जिस पर शक होते ही टीम ने वैक्सीन के बैच नंबर KE25012 को संदिग्ध मानते हुए तुरंत सीज कर दिया। यह मामला इसलिए भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि यही वैक्सीन कुत्ते के काटने या किसी और संक्रमित जानवर के हमले के बाद संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मरीजों को दी जाती है। ऐसे में इसकी असलियत और गुणवत्ता सीधे किसी की जान से जुड़ा सवाल बन जाती है।
कसौली लैब की रिपोर्ट ने बढ़ाई गंभीरता
बरामद वैक्सीन असली है या नकली, इसकी पुष्टि के लिए सैंपल जांच के लिए कसौली स्थित सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी भेजे गए थे। जब लैब की रिपोर्ट आई तो मामला और गंभीर हो गया। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि जब्त किया गया बैच 'मिसब्रांडेड' है और यह तय गुणवत्ता मानकों पर भी खरा नहीं उतरता। यानी जो वैक्सीन मरीजों को दी जा रही थी, वह न तो असली लेबल के मुताबिक थी और न ही इस्तेमाल के लायक गुणवत्ता की।
DCGI ने सभी राज्यों को भेजा अलर्ट
लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस संदिग्ध बैच को लेकर सतर्क करते हुए अलर्ट जारी कर दिया। सभी ड्रग कंट्रोल अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने इलाकों में बैच नंबर KE25012 की बिक्री, सप्लाई और मौजूदगी पर कड़ी नजर रखें। DCGI के मुताबिक, इस कदम का मकसद यही सुनिश्चित करना है कि इस बैच की एक भी डोज किसी मरीज तक न पहुंचे। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह संदिग्ध बैच दिल्ली के अलावा किसी और राज्य में भी सप्लाई हुआ है।
चार गिरफ्तार, सिंडिकेट के आकार की तलाश जारी
दिल्ली पुलिस इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली वैक्सीन बनाने और बेचने वाला यह नेटवर्क असल में कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन से लोग शामिल हो सकते हैं। पूरे मामले की तह तक जाने के लिए जांच लगातार जारी है।


















