पुर्तगाल में एक भारतीय रेस्तरां के बाहर दिनदहाड़े हुई अंधाधुंध फायरिंग ने पूरे यूरोप में हलचल मचा दी है. हमले के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर एक लाइव वीडियो सामने आया, जिसमें हमलावरों ने न सिर्फ गोलीबारी की जिम्मेदारी ली, बल्कि रेस्तरां के मालिक को सीधी जान से मारने की धमकी भी दे डाली. इस धमकी में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का नाम लेते हुए कहा गया कि अगली बार निशाना खुद मालिक होगा.
मरसेस इलाके में गूंजी गोलियां
यह वारदात पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन और सिंट्रा के बीच बसे मरसेस इलाके में हुई. यहां भारतीय मूल के एक शख्स, पम्मा, का दिलबाग डोनर कबाब नाम का रेस्तरां चलता है. हमलावर बिना किसी पूर्व चेतावनी के रेस्तरां के ठीक सामने आ धमका और उसे निशाना बनाते हुए एक के बाद एक कई राउंड फायर कर दिए. अचानक हुई इस फायरिंग से आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और इलाके में भगदड़ जैसे हालात बन गए. गोली चलने की आवाज सुनते ही राहगीर और दुकानदार इधर-उधर छिपने को मजबूर हो गए. गोलियां चलाने के फौरन बाद हमलावर मौके से फरार हो गया और पीछे छूट गया दहशत का माहौल.
राहुल आरके मीणा गैंग का दावा
वारदात के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर फायरिंग का लाइव वीडियो और एक पोस्ट वायरल हो गई, जिसमें गैंगस्टर राहुल आरके मीणा ने हमले की खुलेआम जिम्मेदारी ली. पोस्ट में लिखा गया कि इस बार सिर्फ रेस्तरां को निशाना बनाया गया है, लेकिन अगली बार सीधे मालिक को निशाना बनाया जाएगा. इस खुली चुनौती ने साफ कर दिया कि यह हमला किसी आपसी रंजिश या रंगदारी की जंग का हिस्सा है, जिसे अब गैंग सरेआम स्वीकार भी कर रहे हैं. गैंगस्टर का यह अंदाज बताता है कि हमलावर पुलिस या कानून का जरा भी डर नहीं रखते और सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.
दाऊद के नाम पर धमकी
दहशत और गहरी करने के लिए गैंगस्टर ने पोस्ट में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का नाम भी घसीटा. बेहद आक्रामक लहजे में लिखा गया कि अगर इस गैंग ने किसी को एक बार निशाने पर ले लिया, तो उसे दाऊद इब्राहिम भी नहीं बचा पाएगा. इसी वायरल पोस्ट में अमन साहू गैंग, सुनील मीणा गैंग और त्रिशूल गैंग जैसे कई और नाम भी सामने आए, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि इस वर्चस्व की जंग में एक नहीं, बल्कि कई गैंग आमने-सामने हैं और आपस में भी होड़ लगी हुई है.
यूरोप तक पहुंची भारतीय सिंडिकेट की जंग
अमन साहू और राहुल मीणा जैसे कुख्यात नामों के सामने आने के बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं. आशंका है कि भारत में सक्रिय आपराधिक सिंडिकेट अब यूरोप में बसे भारतीय मूल के कारोबारियों से रंगदारी वसूलने की कोशिश में हैं और अपनी आपसी वर्चस्व की लड़ाई को विदेशी जमीन पर भी ले जा रहे हैं. यानी जो गैंगवार अब तक भारत के भीतर तक सीमित समझा जाता था, वह अब यूरोप के शहरों तक फैल चुका है और वहां बसे भारतीय कारोबारियों के लिए खतरे की घंटी बन गया है. फिलहाल पुर्तगाल की स्थानीय पुलिस की ओर से इस हमले और वायरल वीडियो को लेकर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है.


















