सीतापुर के बिसवां में महंगाई से जाम तक, हर मोर्चे पर परेशान है जनता, प्रशासन से लगाई गुहारदिल्ली में इमारत गिरने से हुई मौतों पर राजनाथ सिंह ने जताया दुख, बचाव कार्य जारीभारत-पाकिस्तान फिर मैदान में आमने-सामने? आईसीसी बना रहा त्रिकोणीय सीरीज का खाकाबिना मावा बनाए 10 मिनट के भीतर तैयार होंगे मुलायम पेड़े, ये है झटपट तरीकाजली और दागदार कढ़ाई को नींबू, नमक और बेकिंग सोडा से यूं करें साफ, यूपी के लखीमपुर खीरी जिले की मंजू देवी का घरेलू नुस्खाबल्ले से यूं बरसे वैभव सूर्यवंशी के रन, एक साल में बनाए 700 से ज्यादाअमेरिका-ईरान तनाव के बीच ओपेक देशों ने अक्टूबर तक तेल उत्पादन न बढ़ाने का फैसला किया, त्योहारों पर राहत की उम्मीद टलीराजस्थान के बूंदी शहर में झमाझम बरसात, उमस से मिली बड़ी राहत, फसलों में लौटी हरियाली की उम्मीदजाजपुर में पति के बीमार होने का झांसा देकर महिला को बुलाया, वीरान बंगले में दो युवकों ने किया दुष्कर्मसितंबर महीने में पौधों की ऐसे करें देखभाल, हरा-भरा और फूलों से महक उठेगा आपका घर का बगीचा
सीतापुर के बिसवां में महंगाई से जाम तक, हर मोर्चे पर परेशान है जनता, प्रशासन से लगाई गुहारउत्तर प्रदेश
6 सित॰ 2026, 8:25 pm (27 मिनट पहले)· 6

सीतापुर के बिसवां में महंगाई से जाम तक, हर मोर्चे पर परेशान है जनता, प्रशासन से लगाई गुहार

सीतापुर के बिसवां कस्बे के लोगों ने महंगाई, कालाबाजारी, जाम, जलभराव, जर्जर सड़कों, अधूरे ओवरब्रिज और अस्पताल-रेल सुविधाओं की कमी जैसी कई समस्याएं प्रशासन के सामने रखी हैं।

सीतापुर जिले के बिसवां कस्बे में रहने वाले लोगों ने अपने आसपास की तमाम दिक्कतों को लेकर आवाज उठाई है। चीनी, तेल, दालें और एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों से लेकर टूटी सड़कों, अधूरे पुलों और अस्पताल न होने तक, कस्बे और आसपास के गांवों में रहने वाले लोग रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी झेल रहे हैं।

महंगाई और कालाबाजारी से टूट रही जनता की कमर

कस्बे में हर तरफ महंगाई का असर साफ दिखता है। कालाबाजारी के चलते चीनी, तेल और दालों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और इन्हें काबू में रखने में सरकार नाकाम साबित हो रही है। एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब हजार रुपये के पार जा चुकी है, वहीं प्याज के दाम ने गरीब परिवारों को रुला दिया है। नतीजा यह है कि आम आदमी के लिए घर का मासिक खर्च चलाना भी मुश्किल होता जा रहा है।

ये भी पढ़ें

गन्ना सीजन में बिसवां की सड़कों पर लगता है भीषण जाम

बिसवां में जाम की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। जैसे ही चीनी मिल का गन्ना सत्र शुरू होता है, कस्बे की सड़कों पर गन्ना लादे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और गाड़ियों का कब्जा हो जाता है। इससे आम लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या से स्थायी राहत के लिए बिसवां के चारों ओर रिंग रोड या बाईपास बनाया जाना जरूरी है, ताकि गन्ने से लदे भारी वाहन कस्बे के भीतर से गुजरने के बजाय बाहर से निकल सकें।

छात्राओं के लिए राजकीय महाविद्यालय की मांग

बिसवां कस्बे में छात्राओं के लिए अपना राजकीय महाविद्यालय न होना भी बड़ी समस्या है। कॉलेज न होने से बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है, जिसमें समय और पैसा दोनों ज्यादा खर्च होता है। साथ ही दूर के कॉलेज आने-जाने में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। इसी मजबूरी में कई होनहार छात्राएं बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि कस्बे में ही सरकारी कॉलेज खुलने से बेटियों की पढ़ाई को बड़ा सहारा मिलेगा।

महराजगंज मोहल्ले में जलभराव से लोग परेशान

सीतापुर जिले के बिसवां स्थित महराजगंज मोहल्ले में जलभराव की समस्या ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है। नालियों की सफाई नियमित रूप से न होने के कारण सड़कों पर गंदा पानी भरा रहता है। इससे न सिर्फ आने-जाने में दिक्कत होती है, बल्कि बदबू के साथ बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने कई बार शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला। हालत यह है कि बड़े चौराहे पर थोड़ी सी बारिश होते ही पानी भर जाता है।

कस्बे से लेकर गांव तक जर्जर हैं सड़कें

बिसवां कस्बे के साथ-साथ मानपुर मार्ग, परसेहरा और भिन्नैनी जैसे ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली मुख्य सड़कें भी बदहाल स्थिति में हैं। बारिश के मौसम में ये सड़कें कीचड़ से भरे दलदल में तब्दील हो जाती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूल जाने वाले बच्चों और रोज सफर करने वाले राहगीरों पर पड़ता है, जिन्हें कीचड़ भरी सड़कों से होकर निकलना पड़ता है।

सिधौली रोड और सीतापुर रोड के ओवरब्रिज बरसों से अधूरे

बिसवां कस्बे में सिधौली रोड क्रासिंग पर बन रहा ओवरब्रिज और सीतापुर रोड पर प्रस्तावित ओवरब्रिज, दोनों का निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा है। यह निर्माण कार्य आधा-अधूरा छोड़ दिए जाने से स्थानीय लोगों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

बड़ी लाइन बनने के बावजूद नहीं रुकतीं एक्सप्रेस ट्रेनें

सीतापुर बुढ़वल के बीच बड़ी लाइन बन जाने के बावजूद बिसवां रेलवे स्टेशन पर अब तक किसी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं हो पाया है। इसका खामियाजा दिल्ली सहित अन्य शहरों में आने-जाने वाले व्यापारियों और किसानों को भुगतना पड़ता है, जिन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बिसवां रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की सख्त जरूरत

बिसवां में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल न होना भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब है। गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को करीब तीस से पैंतीस किलोमीटर दूर सीतापुर या करीब साठ किलोमीटर दूर लखनऊ का रुख करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में ही सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनने से हजारों लोगों को इलाज के लिए लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा।

सवाल-जवाब

बिसवां में जाम की समस्या क्यों होती है?
चीनी मिल का गन्ना सीजन शुरू होते ही सड़कों पर गन्ने से लदी गाड़ियां कब्जा कर लेती हैं, जिससे जाम लगता है।
एलपीजी सिलेंडर की कीमत कितनी हो गई है?
एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब हजार रुपये के पार पहुंच गई है।
महराजगंज मोहल्ले में क्या समस्या है?
वहां नालियों की सफाई न होने से सड़कों पर गंदा पानी भर जाता है, जिससे बदबू और बीमारी का खतरा बढ़ गया है।
बिसवां की किन ग्रामीण सड़कों की हालत खराब है?
मानपुर मार्ग, परसेहरा और भिन्नैनी जैसे इलाकों की सड़कें जर्जर हैं और बारिश में कीचड़ में बदल जाती हैं।
बिसवां में कौन से ओवरब्रिज अधूरे पड़े हैं?
सिधौली रोड क्रासिंग ओवरब्रिज और सीतापुर रोड का ओवरब्रिज लंबे समय से अधूरे पड़े हैं।
सीतापुर बुढ़वल बड़ी लाइन बनने के बावजूद क्या दिक्कत बनी हुई है?
बड़ी लाइन बन जाने के बावजूद बिसवां स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है, जिससे व्यापारियों और किसानों को दिक्कत होती है।
गंभीर इलाज के लिए बिसवां के लोगों को कहां जाना पड़ता है?
लोगों को करीब तीस से पैंतीस किलोमीटर दूर सीतापुर या करीब साठ किलोमीटर दूर लखनऊ जाना पड़ता है।
बिसवां में राजकीय महाविद्यालय की मांग क्यों की जा रही है?
ताकि छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े और समय, पैसे और असुरक्षा से जुड़ी दिक्कतें कम हों।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR